पेट्रोल पंप डिजिटल राह पर, ई-वॉलेट पर भी जोर

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नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को बढावा देने के प्रयासों के तहत देश भर में पेट्रोल पंपों ने क्रेडिट व डेबिट कार्ड स्वीकार करने का ढांचा खड़ा किया है। यही नहीं ये पंप नकदी के विकल्प के रूप में ई-बटुआ व मोबाइल बटुआ को भी स्वीकार कर रहे हैं। इसके साथ ही देश भर में 4,800 से अधिक पेट्रोल पंप पीओएस मशीन के जरिए 2,000 रपये प्रति कार्ड नकदी भी दे रहे हैं। बीते दो सप्ताह में इस तरह से 65 करोड़ रपये दिए गए हैं।  पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बारे में एक पहल की औपचारिक शुरआत यहां की। इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘आज से, हम पहले चरण में 53,077 पेट्रोल पंपों पर महीने भर के जागरकता अभियान की शुरूआत कर रहे हैं ताकि डिजिटल भुगतान सेवाओं के इस्तेमाल को बढावा दिया जा सके।’ इसके तहत पेट्रोल पंप कियोस्क लगाएंगे और न केवल पेट्रोल डीजल खरीदने वालों बल्कि अन्य को भी ई भुगतान समाधानों के बारे में बताएंगे। दूसरे चरण में इसे 18,000 रसोई गैस (एलपीजी) वितरण गैस एजेंसियों व सीएनजी पंपों पर लागू किया जाएगा। प्रधान ने कहा कि डिजिटल भुगतान न केवल भुगतान का आसान तरीका है बल्कि इससे कर चोरी व कालेधन पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे अहम् लक्ष्य है। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, ‘सभी राजधानियों तथा प्रमुख शहरों में हमारे दो तिहाई पेट्रोल पंप अब डिजिटल भुगतान समाधान से लैस हैं।’ देश भर में 29,905 पेट्रोल पंपों में पीओएस मशीनें लगी हैं जहां कार्ड स्वाइप कर ईंधन का भुगतान किया जा सकता है या नकदी ली जा सकती है। इसके साथ ही 4,700 पंपों पर अब ई-बटुआ व मोबाइल बटुआ स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहहा कि 1000 से 1200 पंप इस सेवा से हर दूसरे दिन जोड़े जा रहे हैं।

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