शरद अशानी की 'गोल्ड लाइफ रॉड' बचायेगी पंखे पर फांसी लगाकर सुसाइड करने से

मुंबई के एक इंजीनियर ने ऐसा अविष्कार किया है, जो आत्महत्या के प्रयास को नाकाम करने में काफी कारगर साबित हो सकता है।

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आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में में डिप्रेशन और अवसाद हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में किसी को अगर अपनों का सहारा मिल जाता है तो वो इस मुश्किल दौर से पार पा जाता है, लेकिन जिसके पास कोई अपना नहीं होता वो इस अवसाद में ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हिसाब से भारत में हर साल करीब 1.30 लाख लोग सुसाइड करते हैं। इनमें से लगभग 60 हजार लोग पंखे से लटकर आत्महत्या कर लेते हैं।

अशानी पहले पंखे बनाने वाली कंपनी क्रॉम्प्टन ग्रेव में असिस्टेंट जीएम थे।
अशानी पहले पंखे बनाने वाली कंपनी क्रॉम्प्टन ग्रेव में असिस्टेंट जीएम थे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में भारत में 15-29 साल उम्रवर्ग के प्रति एक लाख व्यक्ति पर आत्महत्या दर 35.5 था।

61 साल के शरद अशानी ने अब तक 100 रॉड्स बनाई हैं। उनकी यूनिट हर महीने 10 हजार रॉड बनाने के लिए तैयार है और वे हॉस्टलों में रॉड डोनेट करने के लिए तैयार हैं। वे अब पंखे बनाने वाली कंपनियों से अपना आइडिया शेयर कर रहे हैं।

मुंबई के एक इंजीनियर ने ऐसा अविष्कार किया है, जो आत्महत्या के प्रयास को नाकाम करने में काफी कारगर साबित हो सकता है। मुबंई में मुलुंड के रहने वाले 61 साल के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर शरद अशानी ने एंटी-सुसाइड सीलिंग फैन रॉड बनाई है जिस पर जब कोई खुद को इस पंखे से लटकाने की कोशिश करेगा तो एक निश्चित वेट के बाद पंखे की रॉड नीचे आ जायेगी और पंखे से अलग हो जाएगी। अशानी पहले पंखे बनाने वाली कंपनी क्रॉम्प्टन ग्रेव में असिस्टेंट जीएम थे।

कैसे आया एंटी-सुसाइड रॉड बनाने का आइडिया

शरद अशानी बताते हैं कि साल 2004 में उन्होंने जब मॉडल नफीसा जोसफ की पंखे से लटककर खुदकुशी की खबर पढ़ी, तभी मन में आया था कि ऐसा कुछ करें कि पंखे से कोई खुदकुशी न कर पाए। इसके बाद से उन्होंने अपने आइडिया पर काम करना शुरू किया। शरद के अनुसार, पंखे को छत से लटकाने के लिए जिस सामान्य रॉड का इस्तेमाल होता है, उन्होंने उसमें फेरबदल किया।

शरद अशानी ने सामान्य रॉड के बजाय एक ऐसी रॉड बनाई है जो दो हिस्सों में है। उसके बीच में एक मजबूत स्प्रिंग कुछ इस तरह फिट की गई है कि दोनों टुकड़े मिलकर बिल्कुल एक रॉड बन गए हैं।

एक पंखा अमूमन 6 किलो का होता है, जबकि इसमें लगी स्प्रिंग उसका तीन गुना यानी करीब 18 किलो भार सहन कर सकती है। मतलब यह कि आमतौर पर ये विशेष रॉड सामान्य रॉड की तरह काम करती है, लेकिन जैसे ही उस पर 20 किलो से ज्यादा का वजन पड़ता है, यानी कोई उससे लटककर खुदकुशी की कोशिश करता है, तो वो बीच से दो हिस्सों में बंट जाती है।

इस रॉड का नाम है गोल्ड लाइफ

रॉड के बीच में लगी स्प्रिंग के जरिए पंखा अपनी जगह से काफी नीचे आ जाता है और खुदकुशी करने वाले के सिर में भी नहीं लगता, क्योंकि स्प्रिंग उसे ऊपर वाले हिस्से से जोड़े रखती है। इसी तरह बिजली का तार उसके अंदर कैप लगाकर जोड़ा गया है, जिससे तार टूटने के बाद अगर कोई गलती से पंखे का बटन दबा दे तो करंट भी न लगे।

शरद के मुताबिक, एंटी सुसाइड फैन रॉड इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि सभी तरह के सीलिंग फैन में लग सके। शरद इस अनोखे अविष्कार को पेटेंट करवा चुके हैं। उन्होंने इसे गोल्ड लाइफ नाम दिया है। शरद इस रॉड को अभी प्रायोगिक तौर पर ही बना रहे हैं, इसलिए इसकी कीमत 150 से 200 रुपये तक है। बड़े पैमाने पर उत्पादन होने के बाद कीमत घट सकती है।

ऐसे काम करेगी ऐंटी सुसाइड फैन रॉड

अशानी द्वारा बनाई गई इस रॉड में एक लचीली मशीन लगी है, जैसे ही एक निश्चित वजन से ज्यादा भार इस पर पड़ता है तो रॉड अपने आप पंखे से अलग हो जाती है। जब कोई इस पर लटकने की कोशिश करता है तो रॉड में लगी स्प्रिंग खिंचती है और व्यक्ति सीधे जमीन पर उतर जाता है और रॉड पंखे से अलग हो जाती है। स्प्रिंग की वजह से व्यक्ति को जमीन पर आने में किसी प्रकार कोई झटका नहीं लगता है वह सुरक्षित नीचे आ जाता है।

61 साल के अशानी ने अब तक 100 रॉड्स बनाई हैं। उनकी यूनिट हर महीने 10 हजार रॉड बनाने के लिए तैयार है और वे हॉस्टलों में रॉड डोनेट करने के लिए तैयार हैं। वे अब पंखे बनाने वाली कंपनियों से अपना आइडिया शेयर कर रहे हैं। हर साल लगभग 2.5 लाख पंखे बनते हैं उनके अनुसार ये टेक्निक यदि अन्य कंपनियां अपनाती हैं तो कई लोगों की जान बच सकती है।

जिंदगी बचाने वाले की इस रॉड की कीमत जानकर आप हो जायेंगे हैरान

इस रॉड की कीमत 250 रुपए है और आप इसे पुराने या नए पंखे पर फिट कर सकते हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अशानी ने अपने इस आविष्कार को पेटेंट भी करा लिया है। वे सीलिंग फैन में सुरक्षा चाहते हैं और इसके लिए वे सामान्य रॉड की जगह यह 'ऐंटी सुसाइड रॉड' लगाना चाहते हैं। अशानी के अनुसार अगर इस रॉड के बारे में सभी लोग जानते, तो शायद कितनी ही जानें बच जातीं। 

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