जंग के मैदान से गांवों की गलियों तक का ‘अनंत’ सफर

फौज की नौकरी के बाद जीवन किया ग्रामीणों की सेवा को समर्पितमित्रों के एम समूह ने ग्रामीणों की मदद के लिये शुरू की रोजगारमेलाडाॅटकाॅमवेब पोर्टल के जरिये प्रशिक्षित किसानों को दिलवा रहे हैं रोजगारनई प्रौद्योगिकी के हिसाब से खुद को अनुकूल करने का कर रहे हैं प्रयास

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दीवार पर शान से लटकी फौज की वर्दी, चाय की भाप के बीच कई मुद्दों पर हो रही गर्मागर्म चर्चा और कुछ नया और रोचक सीखने की लगन और इच्छाशक्ति, अनंत सर्विर्सेज़ एण्ड डवलपमेंट की नींव हैं। अनंत किसानों के लिए कौशल निर्माण कार्यक्रम का आकलन करने को तकनीकी साधन प्रदान करने के अलावा रोजगारमेलाडाॅटकाॅम के नाम से एक जाॅब पोर्टल भी संचालित करता है।

कंपनी ने हाल ही में इनोवेंट इंपेक्ट इनवेस्टमेंट होल्डिंग और उपाय सोशल वेंचर्स से अपने काम के लिये प्रारंभिक पूंजी जुटाने में सफलता प्राप्त की है। इसके संस्थापक अजीत सिंह बताते हैं कि ‘समाज में रह रहे हर समुदाय के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने की मूल भावना के साथ उन्होंने अनंत की स्थापना की थी। ‘‘हम अपना आप को किसी भी एक प्रकार के विचार में बांधकर या काम में लगाकर सीमित नहीं करना चाहते। अनंत का शब्दिक अर्थ ‘असीम’ और ‘असंख्य’ भी है और हमार प्रतीक चिन्ह भी हमारी ‘अतंतता’ को ही दर्शाता है।’’

अनंत की कहानी के अतीत के पन्ने पलटने पर अजीत का सेना में बिताया गया जीवनकाल सामने आता है जो उनकी जीवटता का प्रमाण है। ‘‘सेना में बिताए गए समय ने मुझमें कठिन से कठिन परिस्थितियों और व्यक्तियों को पार पाने की क्षमता को विकसित करने के अलावा बड़ी टीमों को संभालने और दूर-दराज के इलाकों की अनवरत यात्रा करने के कबिल बनाया है। बीते हुए समय पर नजर डालने पर मैं पाता हूँ कि मैंने सेना में जो किया वह न केवल चुनौतीपूर्ण और मजेदार था बल्कि उसने मुझे वर्दी उतारने के बाद कुछ नया करने के लिये भी तैयार किया। मैंने देश के कुछ सबसे कठिन स्थानों पर समय बिताने के अलावा एक बार 1999 में पूरे संघर्ष में भी देशसेवा की। सामने आने वाली हर स्थिति और परिस्थिति मेरे लिये जीवन के महत्व को समझने का एक अवसर थी। इसक काम की वजह से मैं विशष रूप से देश के अंदरूनी इलाकों में रहने वालों से मिल सका और उनके सामने आने वाली दिक्कतों से रूबरू हो सका।’’

सेना की नौकरी छोड़ने के बाद अजीत ने ऐसे लोगों के लिये कुछ करने का जज्बा दिखाया और डेवेलपमेंट प्रोफेशनल बनने का फैसला किया। वे दिल्ली में अपने कुछ दोस्तों के साथ एक चाय की दुकान में मिलते और इस बारे में विस्तार से बातें करते। ‘‘हम पांच दोस्त देश के ग्रामीण इलाकों में कौशल निर्माण परियोजनाओं को विकसित करने वाले विभिन्न संगठनों के लिये काम कर रहे थे। हमने इन इलाकों में रहने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों और परेशानियों का बारीकी से अध्ययन किया और ये पाया कि हम उनके लिये जो कुछ रहे थे उसका उनके जीवन पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं हो रहा था।’’

चाय की दुकान पर होने वाली इन लंबी वार्ताओं से ‘अनंत’ की कल्पना साकार हुई। ‘‘यात्रा का शुरूआती चरण बहुत मुश्किल था और समय के साथ हमारे साथी कम होते गए। अंत में सिर्फ हम दो, सुरेश कुमार और मैं ही बचे।’’ बीते एक वर्ष के दौरान इस टीम ने अपना ध्यान तीन मुख्य क्षेत्रों, पोस्ट प्लेसमेंट ट्रेकिंग, मूल्यांकन जाॅब पोर्टल पर केंद्रित किया।

‘‘हमने लाभार्थियों और नियोक्ताओं की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और प्रतिक्रिया को समझने के लिए डाटा इकट्ठा किया और उसे अपने विकसित किये आवेदन पत्र पर संकलित करवाया। इस जानकारी का प्रयोग कर हमारे भागीदार एक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कर समग्र परियोजना की निगरानी के अलावा इसके प्रदर्शन का मूल्यांकन और पूरे डिजाइन में पाठ्यक्रम सुधार लागू करने के लिए एक रणनीतिक स्तर पर निर्णय ले सकते हैं।’’

इसके अलावा अनंत ने मूल्यांकन के क्षेत्र पर भी नजर डाली और किसानों के जीवन को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। ‘‘हमने भारतीय कृषि कौशल परिषद (एएससीआई) के साथ साझेदारी की और अलग-अलग कामों के लिये प्रशिक्षित किसानों का मूल्यांकन करना शुरू किया। वास्तव हम इस काम को तकनीकी तौर पर करने वाली कुछ प्रारंभिक संस्थानों में से एक थे,’’ अजीत कहते हैं। इन्होंने अबतक 19 क्षेत्रीय भाषाओं वाले 11 राज्यों के 30 हजार से अधिक किसानों का मूल्यांकन किया है।

रोजगारमेलाडाॅटकाॅम एक एसएमएस आधारित वेब मंच है जो बिल्कुल निचले स्तर पर नौकरी की तलाश कर रहे ग्रामीण युवाओं को संभावित नियोक्ताओं तक पहुंचाता है। ‘‘हमारे माॅडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन सेवाओं का लाभ कोई भी बेरोजगार बिल्कुल निःशुल्क उठा सकता है। हम लगातार नियोक्ताओं के बीच अपनी साख और पैठ बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं ताकि हम अधिक से अधिक लोगों की सहायता कर सकें,’’ अजीत कहते हैं।

‘‘प्रारंभ में संसाधनों की कमी के अलावा हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रति विश्वसनीयता पैदा करना था। लोगों को इस बात का भरोसा नहीं था कि एक नवजात संगठन और छोटी सी टीम इस इतने बड़े काम को करने में सक्षम होगी।’’ बहरहाल, अनंत ने तेजी के साथ प्रगति की और अपने प्ररब्द्ध के दूसरे ही वर्ष में यह लाभ की स्थिति में है। अब निवेशकों का ध्यान भी अनंत की तरफ गया है और वे लोग इसमें निवेश कर रहे हैं। नए दौर के निवेश के साथ अब ये लोग खुद को नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिये तैयार कर रहे हैं और नई मार्केटिंग नीति के साथ छा जाने को तैयार हैं।

अनंत के प्ररब्ध के बारे में बातें करते हुए अजीत यादों के झरोखे में खो जाते हैं। ‘‘जब कुछ अच्छे लोग मिलकर एक टीम बनाते हैं तो उसका परिणाम भी अच्छा ही होता है। हमारी टीम अनुभवी और युवाओं का एक सटीक मिश्रण है जिसके अधिकांश सदस्य मैदान पर डटने और कुछ व्यवहारिक और क्रियशील करने का दृष्टिकोंण रखते हैं। हम सब शुरूआत के संघर्षशील दिनों के साक्षी हैं और सबने स्वामित्व और प्रतिबद्धता की भावना को प्रेषित किया है।’’

एक ऐसे क्षेत्र में काम करते हुए जहां स्थितियां समय के साथ बदलती रहती हों, अनंत को भी लचीली सोच रखने और प्रदर्शित करने की जरूरत रहती है। ‘‘हम लगातार खुद की और अपने हितधारकों की जरूरतों को पूरा करने के लिये नई प्रौद्योगिकी के अनुकूल होने, और उसकों विकसित करने की दिशा में क्रियशील रहते हैं। आप कितना अच्छा कर सकते हैं और आप कितना करना चाहते हैं के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए रखना ही हमारा मुख्य सिद्धांत है।’’