नितिन गडकरी ने किसानों को सस्ती दर पर बिजली देकर देश में कृषि क्रांति की जरूरत पर बल दिया

नई प्रौद्योगिकी के आने तथा नवप्रवर्तन से देश के बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है और इस वृद्धि से कृषि क्षेत्र लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में से एक होगा

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गडकरी ने कहा, ‘‘हमें किसानों को पिटहेड बिजली संयंत्रों "खानों के पास स्थित बिजली संयंत्र सस्ती बिजली तथा देश में कोल बेड मिथेन या कोयला गैसीकरण के उपयोग से उत्पादित यूरिया उपलब्ध कराकर कृषि क्रांति शुरू करने की जरूरत है।’’ सड़क परिवहन, राजमार्ग और पोत परिवहन मंत्री ने दक्षिण गोवा में स्वतंत्र बिजली उत्पादों के संगठन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘नदियों से गाद निकालने, सूक्ष्म सिंचाई के लिये बड़ी पनबिजली परियोजनाओं के बजाए नये प्रकार के बांध समेत जल प्रबंधन में नवप्रवर्तन की जरूरत है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘पूर्व में राज्य सरकारों ने बिजली क्षेत्र में परिक्षण और वितरण खंड में उचित महत्व दिये बिना उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।’’ उन्होंने यह भी कहा, कि ‘‘नई प्रौद्योगिकी के आने तथा नवप्रवर्तन से देश के बिजली क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है और इस वृद्धि से कृषि क्षेत्र लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में से एक होगा।


नितिन गडकरी का कहना है, कि कृषि क्षेत्र पर ध्यान देने और ग्रामीण क्षेत्रों में कम कीमत पर सातों दिन 24 घंटे बिजली देने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की कृषि एवं सिंचाई क्षेत्र में क्रांति लाने की योजना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पर्यावरण और वन से जुड़े कुछ कानून आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये भाग लेते हुए सुरेश प्रभु ने कहा कि सक्रिय रूख, बेहतर नीति और नियमन के जरिये देश कैसे बिजली क्षेत्र बड़े स्तर पर बदलाव से गुजर रहा है। केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने पहले से रिकार्ड अपने संदेश में कहा कि वितरण खंड में वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिये उदय योजना सबसे महत्वपूर्ण कदम है और इससे राज्य बिजली वितरण कंपनियों के कामकाज में कुशलता आएगी।