तलाकशुदा और विधवा महिलाओं की शादी के लिए यूपी सरकार देगी सहायता

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 विवाह करने वाले हर जोडे़ पर मुख्यमंत्री की ओर से 35 हजार रुपये खर्च किये जायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला किया गया। 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
इस योजना के तहत जोड़ों को मुख्यमंत्री की ओर से कई तोहफे और गहस्थी का साज सामान दिया जाएगा। इनमें कपडे़, बिछिया, पायल, अलग अलग तरह के बर्तन और मोबाइल शामिल हैं।

इसके अलावा यूपी सरकार मजदूरों की बेटियों की शादी की भी व्यवस्था करेगी और उन्हें 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी। राज्य के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस विस्तृत एवं महत्वपूर्ण योजना के तहत विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया गया है। विवाह करने वाले हर जोडे़ पर मुख्यमंत्री की ओर से 35 हजार रुपये खर्च किये जायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक समिति रहेगी जो चिन्हित करेगी कि इस योजना का लाभ किन लोगों दिया जा सकता है। खास बात यह है कि इस योजना में विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि इस योजना में हर जोडे़ पर 35 हजार रुपये खर्च होंगे। साथ ही सामूहिक विवाह कराने के लिए कम से कम दस जोडे़ होने चाहिए। यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर निगम, नगर पंचायत, नगर पालिका, जिला पंचायत जैसी संस्थाएं करेंगी। सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत जोड़ों को मुख्यमंत्री की ओर से कई तोहफे और गहस्थी का साज सामान दिया जाएगा। इनमें कपडे़, बिछिया, पायल, अलग अलग तरह के बर्तन और मोबाइल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुछ धनराशि भी दी जाएगी। कुल खर्च 35 हजार रुपये का होगा। लाभार्थियों के खाते में 20 हजार रूपये सीधे दिये जायेंगे। कुल मिलाकर पूरा व्यय 35 हजार रुपये होगा। सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने एक अन्य फैसला किया जो आधार कार्ड से संबंधित था। इस आशय का प्रस्ताव योजना विभाग के माध्यम से लाया गया।

उन्होंने बताया कि जिस प्रकार की सब्सिडी दी जाती हैं, उन्हें आधार कार्ड से संबद्ध किया जा रहा है और सीधे फायदे ट्रांसफर किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में योजनाओं का लाभ सीधे खाते में ट्रांसफर करने के लिए विधेयक पारित नहीं किया गया था। इसलिए एक प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया। महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा में जो चल रहा है, उसी मॉडल के आधार पर हम प्रस्ताव लेकर आये। उन्होंने बताया कि चाहे वृद्धावस्था पेंशन हो या स्कॉलरशिप सारे नकद लेनदेन अब सीधे खाते में ट्रांसफर किये जायेंगे। इसे आधार कार्ड से संबद्ध किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि कुछ स्कीम ऐसी भी हैं, जिन्हें आधार से लिंक करने का कारण है क्योंकि लेखा जोखा रखने के लिए ऐसी आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को भी आधार से लिंक कर रहे हैं ताकि निगरानी सही हो और पता चले कितने लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है। मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में प्रस्ताव पारित हो गया है और अब इस आशय का विधेयक लाया जायेगा। सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के सर्दी के कपडे़ वितरित करने के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों का ड्रेस पब्लिक स्कूल की तरह हो, सरकार का यही प्रयास है। गर्मी का मौसम हो तो वैसी ड्रेस हो, योगी सरकार का पहला निर्णय था।अब जाड़ा आ रहा है तो उनको वैसे कपड़े मिलें, उस दिशा में काम किया जा रहा है। कपडे़ देने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।

इसके अलावा यूपी सरकार मजदूरों की बेटियों की शादी की भी व्यवस्था करेगी और उन्हें 55 हजार रुपये की आर्थिक मदद देगी। राज्य के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। और कहा कि मंडल स्तर पर प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह सम्मेलनों के आयोजन के जरिए श्रमिकों की बेटियों के विवाह का खर्च उठाएगी और नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के लिए बेटियों को 55 हजार रुपये के चेक भी दिए जाएंगे। मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास शिक्षा मदद योजना के तहत मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रुपये तक की व्यवस्था की है। शिशुहित लाभ योजना के तहत बेटी के जन्म पर 15 हजार रुपये और बेटे के जन्म पर 12 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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