हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक योगी आदित्य नाथ होंगे यूपी के 32वें मुख्यमंत्री

उत्‍तर प्रदेश में विधायक दल की बैठक के बाद योगी आदित्‍यनाथ के नाम पर सीएम पद की मुहर लग गई है, साथ ही केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा होंगे डिप्टी सीएम। 19 मार्च को दोपहर 2:15 बजे लेंगे शपथ ग्रहण। 

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उत्तर प्रदेश में भाजपा की दमदार जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए गोरखपुर के पार्टी सांसद योगी आदित्यनाथ के नाम पर लगी अटकलें अब खत्म हो गई हैं। आदित्य नाथ चार बार सांसद रहे हैं और अब यूपी के मुख्यमंत्री होंगे। शनिवार 18 मार्च को विधायक दल की हुई बैठक में उन्हें नेता चुन लिया गया है। योगी आदित्य नाथ 19 मार्च को दोपहर 2:15 पर शपथ ग्रहण करेंगे। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे।

"उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन की स्थापना करने में हम सफल होंगे। मैं आभारी हूं गवर्नर साहब का: योगी आदित्य नाथ"

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा है, कि "उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा सत्ता में आयी है। मोदी का एक ही मंत्र है विकास। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश की नई सरकार सिर्फ विकास और सुशासन के लिए काम करेगी। अन्य दल केवल धर्म और जाति के नाम पर लोगों को भड़काने में लगे रहे, लेकिन भाजपा ने विकास के लिए काम का एजेंडा आगे रखा और भरपूर जनसमर्थन हासिल किया।" शाम पांच बजे यह बैठक आयोजित की गई थी, जो सवा घंटे बाद शुरू हो पाई। 

बैठक के बाद नायडू ने बताया, कि वे और उनके सहयोगी भूपेन्द्र ने शनिवार सुबह से ही विधायकों से बातचीत की और सबका मन जानने की कोशिश की। पिछली विधानसभा में भाजपा दल के नेता रहे शाहजहांपुर के विधायक सुरेश खन्ना ने योगी आदित्यनाथ का नाम प्रस्तावित किया। योगी का नाम प्रस्तावित होने के बाद विधायक दारा सिंह चौहान, स्वामी प्रसाद मौर्य, एसपी बघेल, वीरेन्द्र सिंह सिरोही, मुकुट विहारी वर्मा, हृदय नारायण दीक्षित, रीता बहुगुणा जोशी, धर्मपाल सिंह समेत 11 लोगों ने भी आदित्य नाथ के नाम का समर्थन किया।योगी का नाम आने के बाद वेंकैया नायडू ने किसी और का नाम प्रस्तावित करने की बात भी कही, लेकिन किसी और का नाम आगे नहीं आया। सभी लोगों ने योगी का समर्थन किया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के 32वें मुख्यमंत्री के लिए योगी आदित्य नाथ के नाम पर मुहर लग गयी।

भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्य नाथ ने अनुरोध किया, कि उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा प्रदेश है। यहां सुशासन को बेहतर ढंग से चलाने के लिए दो प्रमुख सहयोगी उप मुख्यमंत्री के तौर पर चाहिए। योगी का प्रस्ताव आने के बाद केंद्रीय मंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात की और आपसी सहमति के बाद केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा का नाम उप मुख्यमंत्री के लिए तय किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अनुमति मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री के लिए केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा का नाम भी तय हो गया।

कल दोपहर 19 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में योगी आदित्य नाथ का शपथ ग्रहण होगा। शपथ ग्रहण समारोह कांशीराम स्मृति उपवन में 2:15 बजे होगा। नायडू के अनुसार, योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य की इच्छा है कि सभी भाजपा शासित और गठबंधन वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हों, साथ ही भाजपा शासित राज्यों के अलावा एनडीए गठबंधन के आंध्रप्रदेश, नगालैंड, सिमि, व जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्रियों के भी आने की संभावना है। उन्होंने जम्मू की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की बात की है।

कहा जाता है, कि हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक योगी आदित्य नाथ भाजपा में हिंदुत्‍व का सबसे बड़ा चेहरा हैं। हिंदू युवा वाहिनी हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी संगठन है। आदित्य नाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं, साथ ही आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी भी हैं। 

योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है। वे चार बार सांसद रहे हैं। आदित्यनाथ उत्‍तराखंड के पौड़ी जिले के पंचूर गांव के रहने वाले हैं। इनका जन्म 5 जनवरी 1972 को उत्तराखंड में के पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव में हुआ था। उन दिनों उत्तराखंड यूपी था।