'Gharfinder' करे मदद, ढूंढे कम कीमत में शानदार घर

महाराष्ट्र के विदर्भ में है Gharfinder की पकड़Gharfinder की टीम में 8 लोग40 बिल्डर के साथ समझौता

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मौका देख कर उसको भुनाना कुछ ही लोगों को आता है। महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में रहने वाले निखिल निंबोरकर और निखिल किटुकले ने जब रियल एस्टेट बाजार में उछाल देखा तो उन्होने इसे मौके के तौर पर लिया। जहां एक और युवा ऊंची ऊंची इमारतों को देख और बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य को देख मोहित हो जाते हैं वहीं इन दोनों दोस्तों ने मकानों को खरीदने, बेचने और किराये पर देने जैसी बोझिल प्रक्रिया को आसान बनाने के बारे में सोचा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इन्होने Gharfinder.com की शुरूआत की। ये एक ऑनलाइन पोर्टल है जो खरीददारों को कई विकल्प मुहैया कराता है।

महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में 11 जिले नागपुर और अमरावती डिवीजन के तहत आते हैं हाल ही में इस इलाके में मकानों के निर्माण कार्य में उछाल आया है। इसकी वजह है कि लोगों में अपने मकान की चाहत बढ़ी है और ज्यादातर संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवार के रूप में बदल रहे हैं। अपने इस काम को शुरू करने से पहले दोनों दोस्तों ने इलाके में रिसर्च और आकलन किया साथ ही लोगों का स्वभाव जानने की कोशिश की। इस दौरान इन लोगों को पता चला कि ज्यादातर युवा काम के सिलसिले में विदर्भ के इलाके को छोड़ बड़े शहरों की ओर जाना चाहते हैं जैसे मुंबई और पुणे लेकिन साथ साथ वो ये भी चाहते हैं कि कुछ सालों बाद जब वो काम से रिटायर हों तो वो वापस लौटें। ऐसे में जब वो दूसरे शहरों में काम कर रहे होते हैं तो उनके लिए मकानों को ढूंढना और उनको खरीदना बड़ी दिक्कत का काम होता है। हांलाकि वो वित्तीय तौर पर अपने पहले घर की खरीदारी के लिए तैयार होते हैं लेकिन उनके इस काम में मदद करने वाला कोई नहीं होता। इन लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है भरोसेमंद ब्रोकर की तलाश जो पारदर्शी और सही तरीके से रियल ऐस्टेट की सेवाएं दे सके।

एक बार इस समस्या को समझने के बाद दोनों निखिल इसका हल खोजने में जुट गये। उन्होने सिर्फ विदर्भ में रहने वाले लोगों के लिए पोर्टल डिजाइन किया। क्योंकि इनका मानना था कि विदर्भ के लोगों की समस्यायें कोई विदर्भ में रहने वाला ही समझ सकता है। आज इनका पोर्टल “विदर्भ के द्वारा विदर्भ के लिए” को तौर पर चर्चित है। दूसरी ओर इस क्षेत्र में पहले से मौजूद बड़ी कंपनियां जैसे 99acres.com, Housing.com और Commonfloor.com अपनी आय का बड़ा हिस्सा अपने प्रचार पर खर्च करती हैं। लेकिन ये लोग ऐसा नहीं करते और खास क्षेत्र में सीमित होने के कारण इनको प्रचार की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती।

इन लोगों ने अपने काम की शुरूआत अमरावती जिले से की जिसे विस्तार देकर अब इन लोगों ने विदर्भ इलाके में अपने पांव जमा लिये हैं। इनकी वेबसाइट अमरावती, अकोला और नागपुर में खासी जानी पहचानी वेबसाइट है। फिलहाल इनकी वेबसाइट के साथ 40 रियल ऐस्टेट बिल्डर और 150 से ज्यादा एजेंट ने समझौता किया है। ये लोग जिन लोगों को भी अपने साथ जोड़ते हैं उससे पहले उसकी असलियत, विश्वसनीयता और इस क्षेत्र में अनुभव का पता लगते हैं। निखिल निबोरकर जो इसके सह-संस्थापक है वो अमरावती में बिल्डरों और ब्रोकरों से खुद मिलते हैं और उनकी जांच पड़ताल के बाद ही अपने पोर्टल के साथ उनको जोड़ते हैं।

इन लोगों का मानना है कि बिल्डरों और ब्रोकरों से मिलने के दो फायदे हैं। पहला ये कि संपत्ति खरीदने वाले को धोखा नहीं होता तो दूसरी ओर सही ब्रोकर और एजेंट ही इन लोगों के साथ जुड़ना चाहते हैं। अपने पोर्टल को और प्रसिद्ध करने के लिए इन लोगों ने हाल ही में तीन दिनों का प्रॉपर्टी शो का आयोजन किया। जिसका नाम रखा “विदर्भ प्रॉपर्टी एक्सपो”। इसमें 45 रियल एस्टेट कंपनियों ने हिस्सा लिया। शो के बाद इनको अच्छी प्रतिक्रियायें मिली हैं। निखिल किटुकले पुणे में रहते हैं। जो सेल्स और मार्केटिंग का काम देखते हैं। जबकि निखिल निंबोरकर अमरावती में रहते हैं। इनकी टीम में 8 लोग हैं जो प्रशासनिक कामों को देखती है। दोनों के अलग अलग शहरों में रहने के बावजूद इनके काम में कोई असर नहीं पड़ता। दोनों के बीच बेहतर तालमेल की वजह से इनके काम में गलती की कोई संभावना ही नहीं रहती। इनकी कंपनी को हाल ही में angel investor ने 10 लाख रुपये का निवेश किया है जिसके बाद इनकी योजना अगले एक साल के अंदर महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में भी अपना कारोबार फैलाने की है।

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