फेसबुक से शुरू हुआ ग्रुप, आज संवार रहा है हजारों की जिंदगी

'घर सुल्तानपुर फाउंडेशन' कर रहा है फेसबुक का सकारात्मक उपयोग...

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उत्तर प्रदेश का एक जिला है, सुल्तानपुर। यहां के नितिन मिश्रा नौकरी करने यूएस गए थे। साल 2008 की बात है, एक दिन अपने शहर को याद करते हुए उन्होंने फेसबुक पर एक ग्रुप बनाया। इस ग्रुप के माध्यम से नितिन और उनकी टीम जरूरतमंदों में वस्त्र वितरित करते हैं, रक्त दान करवाते हैं, स्वच्छता अभियान चलाते हैं। टीम को प्रदेश में सर्वाधिक सात रक्तदान शिविर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित भी किया था...

"घर सुल्तानपुर फाउंडेशन" द्वारा एक कैंसर पीड़ित की 32500 रूपये की आर्थिक सहायता की गयी, साथ ही एक निर्धन मुस्लिम परिवार के लड़की की शादी में आर्थिक मदद भी प्रदान की गयी। पूरे गर्मी भर जिले में कई जगह प्याऊ लगाये गए, इसी तरह और भी कई नेक और बड़े काम कर रहा है ये ग्रुप।

विकास के दो क्रम होते हैं, या तो ऊपर से नीचे या फिर नीचे से ऊपर। दोनों ही विकास-प्रक्रम अपने मायनों में जरूरी होते हैं। कुछ व्यवस्थाएं, सुधार ऊपर से नीचे होकर पहुंचते हैं, कुछ की मशालें सबसे तली में पहले जलती हैं और गुंबद तक को रोशन करती हैं। एक बेहतर समाज की परिकल्पना तभी संभव है जब हरेक नागरिक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। छोटे शहरों से नौकरी करने दूसरे बड़े शहरों, देशों में निकले युवा जब तमाम तरक्कियों के बावजूद अपनी जड़ से खुद को जोड़े रखते हैं और उस जगह की बेहतरी के लिए अपना सामर्थ्य झोंक देते हैं, तब तस्वीरें बदलती हैं।

उत्तर प्रदेश का एक जिला है, सुल्तानपुर। खासा बड़ा नहीं है, वही आम जनजीवन। बड़े नेताओं की संसदीय भूमि होने के बावजूद तमाम सुविधाओं से वंचित। अपनी ही गति में चलता हुआ। यहां के रहने वाले एक युवा नितिन मिश्रा नौकरी करने यूएस गए थे। साल 2008 की बात है, एक दिन अपने शहर को याद करते हुए उन्होंने फेसबुक पर एक ग्रुप बनाया, घर सुल्तानपुर। लोग जुड़ते गए। धीरे-धीरे दिल्ली, बेंगलोर, पुणे, हैदराबाद जैसे शहरों में रह रहे सुल्तानपुर के लोगों ने भी इसी नाम से अपना सिटी चैप्टर का ग्रुप बनाया। इन ग्रुप्स के माध्यम से ये लोग तीज-त्यौहारों में मिलने लगे।

संस्थापक नितिन मिश्रा
संस्थापक नितिन मिश्रा

नितिन ने योरस्टोरी से बातचीत में बताया, इसी मेल-जोल में सबको एक ख्याल आया क्यों न अपने इस समूह का उपयोग अपने शहर को बेहतर करने में किया जाए, जरूरतमंदों की मदद की जाए। अपने शहर को और साफ-सुथरा बनाया जाए। बस फिर क्या था, नेक ख्याल पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया। आज हम फेसबुक ग्रुप से आगे बढ़कर एक स्वयंसेवी संस्था बन गए हैं। अपनी इस संस्था के माध्यम से हम लोग जरूरतमंदों में वस्त्र वितरित करते हैं, रक्त दान करवाते हैं, स्वच्छता अभियान चलाते हैं। हमारे रक्तदान शिविरों के लिए घर सुल्तानपुर फाउंडेशन की टीम को प्रदेश में सर्वाधिक सात रक्तदान शिविर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित भी किया था।

सम्मान का सर्टिफिकेट
सम्मान का सर्टिफिकेट

संस्था की वॉल-पेंटिंग मुहिम को काफी सराहना मिल रही है। शहर भर में अलग-अलग जगहों पर लोग आकर अपनी कूचियों से दीवारों पर प्रेरक कहानियां उकेरते हैं। एक दीवार पर ब्लड डोनेशन के लिए प्रेरित करती पेंटिंग में सभी धर्मों के चिन्ह बनाए गए हैं। इसके पीछे संदेश है कि खून देते वक्त कोई धर्म नहीं देखता, खून केवल खून होता है। पिछले साल घर सुल्तानपुर फाउंडेशन की टीम सोलह रक्त दान शिविर लगा चुके हैं। ये संस्था लोगों के सहयोग से रक्त उपलब्ध करवाने में सक्षम है , आवश्यकता पर पूरे भारत में टीम अपने सदस्यों के माध्यम से रक्त उपलब्ध कराने में सक्षम है।

रक्तदान शिविर की एक तस्वीर
रक्तदान शिविर की एक तस्वीर

इस संस्था के द्वारा एक कैंसर पीड़ित की 32500 रूपये की आर्थिक सहायता और एक महीने का खाद्यान अन्न के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख से अधिक रूपये दिलवाने के लिए हर स्तर से प्रयास किया गया। एक निर्धन मुस्लिम परिवार के लड़की की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान की गयी। पूरे गर्मी भर जिले में कई जगह प्याऊं लगाये गए। एक होनहार निर्धन छात्र की वर्ष भर की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता का बीड़ा उठाया गया, इसी के साथ 3 और ऐसे छात्र छात्राओं का चयन किया गया।

क्योंकि साफ-सफाई हर एक जिम्मेदारी है
क्योंकि साफ-सफाई हर एक जिम्मेदारी है

पौधरोपण हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें बरसात के मौसम में विभिन्न जगहों पर कई जगह वृक्षारोपण किया गया। बाइक चलाने पर हेलमेट लगाने की सभी से अपील कर के जागरूकता अभियान चलाया गया। योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन हुआ और निरन्तर सबको योग करने के लिए प्रेरित किया गया। गर्मी में बंद पड़े सभी सरकारी नलों को ठीक करने के लिए जल विभाग और मुख्यमंत्री के माध्यम से अभियान चलाया गया। नितिन बताते हैं, जिला अस्पताल , बैंक और साथ अन्य विभागों में अनियमितताओं को ठीक करने के लिए निरन्तर हर संभव पत्राचार और प्रयास जारी है। जिले में असहाय व्यक्तियों और पशुओं की देखभाल के लिए प्रकरण संज्ञान में आते ही निरन्तर टीम प्रयास करती रहती है।

पौधारोपण में जुटे लोग
पौधारोपण में जुटे लोग

घर सुलतानपुर फाउंडेशन सुल्तानपुर के साथ साथ लखनऊ, दिल्ली एनसीआर, मुम्बई, पुणे, हैदराबाद, बंगलौर, कोलकता, चेन्नई, गुजरात, गल्फ कंट्रीज, अमेरिकां यूके में बसे सभी सुल्तानपुर के लोगो को एक दूसरे की सहायता हेतु एक करने का निरन्तर प्रयास कर रहा है। टीम में मौजूद जानकार लोग छात्रों और रोजगार ढूंढने वाले लोगों को नियमित कंपनियों में इंटरव्यू की जानकारी के साथ करियर काउंसलिंग करते हैं। इस साल की दुर्गापूजा मेले में लगातार 6 दिन निःशुल्क मेडिकल कैम्प लगाया गया जिसमें कई बीमार पीड़ितों का जिले के प्रमुख डॉक्टरों द्वारा उपचार किया गया कैम्प में बच्चो के लिए कई गेम्स और फन ऐक्टिविटी भी की गयी।

शहर की दीवारों को खूबसूरत बनाने में जुटे नागरिक
शहर की दीवारों को खूबसूरत बनाने में जुटे नागरिक

टीम द्वारा निर्धनों के हेतु वस्त्र कोष और स्टेशनरी कोष का गठन किया गया है जिसमे की लोग अपनी स्वेच्छा से चीजें दान कर सकते हैं, वो वस्तुएं टीम द्वारा उचित व्यक्ति तक पहुंचाई गयी, वस्त्र कोष से नियमित विभिन्न जगहों पर वस्त्र बांटे गये। घर सुल्तानपुर फाउंडेशन आज एक किसी बड़े से संयुक्त परिवार की तौर पर काम कर रहा है। टीम के शामिल हर सदस्य और शहर भर के उत्साही लोगों का एक ही उद्देश्य है, अपने शहर को टॉप क्लास बनाना। 

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IIMC दिल्ली से पत्रकारिता की एबीसीडी सीखी। नेटवर्क-18 और इंडिया टुडे के लिए दो साल तक काम किया। घूमने का जुनून है। इस जुनून को chalatmusaafir.in पर देखा जा सकता है। देश के कोने-कोने में जाकर वहां की विरासत और खासियत को सामने लाने का सपना है।

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