राह चलते मनोरंजन चाहिए? 'फ्राॅपकाॅर्न' है न, बोर नहीं होने देगा....

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बस से मुंबई से बैंगलोर तक का सफर करीब 18 घंटे के आसपास का समय लेता है और इस दौरान बस आॅपरेटर यात्रियों को बड़ी स्क्रीन पर पांच से छः फिल्में दिखा देते हैं। जरूरी नहीं है कि चल रही फिल्में प्रत्येक यात्री को पसंद आयें, लेकिन उनके पास उसे देखने के अलावा कोई और विकल्प नहीं होता है। कैसा हो अगर बसों को भी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की तरह एक मनोरंजन प्रणाली से लैस कर दिया जाए? जी हां एक कंपनी इसी अंतर को पाटने का भरसक प्रयास कर रही है। ऐसी एक कंपनी बीते दस वर्षों से एक दूसरे को जानने वाले कार्तिक पोद्दार और कार्तिक बंसल द्वारा स्थापित की गई है और इनका कहना है कि इनके बीच इनके नाम के अलावा और भी कई समानताएं हैं। इन दोनों ने एक ही इंजीनियरिंग काॅलेज का छात्र बनने के अलावा कुछ समय के लिये एक-दूसरे के साथ माइक्रोसाॅफ्ट में भी काम किया। अंत में इन्होंने मिलकर अपना एक उद्यम प्रारंभ करने की ठानी और इसी वर्ष सितंबर में फ्राॅपकाॅर्न (Fropcorn)के साथ सामने आए। संस्थापक और सीईओ कार्तिक पोद्दार कोमली मीडिया और माइक्रोसाॅफ्ट के साथ प्रोडक्ट मैनेजमेंट और मार्केटिंग के कामों को सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। दूसरी तरफ संस्थापक और सीटीओ कार्तिक बंसल इससे पहले शिनडिग और माइक्रोसाॅफ्ट के साथ काम कर चुके हैं और वे स्वयं को बेहद अव्यवस्थित मानते हैं।

कंपनी का अवलोकन

बैनयनपाॅड टेक्नोलाॅजीज आॅन-डिमांड एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में काम करने वाली एक मीडिया तकनीकी कंपनी है। कंपनी का हाइपर लोकल वितरण उत्पाद फ्राॅपकाॅर्न अपने उपभोक्ताओं को वाईफाई के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की मनोरंजन सामग्री उपलब्ध करवाता है।

उत्पाद और सेवा का विवरण

फ्राॅपकाॅर्न मुख्यतः लोगों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर वाईफाई सक्षम मनोरंजन क्षेत्र की स्थापना करके संचालित होता है। एक बार स्थान के फ्राॅपकाॅर्न सक्षम हो जाने के बाद उपयोगकर्ता वाईफाई के माध्यम से अपने व्यक्तिगत उपकरणों पर फिल्म, गाने, वीडियो, संगीत, ईकिताबे और अन्य प्रकार की सामग्री डाउनलोड या स्ट्रीम कर सकते हैं।

राजस्व का माॅडल

शीर्षक डाउनलोड या फिर सदस्यता के लिये यूज़र माॅनेटाईज़्ड माॅडल

अपने उपभोक्ताओं के लिये आॅन-डिमांड मनोरंजन प्रदान करने की इच्छा रखने वाले एंटरप्राइज़ पार्टनर

आने वाले दिनों में इसके भुगतान पर आधारित एप्प वितरण, प्रायोजित सामग्री और रिच-एड फाॅर्मेट का मुद्रीकरण में परिवर्तित होना

व्यापार

फ्राॅपकाॅर्न ने वायकाॅम, यशराज, रिलायंस, सन टीवी सहित कई प्रमुख स्टूडियो के साथ हाथ मिलाया है। अब कई उद्यम अपने यहां वाईफाई सिस्टम लगवाने के लिये भी इनसे संपर्क कर रहे हैं। इनकी एप्लीकेशन जो फिलहाल बीटा अवस्था में है अबतक 500 डाउनलोड का आंकड़ा पार कर चुका है। वर्तमान में वाईफाई शहरी भारतीय जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है।

फ्राॅपकाॅर्न के पास एयरपोर्ट, माॅल, होटल, इत्यादि जैसे भारी भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के लिये कई बहुत ही ठोस प्रस्ताव हैं। इसकी संस्थापक टीम के पास इस काम को अंजाम देने के लिये आवश्यक अनुभव है और अबतक ये मीडिया की दुनिया के कुछ बड़े नामों को अपने साथ जोड़ने में सफल रहे हैं। फिलहाल फ्राॅपकाॅर्न मुंबई, बैंगलोर और हैदराबाद में उपलब्ध है।

संस्थापक और सीईओ कार्तिक पोद्दार कहते हैं, ‘‘फ्राॅपकाॅर्न पर हम जो भी काम करते हें उसके पीछे उपभोक्ता केंद्रित होना, विनम्रता और उसका आनंद लेना हमारे प्रमुख सिद्धांत हैं।’’

फ्राॅपकाॅर्न की टीम

यह एक 20 सदस्यीय टीम है जो बिजनेस डवलपमेंट, संचालन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बंटे हुए हैं।

कार्तिक पोद्दार कहते हैं, ‘‘दिल से हम लोग एक उत्पाद-तकनीक कंपनी हैं और हमारी टीम के अधिकतर सदस्य इंजीयिरिंग की पृष्ठभूमि से हैं।’’

भविष्य पर एक नजर

वे कहते हैं, ‘‘हम कई स्थानों पर अपनी सेवाएं प्रारंभ कर रहे हैं और इसके अलावा हम कई कार्यक्षेत्रों में भी विस्तार के क्रम में हैं। बसों में संचालन की प्रारंभिक प्रतिक्रिया बहुत ही जबरदस्त रही है और हमारा मानना है कि किसी भी स्थान पर जहां यात्रा या फिर अन्य कारणों से खाली समय है वहां फ्राॅपकाॅर्न की आवश्यकता है। उपयोगकर्ताओं के लिये अपनी सेवाओं को और अधिक रोमांचक बनाने के क्रम में हम कुछ नए सामग्री साझीदारों के साथ भी वार्ता कर रहे हैं ताकि हम अपने उपयोगकर्ताओं को और अधिक बेहतर और विविध सामग्री उपलब्ध करवा सकें।’’

टेक30 से सम्मानित किये जाने के बारे में

कार्तिक पोद्दार कहते हैं, ‘‘टेक30 के बैज ने हमारी साख में जबरदस्त वृद्धि की है और इसकी बदौलत हमारे सामने कई नए रास्ते भी खुले हैं। टेक30 की घोषणा होने के बाद से ही हम संभावित भागीदारों की तरफ से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया पा रहे हैं। टेक30 पुरस्कार को जीतना हमारी टीम के विश्वास को बढ़ाने में काफी मददगार रहा है क्योंकि इससे लोगों के बीच हमारे द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद को लेकर भरोसा बढ़ा है।’’

योरस्टोरी का निष्कर्ष

आज के समय में वाईफाई शहरी भारतीय जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। फ्राॅपकाॅर्न के पास एयरपोर्ट, माॅल, होटल, इत्यादि जैसे भारी भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के लिये कई बहुत ही ठोस प्रस्ताव हैं। इसकी संस्थापक टीम के पास इस काम को अंजाम देने के लिये आवश्यक अनुभव है और अबतक ये मीडिया की दुनिया के कुछ बड़े नामों को अपने साथ जोड़ने में सफल रहे हैं।

वीडियो क्रेडिटः

कैमरामैनः रुक्मांग्डा राजा

वीडियो संपादकः अंजलि अचल


लेखिकाः डोला सामंता

अनुवादकः निशांत गोयल