टैक्स चोरों को पकड़ने के लिए सोशल मीडिया का सहारा, यह कंपनी करेगी काम

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भारत इतना विशाल देश है कि यहां अभी तक टैक्स चोरी को पकड़ने का कोई बड़ा उपाय नहीं किया गया है। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए सरकार अब नए तरीके अपनाने जा रही है। 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
लारसन ऐंड टूब्रो इन्फोटेक(एल ऐंड टी) को सरकार ने सोशल मीडिया ऐनालिटिक्स के जरिए टैक्स नहीं चुकाने वालों का पता लगाने के लिए एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। 

अगर सोशल मीडिया के जरिए टैक्स चोरों को पकड़ने की यह योजना सफल हुई तो कई बड़े टैक्स चोर सरकार की गिरफ्त में होंगे। 

हर कोई जानता है कि देश का विकास बिना टैक्स दिए संभव नहीं है। जितने भी काम सरकार द्वारा किये जाते हैं उन सब पैसों के लिए टैक्स एकमात्र सबसे बड़ा जरिया होता है। लेकिन इसके बावजूद कई सारे लोग टैक्स नहीं भरते हैं। भारत इतना विशाल देश है कि यहां अभी तक टैक्स चोरी को पकड़ने का कोई बड़ा उपाय नहीं किया गया है। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए सरकार अब नए तरीके अपनाने जा रही है। सरकार सोशल मीडिया के जरिए टैक्स चोरों को पकड़ने की कोशिश करेगी। इसके लिए कंपनी लारसन ऐंड टूब्रो इन्फोटेक(एल ऐंड टी) को सरकार ने सोशल मीडिया ऐनालिटिक्स के जरिए टैक्स नहीं चुकाने वालों का पता लगाने के लिए एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। कंपनी को इसके लिए 650 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है।

सरकार लंबे समय से टैक्स देने से बच रहे लोगों पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है। खासकर नोटबंदी के बाद से टैक्स नहीं चुकाने वालों के पकड़ने के लिए सरकार ने मुहिम तेज कर दी है। इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक लार्सन ऐंड टूब्रो कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जलोना ने बताया, 'इसके लिए हमें बहुत ही अडवांस्ड ऐनालिटिक्स का इस्तोमाल करना होगा, इस काम में लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत आएगी।' संजय ने आगे बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट हमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस से मिला है। यह एक हाई वॉल्यूम डिजिटल डील है।

उन्होंने आगे कहा कि हम टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए वेब पेजों को इस तरह से तैयार करेंगे कि कंप्यूटर इसे खुद से पढ़ पाने में सक्षम होगा। सिस्टम का काम करने का तरीका बताते हुए उन्होंने समझाया, 'मान लें कि किसी व्यक्ति की पत्नी विदेश घूमने गई और उसने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीर डाली। अडवांस्ड ऐनालिटिक्स के जरिए यह बात हमारे सिस्टम के पकड़ में आ जाएगी। इसकी जानकारी हम सरकारी संस्थाओं को दे देंगे पाएंगे। जिसके बाद सरकारी संस्थाएं अपने हिसाब से कार्रवाई करेंगी।' बता दें कि एल ऐंड टी इन्फोटेक पिछले साल ही लिस्टेड हुई है।

पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद सरकार ने उम्मीद जताई थी कि लोगों के पास रखा कालाधन बर्बाद हो जाएगा, लेकन कमजोर सिस्टम की वजह से लगभग सब कालाधन सफेद हो गया। इसके बाद सरकार ने उन सभी मामलों की जांच करनी शुरू कर दी जिसमें टैक्स चोरी और ब्लैक मनी रखे होने की शंका थी। कई करदाता ऐसे भी थे जिन्होंने नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स रिटर्न में भी गड़बड़ी की। L&T इन्फोटेक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ेगी। इसके लिए उसे 650 करोड़ का ठेका दिया गया है।

टैक्स चोरों को पकड़ने के लिए आयकर विभाग भी लगा हुआ है। अबब एक जैसे पते, मोबाइल नवंबर तथा ई-मेल जैसी सूचनाओं को जुटाकर एक से अधिक पैन रखने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आयकर विभाग इस तरह के पैन का पता लगाने के लिए आंकड़ा विश्लेषक कंपनियों का उपयोग करेगा। इस कदम का मकसद टैक्स मामले में खामियों को दूर करना और टैक्स चोरी को पकड़ना है। अगर सोशल मीडिया के जरिए टैक्स चोरों को पकड़ने की यह योजना सफल हुई तो कई बड़े टैक्स चोर सरकार की गिरफ्त में होंगे। वैसे जुगाड़ों के देश भारत में ऐसी कोई उम्मीद करना फिलहाल जल्दबाजी ही होगी। 

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