मोटापा कम करने के कुछ आसान तरीके

हेल्दी फूड के नाम पर आजकल कुछ ऐसे भोज्य पदार्थ प्रचलन में आ गये हैं, जो फैटलेस होने का दावा तो करते हैं, लेकिन होते नहीं हैं। ऐसे में ज़रूरी हो जाता है कि आप अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी आदतें जोड़ लें, कि मोटापा दुम दबाकर भाग निकले।

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तला-भुना बाहर का खाना शरीर को हमेशा नुक्सान करता है, जिससे शरीर में कई मेटाबॉलिक बदलाव आ जाते हैं। ये मेटाबॉलिक बदलाव शरीर के वजन को बढ़ाने का काम करते हैं। शरीर का बढ़ा हुआ वज़न न सिर्फ देखने में अजीब लगता है बल्कि ये कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी जन्म देता है। बढ़े हुए वजन का सबसे भयानक रूप है ओबेसिटी।

कई बार मोटापा डिप्रेशन की वजह भी बनता है
कई बार मोटापा डिप्रेशन की वजह भी बनता है
ओबेसिटी से दिल की बीमारी, लिपिड असंतुलित होना, ब्लड शुगर अनियमित होना, हरमोन असंतुलन जैसी कई समस्यायें उत्पन्न हो जाती हैं।

मोटापे की शिकायत किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन जब तीस की उम्र पार होती है तो इस समस्या के ज्यादा होने की आशंका रहती है। खासकर महिलाओं में तीस के बाद मोटापा अपना असर डालना शुरू कर देता है। उम्र के इस दौर में महिलाएं परिवार, अॉफिस और बच्चों में इस कदर उलझ जाती हैं, कि अपने वजन की ओर ध्यान ही नहीं दे पातीं। ऐसे में वजन के बढ़ जाने पर या तो खाने-पीने के मेन्यू में बदलाव करती हैं या फिर जिम जाकर पसीना बहाती हैं, लेकिन मोटापा है कि कम होने का नाम ही नहीं लेता।

मोटापे से होता है डिप्रेशन

कई बार मोटापा डिप्रेशन की वजह भी बनता है। खुद को आईने में अनफिट देखना किसी को भी अच्छा नहीं लगता। कभी-कभी तो मोटापा आत्मविश्वास को भी खत्म करने की कोशिश करता है। आत्मविश्वास का खत्म होना भावनात्मक रूप से तनाव में ला देता है।

मोटापा दूर करने में कारगर हैं ये उपाय

-मिर्च और काली मिर्च खाने से बी एम आर बढ़ता है, तो अब अगली बार जब आप खाना आयें तो मीठे की जगह तीखे को चुनें। व्यायाम भी बी एम आर बढ़ाता है। यदि कसरत करने में असुविधा होता है या फिर आप रेगुलर नहीं रह पाते हैं, तो सिर्फ दिन में एक बार आधा घंटा पैदल चलें।

-ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें। इससे लंबे समय तक भूख महसूस नहीं होती। रेशे वाला भोजन करेंगे तो ज्यादा खाया भी नहीं जाता।

-हमेशा लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें। इससे पसीना बहेगा और कई गुना कैलोरी बर्न होगी। सीढ़ियों से नीचे उतरना भी एक तरह का व्यायाम ही है।

-ज्यादा जिम करने से मांसपेशियां और पानी की कमी हो जाती है। मांसपेशियां शरीर के बी एम आर बढ़ाने में सहायक होती हैं, इसलिए जिम में व्यायाम ज़रा ध्यान से करें।

-जब भी वजन कम करने का सोचें, तो वजन नियंत्रित करने वाली योजनाओं/प्रोग्राम्स को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि उन्हें ज़िंदगी में अपनाना काफी मुश्किल काम होता है।

-जैविक सप्लीमेंट वजन कम करने में काफी मदद करते हैं। ये सप्लीमेंट विटामिन और मिनरल जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों से फोर्टीफाइड होते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं और वजन कम करने में काफी कारगर भी हैं।


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