केरल के छोटे गांव की अनीता के बड़े सपनों ने दिया शिक्षा को नया आयाम

पेशेवर प्रशिक्षण और अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाने वाले आॅनलाइन माध्यम Coursegig.com की हैं संस्थापक....डा. अब्दुल कलाम की पुस्तक विंग्स आॅफ फायर से प्रेरणा लेकर वर्ष 2012 में की स्थापना....कुछ समय तक एक बीपीओ में नौकरी करने के बाद अनीता सेंथिल वापस अपने गृहनगर केरल के एक छोटे से गांव पलक्कड़ आ गईं...छात्रों को इंटरनेट की जानकारी देते हुए शिक्षा प्रदान करने के लिये की Keyways Edu Service की स्थापना...

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‘‘मुझे आजतक यह अहसास नहीं हुआ कि एक महिला होने के नाते मैं किसी काम को करने में अक्षम हूँ। किसी भी उद्देश्य की प्राप्ति के लिये सपना देखिये, उसे प्यार कीजिये, उसको पाने के लिये कड़ा परिश्रम कीजिये और फिर सारा जहां आपका होगा।’’ अनीता सेंथिल का हर शब्द उनकी कहानी की प्रतिध्वनि है। अनीता केरल के एक छोटे से गांव पलक्कड़ के एक निम्न मध्यम परिवार का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनके माता-पिता ने उन्हें अपना करियर चुनने की आजादी दी और उसे हासिल करने के लिए पूरा समर्थन दिया।

अनीता सेंथिल
अनीता सेंथिल

अनीता अगर बचपन से किसी चीज को पाने का सपना देखते हुए बड़ी हुई हैं तो वह उनकी दुनिया पर अपनी एक छाप छोड़ने की प्रबल इच्छा रही है, ‘‘किसी को प्रेरित करने के लिये,’’ वे कहती हैं। और उन्होंने जो कुछ कर दिखाया शायद ही उनके गांव की किसी और लड़की ने ऐसा करने का ख्वाबों में भी सोचा हो। लेकिन जब हम उसने कहते हैं कि उन्हें तो अपनें गांव के अलावा आसपास के इलाकों के लोगों के लिये भी प्रेरणा का स्त्रोत होना चाहिये तो वे शमाकर हंसते हुए हमारी बात को टाल देती हैं।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम की पुस्तक विंग्स आॅफ फायर से प्रेरणा लेकर और अपने मित्रों के प्रोत्साहन के बल पर उन्होंने उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया और वर्ष 2012 में Coursegig.com (कोर्सगिग.काॅम) की स्थापना की। कोर्सगिग पेशेवर प्रशिक्षण और एक बड़े स्तर पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाने वाला आॅनलाइन माध्यम है। इनके पास विभिन्न विषयों से संबंधित अध्ययन सामग्री का एक विशाल संग्रह मौजूद है और ये आॅनलाइन प्रशिक्षक भी उपलब्ध्ध करवाते हैं।

पलक्कड़ में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद अनीता स्नातक और स्नातकोत्तर करने के लिये कोयंबटूर आ गईं। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2008 में चेन्नई में एक बीपीओ के साथ काम करना प्रारंभ कर दिया और यहां बिताया गया समय और मिला हुआ अनुभव उनके आने वाले जीवन की केंद्रीय धुरी बना। अनीता कहती हैं, ‘‘आज मैं अगर अपने जीवन के कुछ कर पाने में सक्षम हूँ तो वह उस समय मिले अनुभव और बिताये गए समय की वजह से ही है।’’

इतने वर्षों तक अपने घर-परिवार से दूर रहना भी उनके लिये काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्हें अपने परिवार की याद बहुत अधिक सताने लगी और उनके लिये उनसे दूर रहना दृष्वार होने लगा तो उन्होंने वर्ष 2009 में अपनी नौकरी को अलविदा कह दिया और अपनी ही गृहनगर में कुछ करने के अवसरों को तलाशने लगीं। इस दौरान उन्हें जो काम मिला वह उन्हें संतुष्टि देने वाला नहीं रहा इसलिये उन्होंने एक फ्रीलांस कंटेट प्रोड्यूयर के रूप में काम करना प्रारंभ कर दिया और इसके बाद उन्होंने अकादमिक क्षेत्र का रुख किया। हालांकि वह बहुत कठिन समय था लेकिन उन्होंने अनीता को और अधिक निडर बनाने में सहयोग दिया। जैसे कि अनीता कहती हैं,

‘‘उस समय मे मुझे अपने जीवन को आगे बढ़ाने और किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस दिया।’’

अपनी का संपूर्ण सफर जीवन के उतारों और चढ़ावों से भरा रहा है और वे अबतक अपनी गलतियों और संघर्ष से सीखती आई हैं।

एक फ्रीलांसर के तौर पर काम करते हुए उन्हें व्यापार की बारिकियों को जानने के अलावा व्यापार की रणनीतियों को समझने और बाजार का अध्ययनन आदि को सीखने का मौका मिला। वे कहती हैं, ‘‘बाजार के विश्लेषण से मुझे अपने मस्तिष्क में लगातार उठने वाले कई सवालों का उत्तर जानने का मौका मिला जैसे मैं यह काम क्यों शुरू कर रही हूँ और इसके अलावा मुझे अपने प्रतिस्पर्धियों के बारे में भी पता चला।’’

अनीता को इस बात पर बेहद गर्व है कि विवाह और मातृत्व उनके इस उद्यम के रास्ते, जुनून और सपनों के बीच रोड़ा नहीं बन पाए और न ही वे अपने मिशन से भटकीं। वे कहती हैं,

‘‘मेरे अधिकतर मित्र मुझसे कहते हैं कि वे अपने परिवार के साथ व्यस्त हैं और उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों से इतर कुछ और करने का समय ही नहीं मिलता है लेकिन मेरा अपना मानना है कि अगर कोई चाहे तो दोनों के बीच प्रबंधन करते हुए संतुलन बनाया जा सकता है। वास्तव में मैं हमेशा सपना देखती रहती हूँ कि आगे क्या करना है और कैसे मैं अपने अगले लक्ष्य को प्राप्त की सकती हूँ। यह मुझे खुशी देता है और महत्वाकांक्षा और आशावाद के साथ वर्तमान जीवन जीने की ऊर्जा प्रदान करता है।’’

अनीता अपनी टीम के बारे में बहुत खुशी-खुशी बात करती हैं, ‘‘मेरी टीम बहुत अच्छी है और वे हर फैसले में मेरा समर्थन करते हैं। मेरे पास फिलहाल काम में सहायता करने के लिये तीन कर्मचारी है और बाकी सभी फ्रीलांसर हैं। यह मेरे लिये प्रबंधन के काम को आसान करने में मददगार साबित होता है। लेकिन मैं कई बार एक कार्यलय के माहौल की कमी को महसूस करती हूँ।’’

उन्होंने इस वर्ष के प्रारंभ में एक बड़ा फैसला लेते हुए कोचीन में Keyways Edu Service (कीवेज़ एजु सर्विस) की स्थापना की। वे कहती हैं, ‘‘कीवेज़ एजु सर्विस के माध्यम से हम छात्रों को एक प्रभावी लागत में बिल्कुल अगल तरीके की शैक्षणिक सहायमा प्रदान करते हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिये कि छात्र लाभांवित हो रहे हैं और वे अपनी शिाक्षा से संबधित लक्ष्यों को पाने की दिशा में ठीक कर रहे हैं उन्हें इंटरनेट और अन्य तकनीकी संसाधन मुहैया करवाते हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य छात्रों को अकादमिक प्रदर्शन के लिये आॅनलाइन सुविधाएं मुहैया करवाना है ताकि वे आने वाले समय के हिसाब से एक बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।’’ अब Coursegig.com और academicpaperhub.com दोनों को कीवेज़ एजु सर्विस में समाहित कर दिया गया है। इनमें से अंतिम पेपर तैयार करने का काम करता है।

एक उद्यमी के तौर पर उन्होंने कभी नेटर्किंग से गुरेज नहीं किया और वे विभिन्न कम्युनिटी की सदस्य हैं। इसकी ही वजह से वे कई दूसरे लोगों के संपर्क में आने में कामयाब रही हैं और इनमें से कई लोगों ने उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रेरित करने का काम किया है।

‘अपने सपनों को पाने के क्रम में दूसरों को उनके सपने पूरे करने में मदद करो’ उनके जीवन का मुख्य दर्शन है जिसके सहारे वे आगे बढ़ती हैं। स्वयं को उत्प्रेरित रखने के लिये वे प्रतिदिन योगाभ्यास करने के अलावा ध्यान भी लगाती हैं। ‘‘मैं सिर्फ अच्छी बातों पर अपना ध्यान केंद्रित करती हूँ और जो कुछ भी करती हूँ उसपर मुझे गर्व है।’’

Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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