भ्रष्टाचार के खिलाफ और कदम उठाएंगे :मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  बड़े नोटों को चलन से बाहर करने के फैसले का विरोध कर रहे लोगों और खासतौर पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बड़ेन्-बड़े घोटालों में शामिल लोग 4000 रपये बदलने के लिए कतारों में खड़े हो रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए और भी कदम उठाने की घोषणा की। सरकार के फैसले की घोषणा के बाद बैंकों, एटीएम के बाहर लंबी कतारों और लोगों की समस्याओं पर पणजी में एक समारोह के दौरान अपने संबोधन में भावुक हो गये मोदी ने लोगों से 30 दिसंबर तक सरकार को सहयोग देने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको वैसा ही भारत दूंगा, जैसा आप चाहते हैं।’’ उन्होंने नगदीरहित व्यवस्था पर और प्लास्टिक मनी को अपनाने पर जोर दिया। एक तरफ जोरदार तरीके से अपनी बात रखते हुए, वहीं बीच बीच में भावुक भी दिखाई दे रहे मोदी ने कहा कि वह अपने कदमों के नतीजे भुगतने को तैयार हैं क्योंकि कुछ ताकतें उनके खिलाफ हैं जिनकी 70 साल की लूट संकट में पड़ गयी है। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि कुछ ताकतें मेरे खिलाफ हैं, जो मुझे जीने नहीं देना चाहतीं, वे मुझे बर्बाद कर सकती हैं क्योंकि उनकी 70 साल की लूट संकट में है, लेकिन मैं तैयार हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार ईमानदार लोगों को परेशान नहीं करना चाहती लेकिन बेइमानों को नहीं बख्शना चाहती। 50 दिन तक मेरा साथ दीजिए। भारत को लूटा गया था या नहीं? मैं यह सब रोकने वाला नहीं। मैं आजादी के बाद से 70 साल के भ्रष्टाचार के इतिहास को उजागर करंगा।’’

प्रधानमंत्री ने गोवा के पणजी और कर्नाटक के बेलगावी में अपने भाषणों में कहा, ‘‘यह अंत नहीं है। मेरे दिमाग में भारत को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए और भी परियोजनाएं हैं। हम बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। यह भ्रष्टाचार और कालेधन को खत्म करने के लिए बड़ा कदम है। अगर भारत में कोई धन लूटा गया है और देश से बाहर जा चुका है तो हमारा कर्तव्य उसके बारे में पता लगाने का है।’’ विपक्षी संप्रग पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कोयला घोटाले, 2जी घोटाले और अन्य घोटालों में शामिल लोगों को अब 4000 रपये बदलने के लिए कतारों में खड़ा रहना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब कांग्रेस ने 25 पैसे बंद किये तो क्या हमने कुछ कहा था? आप केवल 25 पैसे को बंद करने का ही साहस कर सके, आपकी ताकत इतनी ही थी। लेकिन आपने बड़े नोटों को अवैध नहीं बनाया। हमने कर दिया। जनता ने एक सरकार चुनी है और उन्हें उससे बहुत उम्मीद है।’’ मोदी ने कहा कि लोगों ने 2014 में भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वही कर रहा हूं जो इस देश की जनता मुझसे करने के लिए कह रही थी और मेरी कैबिनेट की पहली बैठक से ही यह बहुत स्पष्ट हो गया, जब मैंने काले धन पर एसआईटी बनाई थी। हमने कभी लोगों को अंधेरे में नहीं रखा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे सत्ता में आते ही देश के बाहर रखे काले धन की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। पिछली सरकारों ने इसकी अनदेखी की। क्या मैंने कुछ छिपाया?’’ उन्होंने जन धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमने कर छूट योजना के तहत 67,000 करोड़ रपये एकत्रित किये। पिछले दो सालों में छापों, सर्वे और घोषणाओं के माध्यम से सरकार ने अपने राजकोष में 1,25,00 करोड़ रपये एकत्रित किये थे। मैं देश की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए दवाओं की छोटी छोटी खुराक देता रहा।’’ इस फैसले के लिए किये गये प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने 10 महीने पहले एक गुप्त अभियान शुरू किया था और एक छोटी टीम बनाई थी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जाहिर है कि यह उस तरह नहीं है जिस तरह रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। हमें नयी मुद्रा के नोट छापने होंगे और दूसरे कदम उठाने होंगे। अन्यथा भ्रष्ट लोगों को हालात से निपटने के दूसरे रास्ते मिल जाएंगे। लेनदेन में नगदीरहित प्रणाली की वकालत करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नगदीरहित समाज की बात हो रही है और हमें प्लास्टिक मनी को अपनाना चाहिए। इसलिए हमने बजट में डेबिट और क्रेडिट काडोर्ं से सारे कर हटा दिये हैं।’’ उन्होंने लोगों से नहीं घबराने और 500 रपये को 300 रपये में बदलकर परेशान नहीं होने को कहा। जनता से 30 दिसंबर तक 50 दिन के लिए साथ देने की अपील करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अगर आपको मेरी मंशा में कुछ भी खोट नजर आता हो या मेरी कार्रवाइयों में कुछ गलत नजर आता है तो मुझे सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ा दें। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आपको ऐसा भारत दूंगा जो आप चाहते हैं। अगर किसी को दिक्कत होती है तो मुझे पीड़ा होती है। मैं उनकी समस्या को समझता हूं लेकिन यह केवल 50 दिन के लिए है और 50 दिन के बाद हम सफाई में सफल होंगे।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ। मैंने देश के लिए अपना गांव छोड़ा, परिवार छोड़ा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लाख भ्रष्ट लोगों को छोड़कर पूरी आबादी इस कदम को सफल बनाने के के लिए काम कर रही है। आठ नवंबर की रात जब उन्होंने 500, 1000 रपये के नोटों को बंद करने के फैसले की घोषणा की थी तो करोड़ों लोग शांति से सोये, लेकिन कुछ लाख लोग :भ्रष्ट: नींद की गोली खरीदने वाले हैं क्योंकि उनकी नींद उड़ गयी है।

मोदी ने कहा, ‘‘आपको जानकर हैरानी होगी कि कई सांसदों ने मुझसे कहा कि जेवरात की खरीद के लिए पैन को अनिवार्य नहीं बनाया जाए। ’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज ऐसे लोग भी अपनी विधवा मां के खाते में ढाई लाख रपये जमा कर रहे हैं, जिन्होंने कभी उनका ध्यान नहीं रखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ने तो मुझे लिखित में भी यह बात कह डाली। जिस दिन मैं पत्रों को सार्वजनिक कर दूंगा, वे अपने अपने क्षेत्रों में जाने लायक नहीं रहेंगे।’’ देश में नमक की कमी की अफवाह पर मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा वो कर रहे हैं जिनका काला धन बेकार हो रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आम लोगों को कठिनाइयां आ रहीं है तो मुझे भी इस पर पीड़ा होती है। कृपया इस फैसले को मेरा अहंकार नहीं मानें। मैं समस्याओं को समझता हूं जो देशवासियों के सामने आ रहीं हैं लेकिन यह असुविधा और परेशानी केवल 30 दिसंबर तक की है। सफाई पूरी होने के बाद एक मच्छर भी नहीं उड़ पाएगा।’’ मोदी ने कहा, ‘‘काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में मेरे साथ गरीबों की दुआ और मांओं का आशीर्वाद है जो इसकी सफलता की संचालन शक्ति बन गयी है। मैं आजादी के बाद से भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करंगा। अगर मुझे इस काम के लिए एक लाख नौजवानों की भर्ती करनी पड़ी तो मैं इसे करंगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने कानून बनाकर जवाहरात व्यापारियों के लिए दो लाख से ज्यादा का सोना बेचने पर पैन कार्ड मांगने के नियम को जरूरी बनाया था तो आधे से ज्यादा सांसदों ने मुझसे संपर्क कर इसमें राहत की मांग की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आभूषणों पर उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला किया गया तो हमें बहुत विरोध का सामना करना पड़ा जिसके बाद सरकार को इसके परिणामों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ समिति बनानी पड़ी।

मोदी ने कहा, ‘‘आशंका जताई गयी थी कि आयकर विभाग ज्वेलरों का उत्पीड़न करेगा। मैंने उन्हें पूरा विश्वास दिलाया कि कोई आयकर अधिकारी आपको परेशान नहीं करेगा। अगर कोई करता है तो उससे बातचीत रिकॉर्ड कर लें और मुझे दें। हम उसके खिलाफ कार्रवाई र्करगे।’’ बड़े नोटों को बंद करने के फैसले पर जनता की प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता जताते हुए मोदी ने कहा कि लोगों को बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना होगा। हमें थोड़ी परेशानी होगी लेकिन देश को फायदा हो रहा है। मोदी ने जनता से यह अपील भी की कि छिपा हुआ धन बैंकों में जमा करें और जरूरी हो तो जुर्माना अदा करके मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कुछ लोगों को अब भी लगता है कि वे इंतजार कर सकते हैं तो वे मुझे नहीं जानते।’’

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