रोजनेफ्ट और भागीदार एस्सार अॉयल को 13 अरब डॉलर में खरीदेंगे

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भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अब तक के सबसे बड़े सौदे के तहत रूस की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी रोजनेफ्ट और उसके भागीदारों ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी निजी पेट्रोलियम रिफायनरी कंपनी एस्सार आयल को करीब 13 अरब डालर नकद में खरीदने के सौदे की घोषणा की है।

इसमें एस्सार आयल के तेल-शोधन, बंदरगाह ओर पेट्रोलपंप कारोबार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रूसी कंपनी रोजनेफ्ट के हाथ में होगी। यहां ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूरी राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन के साथ अलग से हुई बैठक के दौरान आज घोषित इस सौदे के तहत बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी नीदरलैंड के ट्रैफीगुरा समूह और रूस की नि9वेशक कंपनी यूनाइटेड कैपिटल पार्टर्स द्वारा एक संयुक्त उद्यम कंपनी के पास जाएगी। इसमें इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 49:49 प्रतिशत होगी तथा दो प्रतिशत शेयर एस्सार समूह के पास होंगे।

टैफीगुरा कंपनी जिंसों का कारोबार करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में है। इसमें रूरी बैंक का धन लगा है और यह एस्सार आयल में अपनी हिस्सेदारी बाद में रोजनेफ्ट को बेच सकती है। एस्सार आयल की दो प्रतिशत हिस्सेदारी अल्पांश शेयरधारकों के पास बनी रहेगी जिन्होंने कंपनी की बाजार सूचीबद्धता खत्म होने के समय इसे अपने पास ही रखा है।

इस सौदे के दो हिस्से हैं जिसमें रिफाइनरी और उससे संबंधित कारोबार में रोजनेफ्ट की अनुषंगी पेट्रोल कॉम्प्लैक्स 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी जबकि नीदरलैंड की तराफीगुरा और रूस की युनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स के समूह की साझा इकाई केसानी एंटरप्राइजेज कंपनी लिमिटेड बची हुई 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस कारोबार का आंका गया मूल्य 72,800 करोड़ रपये :10.9 अरब डॉलर: है। इसके अलावा एस्सार ऑयल के गुजरात स्थित वाडीनार बंदरगाह के लिए 13,300 करोड़ रपये :तकरीबन दो अरब डॉलर: का सौदा भी किया गया है।

इस सौदे की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच बैठक के दौरान की गई। पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने गोवा आए हुए हैं।

इस सौदे से एस्सार समूह को अपने उपर भारी रिण का बोझ कम करने में मदद मिलेगी। पूरी तरह से नकदी के आधार पर किया जा रहा यह सौदा 2017 की पहली तिमाही में संपन्न होने की संभावना है।

एस्सार समूह के निदेशक प्रशांत रूइया ने कहा कि नकद लेनदेन पर आधारित इस सौदे पर एस्सार ऑयल की सालाना दो करोड़ टन की क्षमता की गुजरात रिफाइनरी और भारत में इसके पेट्रोल पंप का सौदा शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लिए नियामकीय अनुमतियां साल के अंत तक मिल जाएगी।