एशियाई ल्यूज चैम्पियनशिप में शिवा केशवन ने जीता गोल्ड

पांच बार शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा ले चुके भारत के शिवा केशवन ने जापान के नगाओ में एशियाई ल्यूज चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद केशवन ने सफलता हासिल की।

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भारत के अनुभवी शीतकालीन ओलंपियन शिवा केशवन ने एशियाई ल्यूज चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है। केशवन ने 1 मिनट 39.962 सेकंड का समय निकालकर जीत दर्ज की है। जापान के तनाका शोहेइ दूसरे और चीनी ताइपै के लियेन ते अन तीसरे स्थान पर रहे ।

फोटो साभार: indianexpress
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इस सप्ताह की शुरूआत में केशवन अपने बायें पैर में चोट लगा बैठे थे और अभ्यास नहीं कर सके थे।

पांच बार शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा ले चुके भारत के शिवा केशवन ने जापान के नगाओ में एशियाई ल्यूज चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। केशवन ने चैंपियनशिप में अपना दबदबा बनाये रखा और दो हीट की रेस में एक मिनट 39.962 सेकंड का बेहतरीन समय निकाला। स्पर्धा में उनकी रफ्तार 130.4 किलोमीटर प्रति घंटा रही और पहले स्थान पर रहकर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मेजबान जापान के तनाका शोहेई एक मिनट 44.874 सेकंड और 124.6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार के साथ दूसरे स्थान पर रहे और रजत जीता जबकि चीनी ताइपे के लिएन तेन एन ने एक मिनट 45.120 सेकंड और 126.3 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के साथ तीसरा स्थान हासिल कर रजत जीता।

इस बार मैंने स्वर्ण पदक जीतने की ठान ली थी और मैं किसी भी बात से घबराया नहीं। इतनी परेशानियों के बावजूद मैंने रेस में जोखिम उठाने का निर्णय किया : शिवा केशवन

केशवन के लिये स्पाइरल ओलंपिक ट्रैक पर हुई इस स्पर्धा से पहले का सफर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा और इसी सप्ताह ट्रेभनग के दौरान वह दुर्घटना का शिकार बी हो गये थे, जिसके चलते उनकी स्लेड टूट गयी थी और साथ ही उनके बायें पैर में चोट आ गई थी। चोट लगने की वजह से केशवन उस तरह से अभ्यास नहीं कर पाये थे, जिस तरह से उन्हें अभ्यास करना चाहिए था और आर्थिक कमज़ोरी के चलते 2016 विश्व चैंपियनशिप में भी वह हिस्सा नहीं पाये थे। कई परेशानियों के होते हुए भी इस तरह स्वर्ण जीतना बड़ी बात है।

2017 में आस्ट्रिया के इन्सब्रुक में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और विश्वकप सर्किट स्पर्धाओं में शिवा केशवन हिस्सा लेंगे, जिसकी मदद से 2018 में कोरिया में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में वह आसानी से अपनी जगह बना पायेंगे।