स्वयं सहायता समूह

0

स्वयं सहायता समूह की योजनान्तर्गत जनपद हरदोई के विकासखण्ड शाहाबाद अंतर्गत 25 गाँव में 100 स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। पुरूष किसान वर्ग के 44 तथा महिलाओं के 56 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के स्वयं सहायता समूह का गठन करने के लिए सबसे पहले सर्वेक्षण के दौरान गाँव के लोगों के साथ संपर्क स्थापित किया । महिलाओं एवं पुरूषों से सम्पर्क स्थापित कर नाबार्ड के उद्देश्य की विस्तृत रूप से चर्चा की।

स्वयं सहायता समूह का गठन करने के उपरांत बैठक का आयोजन किया गया। स्वयं सहायता समूह के द्वारा बचत धनराशि को इकड्ढा कर बैंक ऑफ इण्डिया शाखा शाहाबाद हरदोई में बचत खाता खुलवाया गया। स्वयं सहायता समूह के द्वारा बैंक चार लाख पैंतिस हजार रूपये की बचत कर आपसी लेन देन भी किया गया वहीं रोजगार स्थापित करने के लिए भी धन का उपयोग किया गया।

स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्थान द्वारा स्वरोजगार की दिशा में कदम उठाते हुए अगरबत्ती उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाया। महिलाओं ने अगरबत्ती उत्पादन कार्य शुरू किया और स्वयं सहायता समूह के सामूहिक प्रयास से निर्मित नैमिष अगरबत्ती से उनकी अच्छी आय भी शुरू हुई। स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की उपस्थित में अगरबत्ती का शुभारम्भ दिनांक 18.10.2014 को बैंक ऑफ इण्डिया लखनऊ के जोनल मैनेजर मृत्युजंय कुमार गुप्ता के कर कमलों द्वारा किया गया। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक(नाबार्ड) के जिला विकास प्रबंधक राजीव मोहन, अग्रणी जिला प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह, बैंक ऑफ इण्डिया के शाखा प्रबंधक अजय सलूजा, कृषि विशेषज्ञ डॉ कालीचरण वर्मा उपस्थित रहे।

स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को प्रधानमंत्री जनधन योजना अंतर्गत 600 सदस्यों के बचत खाते खुलवाये गये साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित अटल पेंशन योजना अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के 617 सदस्यों को जोड़ा गया है।

स्वयं सहायता समूह के सदस्यों का क्रेडिट लिंकेज भी कराया जा रहा है जिसके अंतर्गत बैंक ऑफ इण्डिया के द्वारा 13 स्वयं सहायता समूह के सीसीएल कर दिए गये है। ऋण धनराशि को रोजगार स्थापित करने की योजना भी स्वयं सहायता समूह ने बनाई है।

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद नैमिष अगरबत्ती पिछले डेढ़ वर्षों से जिले में बिक्री की जा रही है। अधिकांश महिलाओं को अगरबत्ती से जोड़ने के लिए तथा रोजगार में वृद्धि करने के लिए संस्थान ने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से मिलकर नैमिष अगरबत्ती एलएलपी को भारत सरकार के कम्पनी रजिस्ट्रार से पंजीकृत करा दिया है। नैमिष अगरबत्ती एलएलपी के पंजीकृत हो जाने से स्वयं सहायता समूह के द्वारा तैयार उत्पाद को भारत के किसी भी हिस्से में बिक्री के लिए भेजा जा सकता है कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त होने पर स्वयं सहायता समूह व्यापक रूप से कार्य कर अपना आर्थिक विकास करने में सफल हो रहें है। नाबार्ड की आर.एन.एफ.एस योजना के अंतर्गत संस्थान ने स्वयं सहायता समूह को रोजगार स्थापित कराने के लिए ऋण लिया जिसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूह अगरबत्ती उत्पादन एवं विपणन का कार्य कर आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है।

यह सब राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की कल्याणकारी योजना स्वयं सहायता समूह के द्वारा हो रहा है। स्वंय सहायता समूह के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का बड़ा योगदान है । इसके लिए स्वयं सहायता समूह के पदाधिकारी एवं सदस्यगण राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की सराहना करते हुए सधन्यवाद देते है।