एक साल में100 से भी अधिक मोबाइल एप्लीकेशन और पांच अंकों के आंकड़े को छूता राजस्व

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ग्रोथ हैकिंग टूलकिट के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी है AppVirality (एप्पवाईरेलिटी)...

दो भाइयों राम पापिनेनी और लक्ष्मण पापिनेनी के दिमाग की उपज है एप्पवाईरेलिटी...

सबसे पहले हैदराबाद में लोकर ट्रेन में सफर करने वालों के लिये एमएमटीएस ट्रेन टाइमिंग्स एप्प की थी विकसित...

भारत के अलावा अमरीका, आॅस्ट्रेलिया, स्पेन सहित कई अन्य देशों में 100 से भी अधिक एप्लीकेशनों को कर रहे हैं संचालित ....



राम पापिनेनी नई पीढ़ी के उन युवाओं में से हैं जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रौद्योगिकी और नई-नई एप्लीकेशन के निर्माण के इर्द-गिर्द ही घूमती है। अबसे कुछ वर्ष पूर्व राम ने रेल का सफर करने वाले यात्रियों की दिक्कतों का समाधान खोजने की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए और उनके जीवन को आसान बनाने में मददगार कुछ एप्लीकेशनों का निर्माण करके अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया था।

उनके द्वारा तैयार की गई एक एप्प MMTS Train Timings (एमएमटीएस ट्रेन टाइमिंग्स) हैदराबाद में लोकल ट्रेन से सफर करने वाले उपयोगकर्ताओं को ट्रेन की आवाजाही के समय और वास्तविक समय में उनकी स्थिति पर नजर रखने में मदद करती है। उस दौर में यह हैदराबाद के यात्रियों को स्थानीय ट्रेनों की आवाजाही के समय के बारे में जानकारी देने वाली पहली एप्लीकेशन बनी जिसे रोजाना लगभग 20 हजार के लगभग उपयोगकर्ता प्रयोग में लाते हैं और वर्तमान में प्लेस्टोर पर इसकी रेटिंग 4.4 है।


इस एप्लीकेशन का निर्माण करते समय राम को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसदौरान एक समय ऐसा आया जब उन्होंने खुद को ऐसे दोराहे पर खड़ा पाया जहां उन्हें यह फैसला करना था कि या तो वे सबकुछ स्वयं ही तैयार करें या फिर विभिन्न साॅफ्टवेयर डवलपमेंट किट (SDK) का सहारा लें। ऐसे में उन्होंने अपने इस उत्पाद के बारे में अपने भाई लक्ष्मण पापिनेनी के साथ विचार-विमर्श किया और यह जोड़ी AppVirality (एप्पवाईरेलिटी) के विचार के साथ सामने आई। एप्पवाईरेलिटी का मुख्य काम व्यापार के लिये ग्रोथ हैकिंग टूलकिट के रूप में खुद को स्थापित करना था। बीते वर्ष अपने आगाज़ के बाद से यह कंपनी इनमोबी के सहसंस्थापक राजन आनंदन के अलावा कई नामचीन औद्योगिक घरानों से पूंजीनिवेष पाने में समल रही है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। याॅरस्टोरी ने सफलता की इस यात्रा के बारे में जानने के लिये लक्ष्मण से विस्तृत चर्चा कीः

योरस्टोरीः आप हमें अपने प्रारंभिक दिनों के बारे में कुछ बताइये। साथ ही आप लोगों ने शुरुआत कैसे की?

लक्ष्मणः इस विचार पर विस्तृत चर्चा के बाद हमने मोबाइल एप्लीकेशन निर्माण के काम में लगे 100 से भी अधिक डेवलपर्स से बात की। इस दौरान हमें इस बात कर अहसास हुआ कि एप्लीकेशन डवलपर्स के बीच एक प्लग एंड प्ले ग्रोथ हैकिंग टूलकिट प्रदान करना व्यापार का बहुत बड़ा अवसर है और बस यही से हमने अपने लिये अवसरों के दरवाजे खोले। इस प्रकार हमने एक ऐसे उत्पाद के निर्माण का फैसला किया जो एप्लीकेशन डवलपर्स को चंद मिनटों के समय में उचित विकास तकनीक की पहचान करने और उसका बेहतर तरीके से कार्यान्वयन करने में मदद करता है और इसकी शुरुआत डू इट याॅरसेल्फ डैशबोर्ड से होती है। चूंकि हमारी तकनीक में प्लेस्टोर या एप्पस्टोर से किसी भी प्रकार के अपडेट की या फिर कोडिंग की आवश्यकता नहीं है इसलिये मैं यह मानताा हूँ कि हमारा दृष्टिकोंण बिल्कुल अनूठा है।

योरस्टोरीः आप फिलहाल अपने उपभोक्ताओं को क्या दे रहे हैं? क्या यही वह माॅडल है जिसके साथ आपने आगाज़ किया था?

लक्ष्मणः जी हाँ, बिल्कुल। हम अभी भी उसी माॅडल को अपनाये हुए हैं जिसके साथ हमने शुरुआत की थी। हालांकि हम समय-समय पर अपने प्रयोक्ताओं की राय के हिसाब से इसे अपडेट करते रहते हैं। फिलहाल एप्पवाईरेलिटी ग्रोथ टूलकिट एप्प डवलपर्स को जैविक विकास तकनीकों को महैया करवाने में मदद करता है जिसमें मुख्य रूप से पर्सनलाईस्ड इन-एप्प रेफरल्स, स्वीपस्टेक्स और स्मार्ट सोशल शेयरिंग शामिल हैं।

जैसा कि ऊपर भी बताया जा चुका है विकास के प्रत्येक चरण को एक वेब डीआईवाई (डू इट याॅरसेल्फ) डैशबोर्ड की सहायता से संचालित किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि डवलपर्स को अपने अभियानों के दौरान एप्लीकेशन के कोड के साथ छेड़छाड़ करने या फिर उसे प्लेस्टोर या एप्पस्टोर से अपडेट नहीं करना पड़ता है।

योरस्टोरीः कोई भी उपयोगकर्ता एप्पवाईरेलिटी के माध्यम से इन-एप्प रेफरल्स का प्रयोग कैसे कर सकता है?

लक्ष्मणः किसी भी एप्लीकेशन के लिये इन-एप्प रेफरल्स का प्रयोग करने के लिये सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है और 25 केबी की एक साॅफ्टवेयर डवलपमेंट किट और डीआईवाई (डू इट याॅरसेल्फ) की आवश्यकता पड़ती है। इसके बाद एप्पवाईरेलिटी हर प्रकार के यूज़र इंटरफेस (यूआई), यूज़र रिवार्डस, ईमेल या पुश नोटिफिकेशन भेजने, ए/बी परीक्षण इत्यादि का ध्यान रखता है।

योरस्टोरीः आपको अपने प्रारंभिक उपभोक्ता कैसे मिले? क्या आपको भी निःशुल्क पायलट परीक्षणों के साथ शुरुआत करनी पड़ी?

लक्ष्मणः हम इस मामले में काफी भाग्यशाली रहे कि हमें मिलने वालेे प्रारंभिक उपभोक्ताओं में से अधिकतर इस काम में रुची लेने वाले थे। प्रारंभ में हमारी योजना एक एसएमबी एप्लीकेशन के साथ शुरुआत करते हुए उनकर रुचि को परखने और उसके विकास के आधार पर परिणामों का मूल्यांकन करने की थी। हालांकि हम काफी भाग्यशाली रहे कि हमें कुछ ऐसे उद्यमी उपभोक्ता मिले जो यह चाहते थे कि हम उनकी एप्लीकेशन के लिये इन-एप्प रेफरल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ें। इस प्रकार से हमारा आगाज़ हुआ।

योरस्टोरीः आपके राजस्व का क्या माॅडल है? आप अपने उत्पादों के लिये मूल्य निर्धारण किस प्रकार से करते हैं?

लक्ष्मणः हम अभी तक किसी एक निश्चित मूल्य निर्धारण प्रणाली को अपनाने में कामयाब नहीं रहे हैं और फिलवक्त तो हम अपने उपभोक्ताओं के द्वारा सुझाए जाने वाले विभिन्न तरीकों के साथ परीक्षण करने के दौर में हैं। अबतक का हमारा सबसे लोकप्रिय माॅडल सीपीडी/सीपीआई माॅडल रहा है जिसमें हम अपने उपभोक्ता से प्रत्येक डाउनलोड या इंस्टाॅल पर आधारित एक कीमत लेते हैं। इसी के साथ हम पहले से ही अमरीकी डाॅलर में पांच अंकों के आंकड़े को छू रहे हैं और हमारा इरादा आने वाले 12 महीनों में 1 मिलियन डाॅलर के एआरआर को पाने का है।

योरस्टोरीः वर्तमान में आप किस प्रकार के बाजार और व्यापार को लक्षित करने की योजना बनाकर आगे बढ़ रहे हैं?

लक्ष्मणः फिलहाल हम भारत के अलावा अमरीका, आॅस्ट्रेलिया, स्पेन सहित कई अन्य देशों में विभिन्न विकास तकनीकों से युक्त 100 से भी अधिक एप्लीकेशनों को संचालित कर रहे हैं। भारत में यात्रा, क्विकर, मेकमाईट्रिप, हेल्थकार्ट इत्यादि हमारे उपभोक्तओं में से कुछ जानेमाने नाम हैं।

प्रारंभ में हमने भारत को अपनी कर्मभूमि के रूप में प्रयोग किया क्योंकि हमारा मानना है कि आपको सबसे पहले अपने घरेलू मैदान पर जीतने की आदत होनी चाहिये तभी आप दुनिया को अपनी मुट्ठी में कर पाएंगे। लेकिन इसके बावजमद भारत से बाहर भी हमारा एक बेहतरीन उपभोक्ता आधार है जो लगातार तेजी के साथ बढ़ रहा है।

योरस्टोरीः आप एप्लीकेशन की दुनिया को कैसा आकार लेते हुए देख रहे हैं? एप्पवाईरेलिटी को आप किस मुकाम पर पाते हैं?

लक्ष्मणः आज सारी बहस इस बात को लेकर है कि आप सिर्फ एप्लीकेशन आधारित हैं और यह बहुत साफ है कि आने वाला समय सिर्फ एप्प फस्र्ट या एप्प आॅनली का है। इतना कहने के बाद हर कोई आगाज़ के एक वर्ष के भीतर ही पहले मिलियन डाउनलोड के निशाान को छूने के लिये बेकरार रहता है और इसके लिये कुछ भी करने को तैयार रहता है।

हम अपने आप को एक ऐसे एसडीके के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जिसे हर विकास हैकर अपनी पहली एप्लीकेशन के लाँच के साथ अपनाना चाहे। अपने अनुभवों के आधार पर मैं यह कह सकता हूँ कि हम अपना एक अलग मुकान बना चुके हैं और काफी अच्छी स्थिति में हैं।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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