सपनों का घर बनाना अब और आसान

अगर आप अपना घर चला सकती हैं तो सारा देश भी चला सकती हैं- पुजारिनी, सीईओ, Hostelnpg

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“जब मैंने अपनी नौकरी छोड़कर अपने पति के साथ एक उद्यमी के रूप में Hostelnpg शुरू करने का विचार किया तो मेरे परिवार की प्रतिक्रिया थी, ‘तुम लोग पागल हो गए हो। तुम्हारा एक बेटा भी है, अपने भविष्य के बारे में सोचो?’” Hostelnpg की सीईओ और सह-प्रवर्तक बिस्व पुजारिनी महापात्र ने हमें बताया। Hostelnpg एक विपणन संस्था है, जो सस्ते रिहाइशी फ्लॅट और अस्थाई आवास उपलब्ध कराने का काम करती है। पुजारिनी का पक्का विश्वास है कि किसी उद्यम को शुरू करने के लिए कोई विशेष घड़ी नहीं होती। “जिस समय आपको लगे कि आपके पास एक बढ़िया और कार्यान्वित करने योग्य परियोजना है तो उसी समय उस पर काम शुरू कर देना चाहिए, आपके लिए इतना ही काफी है कि यह विचार किसी की समस्या का समाधान कर सकता है,” वे कहती हैं।

बिस्व पुजारिनी महापात्र
बिस्व पुजारिनी महापात्र

दोहरी भूमिकाएँ

मूलतः भुवनेश्वर, ओड़िशा की रहने वाली पुजारिनी का जन्म और लालन-पालन एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। आईसीएफ़एआई, हैदराबाद से कम्यूटर एप्लिकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने आईटी उद्योग में 10 साल काम किया है। इस दौरान वे प्रसिद्ध तकनीकी कंपनियों, जैसे माइक्रोसॉफ्ट, इन्वेस्टो और एचसीएल के साथ जुड़ी रहीं और इन कंपनियों के सेल्स, फ़ाइनेंस और सोशल मीडिया विभागों में काम करने का अच्छा खासा अनुभव प्राप्त किया। तकनीक के प्रति पुजारिनी अत्यंत उत्साही हैं लेकिन हर क्षेत्र में पूरे जोशो-खरोश के साथ काम करती हैं। “मैं जो भी करती हूँ पूरी लगन और जज़्बे के साथ करती हूँ और अपने काम का पूरा मज़ा लेती हूँ। मैं इस बात की परवाह नहीं करती कि लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे और हमेशा आने वाले कल के बारे में सोचती हूँ,” उन्होंने कहा।

Hostelnpg के प्रेरणास्रोत

पुजारिनी ने अपना कैरियर एक अन्य उपक्रम के साथ शुरू किया था, जिसके ज़रिए उन्हें कोई भी नया उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक मूलभूत जानकारियाँ हासिल हो गईं। उद्यम शुरू करने की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद पुजारिनी और उनके पति, बालकृष्ण ने सोचा कि एक ऑनलाइन ग्रॉसरी शॉप (किराने की दुकान) खोली जाए लेकिन बाद में उन्होंने यह विचार त्याग दिया क्योंकि उन्हें लगा कि भारत में अभी ई-कॉमर्स उतना लोकप्रिय नहीं है...

कम मूल्य पर लोगों को आवास उपलब्ध कराने की परियोजना शुरू करने का विचार उन्हें 2005 में आया था लेकिन उसका क्रियान्वयन 2013 में ही हो पाया। स्नातकोत्तर डिग्री लेने के पश्चात हैदराबाद में नौकरी की तलाश के दौरान उन्हें सस्ती रहने की जगह ढूँढ़ने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। बाद में 2012 में उनके कुछ मित्रों के सामने भी इसी तरह की दिक्कतें पेश आईं और तब उन्हें लगा कि Hostelnpg शुरू करने का उपयुक्त समय आ गया है। तब तक पति-पत्नी के पास कम्पनी शुरू करने योग्य पर्याप्त जमा-पूंजी इकट्ठा हो चुकी थी, लिहाजा कम मूल्य पर आवास उपलब्ध कराने वाला यह उद्यम शुरू करने का सपना पूरा हुआ और Hostelnpg नामक कम्पनी अस्तित्व में आई।

Hostelnpg

Hostelnpg अस्थाई रूप से और सस्ते आवास मुहैया कराने वाली कम्पनी है, जहाँ किराएदारों को पेशगी के रूप में मोटी रकम जमा कराने की परेशानी से मुक्ति मिल जाती है। बिज़नेस टू कस्टमर (B2C) के अंतर्गत वर्गीकृत यह सेवा ग्राहकों को हॉस्टल, पेइंग गेस्ट सुविधा, छोटे फ्लैट्स और गेस्ट हॉउस मुहैया कराती है। उपभोक्ताओं को प्राप्त होने वाली सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, इलाके के परिवेश आदि पर भी कम्पनी अपनी समीक्षा रिपोर्टें मुहैया कराती रहती है।

यह पोर्टल स्थानीय व्यापारियों के लिए मकान या दुकानें खरीदने और बेचने का मंच भी मुहैया कराता है, जिससे वे बिना किसी दिक्कत के अपनी सेवाएँ दे सकें और ग्राहकों की पूछताछ और प्रतिक्रियाओं का संचालन भी वहीं से कर सकें। उन्होंने हाल ही में HOSMO नामक एक ऑनलाइन हॉस्टल मैनेजमेंट सेवा भी शुरू की है और उसका android app भी जारी कर दिया है। HOSMO एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसकी सहायता से संपत्तियों के मालिक और दीगर विक्रेता ऑनलाइन बुकिंग के साथ अपनी संपत्तियों के लेन-देन को भी आसानी के साथ संचालित कर सकते हैं। जल्द ही वे इस एप्लिकेशन का iOS और Windows (विंडोज़) संस्करण भी लेकर आने वाले हैं।

चुनौतियाँ और भविष्य की योजनाएँ

दूसरे उद्यमियों की तरह पुजारिनी और उनकी टीम को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रॉपर्टी मालिकों के असंगत और असहयोगपूर्ण रवैए से वे तंग आ गई हैं। “हमें भी वही परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं, जिन्हें हॉस्टल में जगह चाहने वाला कोई भी सामान्य व्यक्ति झेलता है, अर्थात, अनपढ़ प्रॉपर्टी मॉलिकों से संपर्क करना, उनसे मोलभाव करना और तब बड़ी हुज्जत के बाद किसी नतीजे पर पहुँचना। दुर्भाग्य से ऐसे कम पढ़े-लिखे लोग ही प्रमुख रूप से इस व्यापार को चलाते हैं। और यही कारण है कि अधिकतर बड़े उद्योगपति इस क्षेत्र में पैर भी नहीं रखना चाहते। हालाँकि यह हमारे लिए एक गंभीर चुनौती है, हम उसे सुनहरे मौके की तरह देखते हैं क्योंकि इसी कारण लोगों के लिए हमारी सेवाएँ लगभग अनिवार्य बन जाती हैं!”

पुजारिनी भविष्य को लेकर बहुत आशान्वित हैं। अगली तिमाही में वे 2000 नई प्रॉपर्टियाँ (संपत्तियाँ) अपने साथ जोड़ने का इरादा रखती हैं। फिलहाल उनका एकमात्र सपना है, Hostelnpg को एक महत्वपूर्ण ब्रांड में तब्दील कर देना और अपनी इस अभिलाषा को पूरा करते हुए उन्हें ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर की यह उक्ति हर वक़्त याद आती हैं: ‘एक महिला, जो घर चला सकती है, एक देश भी चला सकती है!’ पुजारिनी को तो सिर्फ एक कम्पनी चालानी है!