कहीं सचमुच न उल्टा पड़ जाए तारक मेहता का चश्मा

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'तारक मेहता का उल्टा चश्मा', एक ऐसा भारतीय हिन्दी धारावाहिक है, जिसका 28 जुलाई 2008 से लगातार 'सब टीवी' पर प्रसारण हो रहा है। इसका निर्माण किया है नीला असित मोदी और असित कुमार मोदी ने। यह अपने ढंग का ऐसा अजूबा सा धारावाहिक है, जिसे बार-बार देखकर भी किसी का जी नहीं भरता है।

धारावाहिक एक दृश्य
धारावाहिक एक दृश्य
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' पर बैन लगने संबंधी खबरों के फैलने से सीरियल के दर्शकों को बड़ा झटका लगा है। सिख समुदाय की ओर से इस धारावाहिक पर आरोप लगाया है कि इसमें गुरु गोविंद सिंह के जीवित स्वरूप को दिखाया गया है, जोकि उनके पंथ के खिलाफ है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सीरियल पर 'ईश निंदक' सीन दिखाने का आरोप लगाते हुए इस पर पाबंदी लगाने की मांग की है। 

जिस दृश्य पर आपत्ति जताई गई है, उस एपिसोड में गणपति पूजा के दौरान शो का एक एक्टर सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह की भूमिका में नजर आता है। इस दृश्य को देखने के बाद सिख समुदाय में गुस्से की लहर फैल गई। हालांकि फिलहाल मामला अभी कोर्ट के दरवाजे तक नहीं पहुंचा है। 

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा', एक ऐसा भारतीय हिन्दी धारावाहिक है, जिसका 28 जुलाई 2008 से लगातार 'सब टीवी' पर प्रसारण हो रहा है। इसका निर्माण किया है नीला असित मोदी और असित कुमार मोदी ने। यह अपने ढंग का ऐसा अजूबा सा धारावाहिक है, जिसे बार-बार देखकर भी किसी का जी नहीं भरता है। इसका कथानक तारक मेहता की कृति 'दुनिया ने ऊन्धा चश्मा' पर आधारित है। ताजा दुखद सूचना यह है कि एक आपत्तिजनक दृश्य को लेकर इस धारावाहिक का चश्मा सचमुच उल्टा पड़ सकता है। सीरियल पर बैन लग सकता है।

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' पर बैन लगने संबंधी खबरों के फैलने से सीरियल के दर्शकों को बड़ा झटका लगा है। सिख समुदाय की ओर से इस धारावाहिक पर आरोप लगाया है कि इसमें गुरु गोविंद सिंह के जीवित स्वरूप को दिखाया गया है, जोकि उनके पंथ के खिलाफ है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सीरियल पर 'ईश निंदक' सीन दिखाने का आरोप लगाते हुए इस पर पाबंदी लगाने की मांग की है। एसजीपीसी प्रमुख कृपाल सिंह बादुंगर ने कहा है कि शो ने सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के जीवित स्वरूप का चित्रण कर हमारे पूरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। ऐसा करना ‘सिख सिद्धांतों के खिलाफ’ है। बादुंगर ने कहा है कि ‘कोई भी अभिनेता या कोई भी चरित्र खुद की दसवें सिख गुरु गोविंद सिंह के साथ समानता नहीं कर सकता। यह गलती माफ नहीं की जा सकती है।’ 

जिस दृश्य पर आपत्ति जताई गई है, उस एपिसोड में गणपति पूजा के दौरान शो का एक एक्टर सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह की भूमिका में नजर आता है। इस दृश्य को देखने के बाद सिख समुदाय में गुस्से की लहर फैल गई। हालांकि फिलहाल मामला अभी कोर्ट के दरवाजे तक नहीं पहुंचा है। इससे पहले सोनी टीवी के लोकप्रिय शो 'पहरेदार पिया की' पर भी बैन लग चुका है। इस शो में नौ साल के एक बच्चे और 18 साल की लड़की की शादी और हनीमून के सीक्वेंस दिखाये गये थे। इसे लेकर कई लोगों ने एतराज जताया था। मामला कोर्ट पहुंचा, तो शो की टाइमिंग बदल दी गयी। बाद में शो के खिलाफ एक ऑनलाइन पिटीशन दायर हो गयी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शो पर एक्शन ले लिया। बाद में तमाम विवादों से परेशान होकर शो के निर्माताओं ने खुद ही शो बंद कर दिया।

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके पात्र जेठालाल हों, दया बेन, टप्पू हो या उसके दादा चंपक लाल या पत्रकार पोपटलाल, सोढ़ी, बबीता, अय्यर, डॉ हाथी, भिड़े मास्टर, गोली, अब्दुल आदि, इसके लगभग ढाई हजार एपिशोड देखते-देखते ये पात्र हर दर्शक की यादों में बस गए हैं। टीवी मानक, टीआरपी में भी ये टॉप-10 में अपनी जगह बनाए रहता है। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की कहानी मुंबई के गोकुलधाम की है, जहाँ सभी लोग एक दूसरे के साथ खुशी से रहते हैं। जेठालाल, चम्पक लाल गड़ा (दिलीप जोशी) एक व्यापारी है, जो बहुत देर से उठता है और इसे जलेबी फाफड़ा बहुत अच्छा लगता है। लेकिन सभी लोग इसे परेशान करते रहते हैं। घर में टपू और दया और कभी कभी साला सुन्दर। इसके अलावा कभी कभी दुकान में भी इसे परेशान होना पड़ता है। इसकी पत्नी दया जेठालाल गड़ा (दिशा वकानी) मुख्यतः कभी भी गरबा करने लगती है। 

टप्पू हमेशा शैतानी करने की सोचता रहता है और अपने शिक्षक आत्माराम भिड़े को सताता रहता है। कई बार वह भिड़े के घर के खिड़की का काँच तोड़ चुका है। आत्माराम भिड़े बच्चों को पढ़ाते हैं और हर वक्त आर्थिक बचत करने में जुटे रहते हैं। पोपटलाल एक पत्रकार है, जो हमेशा अपने छाते के साथ अपनी शादी के लिए चिंतित रहता है। इसके अलावा तारक मेहता जेठालाल के परम मित्र हैं और उसे हमेशा मुसीबतों से बचाते हैं। हंसराज हाथी को हमेशा कुछ न कुछ खाना पसंद है। वह कभी खाने पर नियंत्रण नहीं कर पाता है। जिस कारण वह मोटा हो गया लेकिन मोटापे को कम करने के हर प्रयास पर उसे विफलता ही मिलती है। जेठालाल के दुकान में नट्टू काका और बाघा रहते हैं। नट्टू काका हमेशा जेठालाल को अपनी पगार बढ़ाने के लिए कहते हैं। बाघा हमेशा कार्य को खराब कर देता है। इसके अलावा वह बावरी के प्यार में बावरा भी बना डोलता है।

इस धारावाहिक का निर्माण मुख्यतः मुंबई में ही हुआ है लेकिन इसके कुछ भाग गुजरात और दिल्ली में भी बनाए गए हैं। यह इसके अलावा विदेशों में लंदन, ब्रुसेल्स, पेरि‍स, हॉन्गकॉन्ग आदि में भी फिल्माया जा चुका है। इसने 6 नवम्बर 2012 को अपने 1000 एपिसोड पूर्ण कर लिए थे। इसके बाद इसके निर्माता असित कुमार मोदी ने इस बात का खुलासा किया कि वह जल्द ही इस धारावाहिक पर एक फिल्म बनाएँगे। इस धाराविहक के प्रसारणों के दौरान अपनी फिल्मों के प्रचार के लिए बॉलीवुड कलाकार शाहरुख खान, निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी, सलमान खान, रितिक रोशन, सतीश कौशिक, अमिताभ बच्चन, वरुण धवन, प्राची देसाई, अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन, अजय देवगन, करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा आदि दर्शकों से रू-ब-रू हो चुके हैं। इस धारावाहिक को भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा इसे भारतीय टेली पुरस्कार भी मिल चुका है। 

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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