कुछ अलग और मज़ेदार खाना है? 'स्विग्गी' होम डिलेवरी के लिए तैयार है...

बेंगलुरु-आधारित स्विग्गी फूड ऑर्डर लेती है और स्थानीय स्तर पर वितरण करती है, 2 मीलियन डॉलर फंडिंग हासिल

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बिट्स पिलानी और आई आई एम-सी का छात्र श्रीहर्ष माजेती एक ‘मस्तमौला घुमक्कड़’ बनने से पूर्व लंदन के एक निवेश बैंक में ट्रेडर के रूप में काम करते थे। उन्होंने अपनी साइकिल से दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप की यात्रा की। एक अन्य बिट्स पिलानी के छात्र नन्दन रेड्डी एक कंसल्टेंट थे और भारत का प्रथम ग्रामीण बीपीओ सोर्सपिलानी के संचालन का नेतृत्व करने के उपरान्त उन्होने रेस्टूरेन्ट के लिए एक टैबलेट-आधारित पीओएस स्टार्टअप (गल्ला) तैयार किया था।

गत वर्ष, दोनों बंडल नाम से एक लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे थे, जो जून 2014 में बंद हो गया। बंडल पर कार्य करते हुए और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में खोज करते हुए दोनों उत्साहित सह-संस्थापकों ने भारतीय महानगरों में स्थानीय स्तर पर वितरण की संभावना तलाश रहे थे। हालांकि, फिलहाल उन्होंने बंडल को बंद करने का निर्णय लिया, लेकिन वे स्थानीय स्तर पर वितरण के क्षेत्र में उतरने की योजना बना चुके थे। फूड आर्डर मिलने की परेशानी के साथ उत्साह से लबरेज एक अन्य आइआइटी-खड़गपुर के छात्र राहुल जैमानी को साथ लेकर, जो कि मिन्त्रा में एक डेवलपर के रूप में कार्य कर रहे थे, दोनों की समझदारी बन चुकी थी और दोनों ने निश्चय किया कि स्विग्गी को लांच किया जाए। स्विग्गी बेंगलुरु के बाहर एक नया फूड आर्डरिंग और डिलेवरी कम्पनी है। स्विग्गी का संचालन बेंगलुरु के स्टार्टअप हब कोरामंगला में अगस्त 2014 से प्रारम्भ हुआ। प्रारम्भ होने के आठ महीने के अंदर स्विग्गी ने एस्सेल पार्टनर्स और सैफ पार्टनर्स से 2 मीलियन डॉलर की फंडिंग सुरक्षित कर ली है।

योरस्टोरी ने श्रीहर्ष से स्विग्गी की योजना और और फंडिंग के बारे में और अधिक बताने का आग्रह किया।

स्विग्गी का डिलेवरी स्वैग

अरबन डिक्शनरी में ‘स्विग्गी’ शब्द का अर्थ कुछ अविश्वसनीय रूप से प्रामाणिक और असली होता है।

श्रीहर्ष दावा करते हैं कि स्विग्गी की स्थापना पड़ोस के सबसे अच्छे रेस्टोरेन्ट से फूड लेकर कस्टमर के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए की गई है। कई अन्य फूड आर्डरिंग प्लेटफार्मों से अलग, स्विग्गी की अपनी वितरण कर्मियों की टीम है जो कि रूटिंग अलगोरिथम्स द्वारा एप्प पावर्ड स्मार्टफोन के साथ सुसज्जित है। वेे रेस्टूरेन्ट से आर्डर उठाते हैं और कस्टमर तक पहुंचाते हैं। स्विग्गी यह सुनिश्चित करती है कि ग्राहकों को सही समय पर डिलेवरी पहुंचाई जाए।

चूंकि उनके पास अपनी कर्मियों की टीम होने के कारण स्विग्गी की किसी भी रेस्टूरेन्ट कें साथ मीनिमम आर्डर पॉलिसी नहीं है और उन सभी रेस्टूरेन्ट के साथ जो उनके साथ काम करते हैं ऑनलाइन पेमेन्ट स्वीकार करती है। विश्वसनीय और द्रूत वितरण सुनिश्चित है क्योंकि उनके वितरण करने वाले स्विग्गी ब्वॉय एक समय में एक ही आर्डर कैरी करते हैं।

फूड और ग्रोथ का बिजनेस

स्विग्गी रेस्टूरेन्ट के लिए जेनेरेट किए गए आर्डर पर कमिशन के तौर पर निर्धारित एक प्रतिशत लेती है। प्रारम्भ में, वे 200 रु. से नीचे के आर्डर के लिए ग्राहकों से एक छोटा डिलेवरी शुल्क चार्ज करते थे लेकिन अगले कुछ महीनों के लिए इस पर रोक लगा दी गई है।

श्रीहर्ष स्विग्गी के ग्रोथ के बारे में बताते हैं,

‘‘लांच होने के बाद से हम लोग प्रत्येक महीना लगभग दोगुना ग्रोथ कर रहे हैं। पहले राउंड का फंड प्राप्त करने के बाद, हमलोगों ने अपने आच्छादन और अपने पार्टनरशिप का विस्तार किया है तथा पिछले महीने की समाप्ति पर अपनी आर्डर संख्या को तीगुना कर दिया है।’’

श्रीहर्ष का विश्वास है कि मौखिक बिजनेस से बड़ा शक्तिशाली कोई भी मार्केटिंग चैनल नहीं है। कम्पनी बेंगलुरु के 11 नेबरहुड क्षेत्रों में कार्य कर रही है और अगले दो महीनों में पूरे शहर में सेवा देने की योजना बना रही है। स्विग्गी पहले से ही 300 से अधिक रेस्टूरेन्ट के साथ टाई-अप कर चुकी है और 1000 से ज्यादा आर्डरों का वितरण कर रही है।

स्विग्गी बिना किसी वितरण प्रबंध की परेशानी के रेस्टोरेन्ट के लिए अतिरिक्त बिजनेस पैदा कर रही है। श्रीहर्ष के अनुसार यही वह कारण है जिसकी वजह से रेस्टूरेन्ट्स स्विग्गी के साथ एक मजबूत पार्टनरशिप बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

2 मीलियन डॉलर फंडिंग

हाल के फंडिंग राउन्ड पर टिप्पणी करते हुए श्रीहर्ष कहते हैं,

हमारे रिपीट परसेन्टेज और इनगेजमेन्ट का स्तर खाता से बाहर है। हमलोग इन पैसों का जोर-शोर से लोगों को हायर करने में उपयोग करेंगे और वर्ष के अंत तक भारत के 10 शीर्ष महानगरों में अपने कवरेज का विस्तार करेंगे। हमलोगों ने वास्तव में पहले से ही कुछ अच्छे उम्मीदवारों को हायर कर लिया है जो विभिन्न प्रकार के कामों के लिए उत्तम हैं। एक शीर्ष टीम बनाने के लिए हम बड़े पैमाने पर निवेश जारी रखेंगे ताकि टीम आगे बढ़ रहे कार्यक्षेत्र में अपना दबदबा बना सके।

ऑनलाइन फूड मार्केट

आइबीएफ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन फूड आर्डरिंग बिजनेस भारत में अभी भी अपनी शैशवावस्था में है। सम्पूर्ण फूड ऑर्डरिंग बिजनेस में ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग का हिस्सा सिन्गल डिजिट में है, जो कि 2014 में लगभग 5000 रु.-6000 रु. करोड़ (800.19-960.12 यूएस डॉलर) अनुमानित था और यह महीना-दर-महीना 20-30 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है।

श्रीहर्ष कहते हैं,

‘‘2020 में भारतीय रेस्टूरेन्ट इंडस्ट्री का आकार 30 बीलियन डॉलर मूल्य का होगा और यह बहुत ही तेजी से विकसित हो रहा है। इस बाजार में डिलेवरी का प्रतिशत भी तेजी से बढ़ रहा है इसलिए वास्तव में अवसर व्यापक है।’’

इस सेक्टर की जीवंतता का अनुमान इस तथ्य के आधार पर लगाया जा सकता है कि भारत मे 65 से अधिक फूड-टेक कम्पनियां कार्य कर रही हैं। जोमैरो और फूडपंडा की पसंद की सफलता ने भी भारत में फूड एंड बिवरेजेज इंडस्ट्री के लिए मनोभावको सुदृढ़ किया है। टिनीयोवल एक अन्य ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग प्लेटफार्म है जो कि व्यापक विकास का साक्षी है।

आगे का गंतव्य क्या है?

श्रीहर्ष बंडल के अपने अनुभवों को संजोते हुए स्मरण करते हैं,

‘‘हम प्रथम पीढ़ी के उद्यमी थे जो कि उल्लसित होकर एक वास्तविक समस्या का समाधान ढूंढ़ने के लिए उत्साहित थे। वास्तव में हमें उस अवसर का सही अंदाज करना चाहिए था न कि उत्साहित होकर समस्या का सीधे समाधान करने में हम जुट जाएं।’’

स्विग्गी मघ्य अवधि के लिए फूड डिलेवरी पर केन्द्रित कर रही है जैसा कि अभी भी इस क्षेत्र में बहुत कुछ किए जाने की गुजाइश बची हुई है। हालांकि, श्रीहर्ष बाद के समय में अन्य कैटेगरी (बिजनेस वर्टिकल्स) को जोड़े जाने को खारिज नहीं करते हैं। वे सारी बातों को समेटते हुए इस सेक्टर में प्रतिस्पर्द्धा पर निम्नलिखित टिप्पणी करते हैं जो स्विग्गी के आइडियोलॉजी को भी वृहत पैमाने पर प्रतिबिंबित करता है।

‘‘किसी भी क्षेत्र में बड़ी प्रतिस्पर्द्धा का होना आवश्यक है, क्योंकि यह हमें कठोर परिश्रम और और ग्राहको को अच्छी सेवा प्रदान करने के लिए उत्प्रेरित करता है। उत्तम सेवा विजयी भव!’’

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