छत्तीसगढ़: ‘सम्पन्न 40’ का लाभ उठा रहे किसान, दो सालों में 100 गुना से भी ज़्यादा हुई आय

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जशपुर प्रशासन ने ज़िले के किसानों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाने के लिए एक अनूठी मुहिम की शुरुआत की। इस मुहिम को नाम दिया गया, 'सम्पन्न 40'। यह योजना एक प्रयोग के रूप में पूरे ज़िले में लागू की गई, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए।

सांकेतिक तस्वीर (साभार- शटरस्टॉक)
सांकेतिक तस्वीर (साभार- शटरस्टॉक)
गांवों में खेती की प्रक्रिया में सिंचाई के लिए आमतौर पर डीज़ल पंपों का इस्तेमाल होता है। इनकी वजह से पर्यावरण और फलस्वरूप फ़सलों को भी काफ़ी नुकसान पहुंचता है। 

कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की स्थिति को बेहतर से बेहतर बनाने के प्रयासों की श्रृंखला में छत्तीसगढ़ प्रदेश लगातार सकारात्मक कदम उठाता रहा है और देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल क़ायम करता रहा है। किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई योजनाओं को लागू करने और उनका समुचित लाभ कृषक समुदायों तक पहुंचाने के मामले में भी छत्तीसगढ़ ने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। इसी क्रम में, आज हम बात करने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी ज़िले जशपुर की। जशपुर प्रशासन ने ज़िले के किसानों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाने के लिए एक अनूठी मुहिम की शुरुआत की। इस मुहिम को नाम दिया गया, 'सम्पन्न 40'। यह योजना एक प्रयोग के रूप में पूरे ज़िले में लागू की गई, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए। जो किसान दो साल पहले तक औसत रूप से एक साल में 20 हज़ार रुपए तक कमा पाते थे, अब उनकी सालाना आय लगभग 4 लाख रुपए तक पहुंच गई है।

क्या है 'सम्पन्न 40'?

दरअसल इस प्रयोग का श्रेय मुख्य रूप से ज़िले की कलेक्टर साहिबा प्रियंका शुक्ला को जाता है। उन्होंने जशपुर ज़िले के अंतर्गत आने वाले 8 ब्लॉकों के 5-5 गांवों को इस योजना में शामिल किया। इस गांवों में खेती करने वाली आबादी को सरकारी योजनाओं और उनके लाभ के संबंध में जागरूक किया गया और उन्हें जानकारी दी गई कि किस प्रकार सरकार के प्रयासों का लाभ उठाकर वे अपनी आय में इज़ाफ़ा कर सकते हैं और अपना भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं।

दो ही सालों में ज़िले के तमाम गांवों से सकारात्मक परिणाम आना शुरू हुए। हाल ही में, ज़िले की कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने ट्वीट के माध्यम से ‘सम्पन्न 40’ का लाभ उठाने वाले एक किसान दंपती के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि ज़िले में रहने वाले रमेश साहू ने अपनी पत्नी संगीता साहू की सलाह मानते हुए जशपुर प्रशासन की इस मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और अब उनका परिवार सालाना 4-4.5 लाख रुपए कमा रहा है। ‘सम्पन्न 40’ की सफलता की कहानी बयान करने वाले ऐसे ही कई और उदाहरण भी सामने आए हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार पहले ही से किसानों के संबंध में संवेदनशील रही है और उनकी मदद के लिए कृषि विभाग, हार्टिकल्चर विभाग और मृदा परीक्षण लैब जैसे अनेक सरकारी विभाग कार्यरत थे, लेकिन इसके बावजूद भी किसान सिर्फ़ एक फ़सल का ही लाभ ले पाते थे। इस परिस्थिति को देखते हुए 2016 में ज़िले की डीएम प्रियंका शुक्ला ने ‘सम्पन्न 40’ की शुरुआत की। ‘सम्पन्न 40’ ने इस परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख दिया और इन सरकारी विभागों को और भी प्रभावी बनाया। अब ज़िले के किसान एक नहीं बल्कि 3-3 फ़सलों का लाभ ले पा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार किसानों की सेवा के लिए लगातार प्रयासरत है। 2018-19 वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 83,096 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए किसान समृद्धि योजना, कृषक समग्र विकास योजना, कृषि श्रमिकों का दक्षता उन्नयन, लघुत्तम सिंचाई योजना, शाकम्भरी योजना, कृषि यंत्र सेवा केन्द्र की स्थापना, जैविक खेती मिशन आदि योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही, केंद्र सरकार की नैशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऐंड टेक्ऩलजी (एनएमएईटी), फसल बीमा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आदि योजनाओं को भी प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है और किसानों तक इनका भरपूर लाभ पहुंचाया जा रहा है।

गांवों में खेती की प्रक्रिया में सिंचाई के लिए आमतौर पर डीज़ल पंपों का इस्तेमाल होता है। इनकी वजह से पर्यावरण और फलस्वरूप फ़सलों को भी काफ़ी नुकसान पहुंचता है। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों और पर्यावरण की बेहतरी को बराबर तवज्जो देते हुए सौर सुजला योजना की शुरुआत की। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पानी के पंप वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही, किसानों को जागरूक करने और उनकी हर संभव मदद करने के उद्देश्य के साथ प्रदेश के सभी 27 ज़िलों में किसान मित्र केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की। जशपुर ज़िले के किसानों को भी इस केंद्र के माध्यम से बेहतर मार्गदर्शन मिल पा रहा है। पिछले दो सालों में जशपुर ज़िले के इन 40 गांवों के 12 हज़ार से भी अधिक किसानों ने ‘सम्पन्न 40’ योजना का लाभ उठाया है।

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