क्यों टॉपर हैं कल्पित वीरवल?

राजस्थान के कल्पित वीरवल ने IIT में 360 में से 360 अंक ला कर एक इतिहास रच दिया है।

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के JEE मेन 2017 में राजस्थान के कल्पित वीरवल ने सफलता का नया कीर्तिमान गढ़ा है। इस प्रतिभाशाली छात्र ने पहली रैंक तो हासिल की ही है, साथ ही परीक्षा में पूरे 100 प्रतिशत अंक यानी 360 में से 360 अंक लाने का कारनामा भी किया है। ये जेईई के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब किसी छात्र ने गणित, भौतिकी और रसायनशास्त्र तीनों में से हरेक में 120 में से 120 अंक हासिल किये हैं।

फोटो साभार: velivada
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JEE मेन में टॉप करने वाले 'कल्पित वीरवल' बगैर कोई स्ट्रैस लिए हर दिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे। कल्पित ने कोचिंग '8वीं क्लास' से ही लेनी शुरू कर दी थी। जेईई में टॉप करने से पहले 'इंडियन जूनियर साइंस ओलंपियाड' और 'नेशनल टैलेंट सर्च' जैसे बड़े एग्जाम्स में भी कर चुके हैं टॉप। 

17 साल के कल्पित वीरवाल को अपनी सफलता का पूरा यकीन था, लेकिन उन्होंने ये नहीं सोचा था कि वे 100 में 100 नंबर ले आयेंगे। कल्पित वीरवल उदयपुर में एसडीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हैं। उनके साथी बताते हैं, कि वे पूरे साल एक भी कक्षा में गैरहाजिर नहीं रहे। उन्होंने बताया कि "मुझे हर कोई सलाह देता था, कि मुझे कोचिंग के लिए कोटा या हैदराबाद जाना चाहिए, लेकिन मैं पढ़ाई को लेकर कोई बर्डन नहीं लेना चाहता था। मैंने जो कुछ सीखा उससे इन्जॉय करना चाहता था, इसलिए मैंने उदयपुर में ही रहने का फैसला किया और यहीं के कोचिंग सेंटर को ज्वाइंन किया।"  वे स्कूल और कोचिंग के अलावा घर पर हर दिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई किया करते थे।

उदयपुर में महाराणा भूपल राजकीय अस्पताल में कंपाउंडर पुष्कर लाल वीरवल के बेटे कल्पित ने निगेटिव मार्किंग होने के बावजूद, सारे सवाल हल किए। इससे पहले वे इंडियन जूनियर साइंस ओलंपियाड और नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम में भी टॉप कर चुके हैं। सीबीएसई की ये परीक्षा 02 अप्रैल को ऑफलाइन और 09 अप्रैल को ऑनलाइन हुई थी। इस परीक्षा में 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे। गुरुवार को घोषित नतीजों में से 2.20 लाख स्टूडेंट ने एग्जाम क्वालिफाई किया है, जो अब 21 मई को होने वाले JEE एडवांस्ड में शामिल हो सकते हैं। JEE परीक्षा के जरिए IITज़, NITज़ और दूसरे गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेते हैं।

कल्पित के पिता पुष्पेंद्र वीरवल उदयपुर में एमबी अस्पताल में कंपाउंडर हैं और उनकी माँ पुष्पा सरकारी स्कूल में टीचर हैं। उनके स्कूल के निदेशक बताते हैं कि कि कल्पित बहुत ही ब्राइट छात्र रहा है, और वो स्कूल में एक्सट्रा एक्टिविटीज में भी हिस्सा लेता था। वो पिछले साल नीति आयोग की नेशनल लेवल प्रतियोगिता अटल टिंकरिंग लैब्स का भी प्रतिनिधित्व कर चुका है।

कल्पित ने इस परीक्षा में सौ फीसदी अंक लाकर न केवल जेईई-मेन्स की परीक्षा के दलित वर्ग में तो टॉप किया ही है बल्कि जनरल कैटेगरी में भी टॉप कर सबको पीछे छोड़ दिया है। कल्पित वीरवल ने बताया, कि "CBSE के अध्यक्ष आर के चतुर्वेदी ने सुबह फोन करके उन्हें इसकी खबर दी थी।" वीरवल ने कहा, "जेईई-मेन्स में टॉप करना मेरे लिए खुशी की बात है लेकिन मैं अभी जेईई-एडवांस की परीक्षा के लिए फोकस करना चाहता हूं, जो कि अगले महीने आयोजित होगी।"

कल्पित के अन्य शौकों की बात करें, तो उन्हें क्रिकेट और बैंडमिंटन खेलने के साथ-साथ म्यूज़िक का भी बहुत शौक है। उन्होंने अभी फिलहाल अपना करियर प्लान नहीं बनाया है, लेकिन वे IIT मुंबई में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना चाहते हैं।

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स्वतंत्र पत्रकार

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