प्लेटफॉर्म टिकट या एमएसटी के लिए लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं, डाउनलोड कीजिए नया ऐप

0

 रेल सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ने मोबाइल आधारित एप्लिकेशन 'अटसनमोबाइल' विकसित किया है। इस एप्लिकेशन के जरिए प्लेटफॉर्म टिकट बनवाने से लेकर मासिक सीजन टिकट आसानी से बुक किया जा सकता है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
इसकी खास बात ये है कि ये इस्तेमाल करने में बहुत आसान है साथ ही यह एप्लिकेशन एंड्रॉइड और विंडोज स्मार्ट फोन पर मुफ्त उपलब्ध है। उपयोगकर्ता इस ऐप को गूगल प्‍ले स्‍टोर या विन्‍डोज स्‍टोर से निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। 

डिजिटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ते हुए और कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय रेल में तेजी से और अधिक तकनीकी-उन्नत लेनदेन की पहल की जा रही है। इसके लिए रेल सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ने मोबाइल आधारित एप्लिकेशन 'अटसनमोबाइल' विकसित किया है। इस एप्लिकेशन के जरिए प्लेटफॉर्म टिकट बनवाने से लेकर मासिक सीजन टिकट आसानी से बुक किया जा सकता है। 'अटसनमोबाइल' एप्लिकेशन अनारक्षित टिकटों की बुकिंग और रद्द करने, सावधिक और प्लेटफॉर्म टिकटों के नवीनीकरण, आर-वॉलेट की बकाया राशि की जांच और लोड करने में सक्षम है। यह उपयोगकर्ता के वि‍वरण और बुकिंग की जानकारी कायम रखने में सहायक है।

इसकी खास बात ये है कि ये इस्तेमाल करने में बहुत आसान है साथ ही यह एप्लिकेशन एंड्रॉइड और विंडोज स्मार्ट फोन पर मुफ्त उपलब्ध है। उपयोगकर्ता इस ऐप को गूगल प्‍ले स्‍टोर या विन्‍डोज स्‍टोर से निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद सबसे पहले यात्री अपना मोबाइल नंबर, नाम, शहर, रेल की डिफ़ॉल्ट बुकिंग, श्रेणी, टिकट का प्रकार, यात्रियों की संख्या और बार-बार यात्रा करने के मार्गों का विवरण देकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन कराने पर यात्री का जीरो बैलेंस का रेल वॉलेट (आर-वॉलेट) स्‍वत: ही बन जाएगा। आर-वॉलेट बनाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्‍क नहीं देना होगा। आर-वॉलेट को किसी भी यूटीएस काउंटर पर या वेबसाइट https://www.utsonmobile.indianrail.gov.in पर उपलब्ध विकल्प के माध्यम से रिचार्ज किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए इंटरनेट जरूरी होगा।। यानी अगर मोबाइल का इंटरनेट कनेक्शन काम नहीं करने की स्थिति में टिकट बुकिंग नहीं हो सकेगी। साथ ही एडवांस टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं है अर्थात् हमेशा वर्तमान तिथि में ही यात्रा की जायेगी।

पेपरलेस टिकट: यात्री टिकट का प्रिंट लिए बगैर (हार्डकॉपी) भी यात्रा कर सकते हैं। टिकट जांच कर्मी द्वारा टिकट मांगने पर यात्री ऐप में 'टिकट दिखाएं' विकल्प का उपयोग कर टिकट दिखायेंगे। पेपरलेस टिकट बुक करने के लिए स्मार्ट फोन में जीपीएस होना चाहिए। ऐसे पेपरलेस टिकटों को रद्द करने की अनुमति नहीं होगी। यानी इसे कैंसिल नहीं किया जा सकेगा। पेपरलेस टिकट बुक करने के एक घंटे के अंदर यात्रा करना अनिवार्य होगा। सावधिक टिकट मोबाइल एप्लिकेशन से जारी/नवीनीकृत किया जा सकता है और यह टिकट बुकिंग के अगले दिन से मान्य होगा। प्लेटफार्म टिकट भी इस मोबाइल एप्लिकेशन से बुक किया जा सकता है। अगर यात्री मोबाइल पर टिकट दिखाने में सक्षम नहीं है तो उसे टिकट रहित यात्री माना जाएगा।

पेपर टिकट: यात्री इस मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुक कर सकता है। टिकट बुक करने पर, यात्री को अन्य टिकट विवरणों के साथ बुकिंग आईडी मिल जाएगी। बुकिंग विवरण बुकिंग हिस्‍ट्री में भी उपलब्ध होंगे। बुकिंग आईडी एसएमएस के माध्यम से भी बताया जाएगा। पेपर टिकट बुक करने के बाद, यात्रा शुरू करने के स्टेशन पर लगे एटीवीएम से यात्री अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और बुकिंग आईडी दर्ज करके टिकट का प्रिंट ले सकता है। यह यात्रा केवल प्रिंटेड टिकट के साथ मान्य होगी। पेपर टिकट को या तो प्रिंट करने के बाद काउंटर से या फिर प्रिंट करने से पहले ऐप के जरिए रद्द किया जा सकेगा। हालांकि, इन दोनों स्थितियों में, रद्द करने का शुल्क भी लगेगा। कियोस्क मशीन से पेपर टिकट प्रिंट करने के एक घंटे के भीतर यात्रा शुरू हो जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: गांव के बच्चों को पढ़ाने के लिए हर हफ्ते गुड़गांव से उत्तराखंड का सफर करते हैं आशीष

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...