तीन खास स्टार्टअप्स की नजर तेजी से बदलते बाजार पर

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बाजार किस रफ्तार से भाग रहा है, कौन बाजी मार ले जा रहा है, कौन पिछड़ जा रहा है, यह भी हमारे समय का एक बड़ा दिलचस्प वाकया है, जिसे नई पीढ़ी के तरह-तरह के स्टार्टअप से जानने का मौका मिल रहा है। ऐसे ही वाकयों में ताजा तरीन है होम शॉपिंग चैनल 'प्रथम बाजार' की लॉन्चिंग, सैमसंग की भारत में दुनिया के पहले ओनिक्स सिनेमा एलईडी स्क्रीन की लॉन्चिंग और बोलकर कर शॉपिंग करने के लिए फ्लिपकार्ट द्वारा लिव डॉट एआइ का अधिग्रहण।

इंटरनेट सेवाएं लेने वाली अगली जेनरेशन दूसरी श्रेणी के शहरों, कस्बों से आने वाली है, जिसके लिए संवाद के तौर पर स्थानीय भाषा ही सबसे पसंदीदा होने की संभावना है। ऐसे ग्राहकों की तादाद लगातार बढ़ रही है। 

आजकल नए स्टार्टअप शुरू होने की खबरें अकसर सुनाई देती हैं। फ्लिपकार्ट, पेटीएम, ईबे और न जानें कितनी कंपनियां हैं, जो स्टार्टअप के रूप में शुरू होकर आज बड़ा मुकाम हासिल कर चुकी हैं। स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की भी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों। इस दिशा में देश के लाखों युवा पहल करने लगे हैं लेकिन यहां बात हो रही है ऐसे स्टार्टअप्स की, जिनके पीछे बड़ी कंपनियों की पूंजी लगी है। फिलहाल आइए, भारत में ऐसे तीन ताजा स्टार्टअप (प्रथम बाजार, सैमसंग की एलईडी, फ्लिपकार्ट का लिव डॉट एआइ) के बारे में विस्तार से जानते हैं।

प्रथम लिंक डी2एच सर्विस ने होम शॉपिंग चैनल 'प्रथम बाजार' को लॉन्च किया है। 'प्रथम बाजार' भारत में टीवी कॉमर्स एवं ऑनलाइन सेगमेंट में चैबीसों घंटे की सेवा वाला और नई पीढ़ी का स्टार्टअप है। यह चैनल एक आगामी 01 सिंतबर से ऑन एयर होने जा रहा है। यह वन-स्टॉप शॉप सभी श्रेणियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और दैनिक जीवन के अन्य जरूरी सामान आसानी से उपभोक्ताओं के लिए बेहद तेज डिलिवरी, बेहतर गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराकर उनके खरीदारी अनुभव को खास बनाएगा।

'प्रथम बाजार' इंटरेक्टिव, मल्टी-चैनल रिटेलर है, जो खरीदारों और विक्रेताओं को साझा नेटवर्क से जोड़कर ग्राहकों, डीलरों और बाजार प्रेमियों के बीच के गैप को पाट रहा है। वह अपडेटेड ईआरपी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ एक संपूर्ण बिजनेस मॉडल पर काम कर रहा है। ये विशेषज्ञ उपयोगकर्ताओं को संतोषजनक होम शॉपिंग के अनुभव प्रदान करते हैं। बताया जा रहा है कि किस तरह से ग्राहक मोबाइल, किचन अप्लायंसेज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान का चयन आराम से अपने घर से और ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं।

'सैमसंग इंडिया' ने हाल ही में भारत में दुनिया का पहला 'ओनिक्स सिनेमा एलईडी (LED) स्क्रीन' लॉन्च किया है, जो सिनेमा एक्सपीरियंस में एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। 'रत्न' के नाम से जारी ओनिक्स स्क्रीन, ट्रू ब्लैक कलर के साथ इसमें बेहतरीन पिक्चर क्वॉलिटी देने की क्षमता है। यह ओनिक्स व्यू, ओनिक्स थ्री-डी और ओनिक्स साउंड जैसे सॉल्यूशन से लैस है। फिल्म एक्सपर्ट्स और उपभोक्ताओं में एडवांस्ड थिएटर टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग को देखते हुए सैमसंग ने थिएटर प्रोजेक्शन सिस्टम में बदलाव लाने की यह योजना बनाई और सबसे पहले इसे भारत में लॉन्च किया है। गेम-चेंजिंग टेकनोलॉजी वाली यह पेशकश डायरेक्टर्स के काम को क्वॉलिटी के साथ शोकेस करने के साथ ही फिल्म प्रेमियों को फिल्म देखने का शानदार और इमर्सिव व्यूइंड एनवायरमेंट दे रही है।

यह स्क्रीन हरमन इंटरनेशनल के जेबीएल और सैमसंग के ऑडियो लैब की मदद बनाई गई है। इसके सेटअप में पीछे की तरफ मिलने वाले ऑडियो के कॉन्सेप्ट को हटाते हुए, ओनिक्स थिएटर में ऑडियो ‘स्वीट स्पॉट’ का विस्तार किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सका है कि सीट कहीं भी हो, थिएटर में मौजूद सभी दर्शक पूरे प्रेज़ेन्टेशन का एक ही तरह से लुत्फ़ उठागे। इसका स्टैंडर्ड सिनेमा प्रोजेक्टर की तुलना में दसगुना ज़्यादा है। यह उद्योग जगत का पहला डीसीआई-सेर्टिफाइड सिनेमा स्क्रीन है जो कई साइज़ में उपलब्ध है। यह पारम्परिक प्रोजेक्टर के ऑपरेशन्स की तुलना में बेहतर विजु़अल क्वॉलिटी, टेक्निकल परफॉर्मेंस और रिलायबिलिटी देती है। स्क्रीन हर तरह की रोशनी में अपनी एडवांस्ड प्रेज़ेन्टेशन तकनीक मेनटेन करता है और उन उपभोक्ताओं के लिए खास हो सकता है जो थिएटर का इस्तेमाल कॉरपोरेट इवेन्ट्स, कॉन्सर्ट, स्पोर्ट्स इवेंट्स और खेल प्रतियोगिताओं के लिए करना चाहते हैं।

इंटरनेट सेवाएं लेने वाली अगली जेनरेशन दूसरी श्रेणी के शहरों, कस्बों से आने वाली है, जिसके लिए संवाद के तौर पर स्थानीय भाषा ही सबसे पसंदीदा होने की संभावना है। ऐसे ग्राहकों की तादाद लगातार बढ़ रही है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में भाषाई इंटरफेस का निर्माण करना जटिल है, क्योंकि यहां भाषाओं और उनके बोलने के तरीकों में बहुत विविधता है। अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2021 तक देश में हिंदी में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या अंग्रेजी के उपयोगकर्ताओं को पीछे छोड़ सकती है। इसे देखते हुए नए तरह के स्टार्टअप में ई-कॉमर्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनी फ्लिपकार्ट 'बोलकर शॉपिंग' करने की सुविधा देने जा रही है।

कंपनी ने आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआइ) की मदद से भाषा समझने की तकनीक मुहैया कराने वाली स्टार्टअप कंपनी 'लिव डॉट एआइ' का अधिग्रहण कर लिया है। इससे कंपनी उसके ग्राहकों में 20 करोड़ तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। दरअसल, लिव डॉट एआइ की शुरुआत तीन साल पहले हुई थी। वह स्पीच टु टेक्स्ट यानी बोली को भाषा में बदलने वाला एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफेस विकसित करने वाली पहली भारतीय कंपनी है। लिव डॉट एआइ में हिंदी, बंगाली, पंजाबी, मराठी, गुजराती, कन्नड़, तमिल, तेलुगू और मलयालम समेत दस भारतीय भाषाओं में बोले गए शब्दों को लिखावट में बदलने की क्षमता है। बाजार की गलाकाटू प्रतिस्पर्धाओं के बीच यह सुविधा शुरू हो जाने के बाद इन भाषाओं के ग्राहक फ्लिपकार्ट की वेबसाइट पर बोलकर शॉपिंग कर लिया करेंगे।

बोलकर शॉपिंग करने के बाजार के इस सच को सिनेमा की भाषा में आसानी से समझा सकता है। जैसेकि ‘बरेली की बर्फी’, ‘दंगल’, ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों को भाषायी आत्मीयता और निजता के कारण ही अच्छी सफलता मिली है। इन फिल्मों ने पुराने महानगरों व छोटे शहरों की पृष्ठभूमि में कहानियां सुनाईं और वे उतनी ही दिलचस्प लगीं, जितनी सन् 2000 के दशक में विदेशों में फिल्माई गई फिल्में लगती थीं। बदलाव सिर्फ लोकेशन में नहीं आया है बल्कि भाषा में भी आया है। बाजार में क्षेत्रीय भाषाओं में कही गई बातों को ज्यादा निजता के साथ लिया जा रहा है। यह बदलाव सिनेमा तक ही सीमित नहीं है। हम क्षेत्रीय भाषाओं वाले कंटेन्ट की लोकप्रियता को चैनलों और अखबारों में भी देख रहे हैं।

हमारा देश आज तेजी से डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। छोटे, मध्यम और लघु उद्योग, स्टार्टअप और सरकार ये सारे डिजिटल होने की प्रक्रिया की शुरुआत कर रहे हैं। आकार, पैमाना या उद्योग कोई भी क्यों न हो पर विभिन्न बिज़नेस समझ रहे हैं कि डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने से उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक धार मिलेगी। इतना ही नहीं, इसे सरकार का भी पूरा समर्थन है। 2018 के केंद्रीय बजट में फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ब्लॉकचैन जैसी उभरती टेक्नोलॉजी पर है। इस तरह उपभोक्ता की जरूरतें बदल रही हैं और माध्यम भी विकसित हो रहे हैं। फ्लिपकार्ट, सैमसंग, प्रथम बाजार के नए स्टार्टअप इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए अपना भविष्य का बाजार सबसे पहले हासिल कर लेना चाहते हैं।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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