नई सोच हो तो डिजाइन में बदलिए, “डिजाइन क्राउड” की मदद लीजिए...

घर बैठे विदेश में करायें कुछ भी डिजाइन2008 में हुई “डिजाइन क्राउड” की स्थापना1हजार भारतीय डिजाइनर हैं इसके सदस्य

0

ऐसा बहुत ही कम बार देखने को मिलता है कि जब आपकी सोच किसी डिजाइन और उसकी मौलिकता से मेल खाती हो। ऐसा सिर्फ आपके ही साथ नहीं होता है बल्कि हर किसी के साथ ऐसा संभव है। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया की एक वेबसाइट “डिजाइन क्राउड” ने इसका तोड़ निकाल लिया है। जहां पर आपको किसी भी चीज की डिजाइन के लिए थोड़ी जानकारी देनी होती है उसके बाद ये कंपनी आपके मनमुताबिक उस डिजाइन तैयार कर आपके सामने पेश कर देती है। “डिजाइन क्राउड” का दावा है कि आपके की ओर से दी गई जानकारी को दुनिया भर में बैठे 1 लाख 80 हजार डिजाइनर देखते हैं। वेबसाइट के मुताबिक यही कारण है कि आपकी जानकारी के आधार पर आपको घर बैठे 1-2 नहीं बल्कि कम से कम 104 डिजाइन देखने को मिलते हैं। तो जाहिर है जब थोड़ी सी जानकारी देकर इतने सारे डिजाइन देखने को मिलेंगे तो वो आपकी सोच से तो मेल खाएंगे ही।

एलिक लिंच ने साल 2008 में “डिजाइन क्राउड” की स्थापना की थी। इस वेबसाइट में काफी संख्या में डिजाइनर जुड़े हुए हैं जो अपने ग्राहक की मांग पर उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं। इस वेबसाइट के सह-संस्थापक एडम अरबोलिनो ने साल 2009 में इसके साथ जुड़े। इन दोनों लोगों की मुलाकात सिडनी में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलिजी में हुई। जहां पर ये दोनों आईटी और प्रोग्रामिंग की पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि इससे पहले इन दोनों ने कुछ काम शुरू किया था लेकिन वो सफल नहीं हो सका। जिसके बाद इन्होने “डिजाइन क्राउड” को शुरू किया।

“डिजाइन क्राउड” में सभी जरूरतों का खास ख्याल रखा गया है। इसके लिए किसी को भी अपने उत्पाद का डिजाइन बनाने के लिए थोड़ी बहुत जानकारी देनी होती है साथ ही अपने बजट के मुताबिक पैसे चुकाने होते हैं। इसके बाद आपके दिये बजट पर जो डिजाइनर काम करना चाहता है वो आपके सामने कई विकल्प रखता है। शुरूआत में एलिक ने डिजाइरों की एक टीम को अपने साथ जोड़ा था जिसके बाद धीरे धीरे कई और डिजाइनर भी इनके साथ जुड़ते चले गए।

एलिक लिंच
एलिक लिंच

एलिक के लिए ये काम इतना आसान नहीं था। जब उन्होने इस बारे में सोचा तो उनके पास फूटी कोड़ी भी नहीं थी। तब उन्होने अपने दोस्तों, रिश्तेदार और परिवार के सदस्यों से लोन लिया। एलिक मानते हैं कि शुरूआत के दो साल उनके लिए काफी चुनौतिपूर्ण रहे। उनका कहना है कि उस दौरान उन्होने अपनी सारी बचत इस पर गवां दी थी इतना ही नहीं उन पर 30 हजार डॉलर का कर्ज अपने दोस्तों और परिवार वालों का चढ़ गया था। लेकिन कहते हैं ना हिम्मत ना हारने वालों की कभी हार नहीं होती कुछ वैसा ही एलिक के साथ भी हुआ और वो अपने काम में जुटे रहे। साल 2009 में उनको स्टारफिश वेंचर्स से अपने उद्यम के लिए 6 करोड़ डॉलर का पूंजी निवेश प्राप्त हुआ है। इस तरह “डिजाइन क्राउड” के लिए मुश्किल वक्त गुजर गया और हर साल इसका बिजनेस बढ़ता ही गया और 2013 में तो एक दौर वो भी आया जब हर महीने कंपनी को 1 मिलियन डॉलर की आय होने लगी।

“डिजाइन क्राउड” अपने डिजाइनरों से आमदनी पर 15 प्रतिशत कमीशन लेता है वहीं दूसरी ओर ग्राहक को भी मनपसंद डिजाइन के लिए कुछ फीस चुकानी पड़ती है। “डिजाइन क्राउड” इस वक्त सौ से ज्यादा देशों में काम कर रहा है और उनमें से 5 बड़े देशों में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और इंडोनेशिया हैं।

एडम अरबोलिनो
एडम अरबोलिनो

भारत की दूसरा सबसे बड़ा डिजाइन का केंद्र है। यहां पर “डिजाइन क्राउड” से जुड़े 21 प्रतिशत लोग रहते हैं जबकि अमेरिका में ये संख्या 26 प्रतिशत है। भारत में “डिजाइन क्राउड” से जुड़े करीब 1000 डिजाइनर लोग जुड़े हुए हैं। ये डिजाइनर सबसे ज्यादा डिजाइन लोगों के सामने लाते हैं। कंपनी के मुताबिक डिजाइनिंग का 27 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। तो दूसरी ओर भारत में ग्राहकों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 6 महीनों के दौरान कंपनी की आमदनी 42 प्रतिशत तक बढ़ी है। ज्यादातर देशों की तरह यहां पर लोगो, वेब और बिजनेस कार्ड के डिजाइन ज्यादा पसंद किये जाते हैं। एलिक का दावा है कि कई भारतीय डिजाइनर तो चार सालों के दौरान 60हजार डॉलर से ज्यादा की कमाई कर चुके हैं। वहीं एक अनुमान के मुताबिक भारत के चुनिंदा डिजाइनर हर महीने 11सौ डॉलर कमा रहे हैं।

“डिजाइन क्राउड” ने अब तक 5858 लोगो को डिजाइन किया है इसके अलावा वर्जिन के लिए टी-शर्ट, माइक्रोसॉफ्ट के लिए ग्राफिक, हॉर्वड बिजनेस स्कूल के लिए खास लोगो डिजाइन किये हैं। इसके अलावा इन्होने कई तरह के टैटू, फैमली एल्बम जैसे कई दूसरे काम भी किये हैं। 30 सदस्यों की इस टीम में सेल्स, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग, कस्टमर सर्विस और दूसरी सेवाओं के लिए लोग रखे गए हैं। एलिक की योजना है कि “डिजाइन क्राउड” को ग्लोबल स्तर पर पहचान दिलाने की। अभी हाल ही में कंपनी ने फिलीपिंस में अपना कार्यालय खोला है और अब उसकी योजना अमेरिका में अपना कार्यालय खोलने की है। साथ ही कंपनी की योजना दूसरी भाषाओं में भी इसे लोगों के सामने लाने की है ताकि अपने ग्राहकों की संख्या में इजाफा किया जा सके।