'चोटी कटवा हजाम' से थर्राईं उत्तर भारत की महिलाएं

0

हरियाणा और राजस्थान की चार दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने शिकायत की है कि किसी ने उन्हें बेहोश कर बाल-चोटी काट लिए। इससे महिलाओं में एक तरह से डर का भी वातावरण बना हुआ है। इसकी कैसी खतरनाक परिणति सामने आ रही है कि अंध विश्वास के नाम पर यूपी के आगरा में एक बुजुर्ग महिला की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। राजस्थान में मौलासर थाने के खानड़ी गांव में तो रहस्यमय तरीके से महिलाओं के बाल काटने और शरीर पर त्रिशूल बनाने की कथित घटनाओं का खौफ इतना बढ़ चुका है कि ग्रामीण रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं।

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार Shutterstock)
सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार Shutterstock)
सोलन (हिमाचल प्रदेश) के गांव नौणी की खबर है कि एक नाबालिग अपने कमरे में दरवाजा बंद कर सो रही थी। जब वह नींद से जागी तो डर गई, क्योंकि उसकी चोटी कटी हुई थी।

अभी महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं का शोर थमा भी नहीं है कि यूपी में कथित तौर पर ‘भूत’ द्वारा दाढ़ी काटने का मामला सामने आया है। जानकार बताते हैं कि ये 'मास हिस्टिरिया' या 'जन भ्रम' है। इसके पीछे कोई चमत्कार या अलौकिक शक्ति नहीं है। ऐसी ही एक अफवाह की तो पोल ही खुल गई। आईये जानें अंधविश्वास के पीछे का सच...

मूर्तियों को दूध पिलाने, समुद्र का पानी मीठा होने, मंकी मैन की तरह इन दिनों देश भर में 'चोटी कटवा' यानी लड़कियों, महिलाओं की चोटी काट लेने की अफवाह पूरे देशभर में फैली हुई है। मुख्य रूप से ऐसी अफवाहों को लेकर हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड में पुलिस तक ऐसे मामले पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश में तो दाढ़ी काटने की भी अफवाह फैली हुई है। 

अकेले हरियाणा और राजस्थान की चार दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने शिकायत की है कि किसी ने उन्हें बेहोश कर बाल-चोटी काट लिए। इससे महिलाओं में एक तरह से डर का भी वातावरण बना हुआ है। इसकी कैसी खतरनाक परिणति सामने आ रही है कि अंध विश्वास के नाम पर यूपी के आगरा में एक बुजुर्ग महिला की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। राजस्थान में मौलासर थाने के खानड़ी गांव में तो रहस्यमय तरीके से महिलाओं के बाल काटने और शरीर पर त्रिशूल बनाने की कथित घटनाओं का खौफ इतना बढ़ चुका है कि ग्रामीण रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं।

सोलन (हिमाचल प्रदेश) के गांव नौणी की खबर है कि एक नाबालिग अपने कमरे में दरवाजा बंद कर सो रही थी। जब वह नींद से जागी तो डर गई, क्योंकि उसकी चोटी कटी हुई थी। परिजनों को पता चलते ही पूरे क्षेत्र में अफवाह फैल गई। परिजन पुलिस के पास पहुंच गए। पीड़िता के पिता मक्खन सिंह का कहना है कि परिवार के लोग घर के दरवाजे बंद कर सो रहे थे। मां-बेटी एक कमरे में थीं। सुबह सो कर उठे तो बेटी के बाल कटे हुए थे। बेटी से पूछा तो बताया कि कब और किसने बाल काटे, उसे महसूस नहीं हुआ।

क्षेत्र के एसएचओ रविन्द्र और एसपी मोहित चावला ने भी इस घटना की पुष्टि की है। इसी तरह हरियाणा में गुड़गांव के भीमगढ़ की घटना प्रकाश में आई। यहां की एक प्रौढ़ महिला सुनीता देवी का कहना है कि वह लाइट की तेज चमक से बेहोश हो गईं। एक घंटे बाद उन्हें पता चला कि उनके बाल काट लिए गए। उसके बाद से वह सहमी हुई हैं। इससे पहले जुलाई में ऐसी ही अफवाह राजस्थान में उड़ी। अब तो देश की राजधानी दिल्ली भी अछूती नहीं रही।

ऐसी अफवाहों की सूचना गुड़गांव रेवाड़ी (हरियाणा) जोनवासा गांव की भी है। यहां की रीना देवी ने ऐसी ही आपबीती बयान की है। उनका कहना है कि पहले हमला बिल्ली ने किया। फिर उन्होंने महसूस किया कि किसी ने उनके कंधे को छुआ है। फिर उनके बाल काट लिए गए। यही कहानी खड़खड़ा गांव की साठ वर्षीय सुंदर देवी की सुनने को मिली।

अभी महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं का शोर थमा भी नहीं है कि यूपी में कथित तौर पर ‘भूत’ द्वारा दाढ़ी काटने का मामला सामने आया है। रामपुर में कोई एक शख्स की दाढ़ी काट गया। इस खबर की मानें तो अब भूत सिर्फ महिलाओं की चोटियों को ही नहीं पुरुषों की दाढ़ी को भी अपना निशाना बना रहा है। यह आपबीती रामपुर के मिलक कोतवाली क्षेत्र में चिचौली गांव के सिख युवक जोगिंदर सिंह की बताई गई है।

जानकार बताते हैं कि ये 'मास हिस्टिरिया' या 'जन भ्रम' है। इसके पीछे कोई चमत्कार या अलौकिक शक्ति नहीं है। ऐसी ही एक अफवाह की तो पोल ही खुल गई। धौलपुर (राजस्थान) के बाड़ी कस्बे की बाई का बाग कॉलोनी में एक महिला की कटी चोटी का मामला पुलिस तक पहुंचा तो थाना प्रभारी रमेश तंवर ने छानबीन कराई। पता चला कि एक तांत्रिक के कहने पर महिला ने स्वयं पत्थर से रगड़कर अपनी चोटी काट ली थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य में एलर्ट जारी कर दिया है कि ऐसी घटनाएं कोरी अफवाह हैं। डरने की कोई जरूरत नहीं।

पढ़ें: कमाई का एक और फंडा, घर में खोलें डाकघर

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

Related Stories

Stories by जय प्रकाश जय