बड़े नोटों के चलन से बाहर होने पर तेलगु फिल्म उद्योग प्रभावित

सिनेमाघर सुनसान, फिल्म निर्माता फिल्मों की रिलीज़ डेट आगे खिसका रहे हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू नोटबंदी प्रक्रिया से तेलगु सिनेमा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां के सिनेमाघर सुनसान पड़े हैं, जबकि अनेक फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों की रिलीज तारीख आगे खिसका रहे हैं। आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में नोटबंदी का असर इतना व्यापक है कि सिनेमाघर में दर्शक ही नहीं हैं।

प्रमुख फिल्म निर्माता एवं फिल्म कारोबारी तम्मारेड्डी भरद्वाजा ने कहा है, कि ‘बॉक्स आफिस में दर्शक नहीं हैं। नकदी का प्रसार बंद है। अन्य क्षेत्रों की तरह तेलगु सिनेमा उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित है, क्योंकि ज्यादातर मध्यम वर्गीय लोग ही सिनेमा देखने के लिए आते हैं।’ कॉमेडी अभिनेता अलानारी और नरेश अभिनीत फिलम इंटलो देयम-नाकेम भायम समेत छोटे बजट वाले फिल्म निर्माताओं ने इस स्थिति को देखते हुये अपनी फिल्मों की रिलीज की तारीख आगे बढ़ा दी है।’

तेलगु फिल्म उद्योग को पटरी पर आने में एक माह तक का समय लग सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय के बाद ऐसी संभावना नहीं हैं, कि लोग कम भुगतान के साथ काम करने को भी राजी हो सकते हैं। बड़े अभिनेता अपने मेहनताने में कोई कमी नहीं करेंगे, जैसा कि सोचा जा रहा है। वह अपने मेहनताने की फीस कम नहीं करेंगे। वह थोड़े दिनों के लिए फिल्मों में काम नहीं करेंगे।’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, तेलगु फिल्म उद्योग में बहुत कम कालाधन लगा हैं। जो लोग सफेद धन बनाने के लिए फिल्म में कालाधन लगाते हैं, वह इससे कमाई करने का लक्ष्य नहीं रखते हैं। 

साथ ही फिल्म निर्माता एवं फिल्म कारोबारी तम्मारेड्डी भरद्वाजा ने यह भी कहा, कि कालाधन रखने वाले लोग फिल्म बनाकर केवल इस मुद्रा को प्रचलन में लाना चाहते हैं। वह इससे मुनाफा कमाने के बारे में नहीं सोचते।

यदि कर प्रणाली बदल दी जाती है, तो हो सकता है कि लोग कर भुगतान से बचने का प्रयास नहीं करेंगे।

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