ये आदिवासी महिला हो सकती हैं भारत की अगली राष्ट्रपति

द्रौपदी ऐसे राज्य से आती हैं, जहां 2014 की मोदी लहर में भी बीजेपी कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई थी और वहां उसका सिर्फ खाता ही खुला था।

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देश के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को खत्म होने जा रहा है। इसीलिए अब राष्ट्रपति चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स पर यकीन करें तो ओडिशा से ताल्लुक रखने वालीं झारखंड की गवर्नर द्रौपदी मुर्मू बीजेपी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हो सकती हैं।

द्रौपदी मुर्मू देश की पहली महिला आदिवासी हैं, जो राज्यपाल बनीं।
द्रौपदी मुर्मू देश की पहली महिला आदिवासी हैं, जो राज्यपाल बनीं।
झारखंड की गवर्नर द्रौपदी मुर्मू यदि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जगह लेतीं हैं तो वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला बन जाएंगी, हालांकि जब उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था तब वे राज्यपाल बनने वाली देश की पहली महिला आदिवासी थीं।

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज के एक आदिवासी परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण तुडु था। द्रौपदी ने रामा देवी महिला कॉलेज से बीए की डिग्री लेने के बाद ओडिशा के राज्य सचिवालय में नौकरी की। उसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1997 के नगर पंचायत में पहली बार चुनाव लड़ा और रायरंगपुर नगर पंचायत से पार्षद का चुनाव जीता।

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द्रौपदी मुर्मू दो बार रायरंगपुर से ही विधायक रह चुकी हैं। उनका पार्षद से लेकर राज्यपाल बनने और अब राष्ट्रपति के नाम की दौड़ में आने तक का सफर काफी दिलचस्प है।

द्रौपदी ऐसे राज्य से आती हैं, जहां 2014 की मोदी लहर में भी बीजेपी कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई थी और वहां उसका सिर्फ खाता ही खुला था। ओडिशा में लोकसभा की 21 सीटें हैं, जिनमें 20 सीटें बीजेडी ने जीती थीं। द्रौपदी बीजेपी से दो बार विधायक रही हैं और बीजेडी की गठबंधन सरकार में दो बार मंत्री भी रह चुकी हैं। उन्होंने 06 मार्च 2000 से 06 अगस्त 2002 तक वाणिज्य और परिवहन मंत्रालय के लिए स्वतंत्र प्रभार संभाला था इसके अलावा 06 अगस्त 2002 से 16 मई 2004 तक वे मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री भी रहीं। 2015 में उनको झारखंड का राज्यपाल बना दिया गया। उन्होंने झारखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। अब उन्हें अगले राष्ट्रपति के तौर पर देखा जा रहा है।

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द्रौपदी हैं बेदाग छवि की महिला 

राष्ट्रपति पद की दावेदारी के लिए अभी तक जिन नेताओं का नाम आ रहा है, उसमें से लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नाम सबसे आगे हैं। लेकिन हाल ही में आए बाबरी विध्वंस केस में कोर्ट ने उन्हे पेश होने को कहा है। इसलिए इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी पर संशय बना हुआ है। इसके अलावा बीजेपी भी एक महिला और आदिवासी को देश का पहला राष्ट्रपति बनाकर सामाजिक बदलाव का संदेश देना चाहती है।

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अपनी शिक्षा और साफ-सुथरी राजनीतिक छवि के कारण द्रौपदी मुर्मू को बीजेपी ने हमेशा प्राथमिकता दी है। द्रौपदी बीजेपी के सोशल ट्राइब फ्रंट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर काम करती रही हैं।

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