देश का पहला बायोमीट्रिक एयरपोर्ट: बेंगलुरु में फ्लाइट पकड़ने में लगेंगे सिर्फ 10 मिनट

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अभी एयरपोर्ट पर जगह-जगह चेकपॉइंट में एक यात्री पर करीब 25 मिनट का समय लगता है लेकिन आधार बेस्ड सिस्टम लागू होने के बाद अब यह प्रोसेस सिर्फ 10 मिनट में ही पूरा हो जाएगा। 

बेंगलुरु एयरपोर्ट (फाइल फोटो)
बेंगलुरु एयरपोर्ट (फाइल फोटो)
बायोमीट्रिक सिस्टम लागू हो जाने से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर बने चेकपॉइंट पर आईडी और बोर्डिंग पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी। 

हालांकि यात्रियों के पास डिजिटल प्रणाली के अलावा भी बोर्डिंग पास के जरिए एंट्री करने का विकल्प खुला रहेगा लेकिन वे फटाफट एंट्री का फायदा नहीं उठा पाएंगे।

इस साल फरवरी में दो माह के पायलट प्रोजेक्ट के बाद बेंगलुरु के कैंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बायोमीट्रिक बोर्डिंग सिस्टम लागू होने जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक आधार कार्ड के माध्यम से बोर्डिंग करने वाला यह देश का पहला एयरपोर्ट होगा। अभी तक एयरपोर्ट के अंदर एंट्री के लिए आईडी दिखानी होती थी। लेकिन अब बायोमीट्रिक सिस्टम लागू हो जाने से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर बने चेकपॉइंट पर आईडी और बोर्डिंग पास दिखाने की जरूरत नहीं होगी। जाहिर सी बात है कि इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा। साथ ही एयरपोर्ट की सुविधा और चाक-चौबंद हो सकेगी।

बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक अगले साल मार्च तक आधार और बायोमीट्रिक सिस्टम लागू किया जाएगा। लेकिन इसे पूरी तरह से लागू होने में 2018 दिसंबर तक का वक्त लग सकेगा। अभी एयरपोर्ट में जगह-जगह चेकपॉइंट में एक यात्री पर करीब 25 मिनट का समय लगता है लेकिन आधार बेस्ड सिस्टम लागू होने के बाद अब यह प्रोसेस सिर्फ 10 मिनट में ही पूरा हो जाएगा। इससे अगर देखा जाए तो बोर्डिंग गेट से पहले हर एक चेंकपॉइंट में अब सिर्फ पांच सेकंड में ही वेरिफिकेशन हो जाएगा। साथ ही अब अधिक से अधिक यात्री एक ही गेट से प्रवेश ले सकेंगे और एयरपोर्ट के भीतर आवागमन में तेजी आएगी।

एयरपोर्ट के आधिकारिक सूत्रों का मानना है कि इससे कंट्रोल सिस्टम और मजबूत होगा। BIAL के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर और अध्यक्ष हरि मरार कहते हैं कि इस प्रक्रिया से अब वेरिफिकेशन में आसानी होगी और सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। जल्द ही केवल बायोमीट्रिक के इस्तेमाल से ही वेरिफिकेशन के जरिए यात्रियों के फ्लो को आसान बनाया जाएगा। मरार का कहना है कि जिस तरह एयरपोर्ट में यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है, यहां इस सिस्टम के जल्द से जल्द लगने की जरूरत है।

इससे पहले जून में केंद्रीय उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा था कि सरकार एयरपोर्ट पर एंट्री को और आसान बनाने जा रही है और इसके लिए आधार कार्ड का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि जो यात्री आधार कार्ड के माध्यम से टिकट बुक कराएंगे, उन्हें एयरपोर्ट पर सिर्फ आंखों या उंगली का स्कैन कराना होगा। और जो लोग आधार के अलावा अन्य वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे, उन्हें उनके मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा जो एयरपोर्ट पर स्कैन किया जाएगा।

3 अक्टूबर को BIAL द्वारा जारी किए गए प्रस्ताव के अनुसार, 'बीआईएएल ने इस नए सिस्टम को लगाने के लिए 325 दिनों की डेडलाइन तय की है। मार्च 2018 तक एयरपोर्ट में आधार आधारित एंट्री को लाइव कर दिया जाएगा। फिर अगले चरण में 90 दिनों के अंदर सभी घरेलू उड़ानों के लिए यह प्रक्रिया लागू की जाएगी। फिर चार अक्टूबर 2018 तक इंटरनैशनल एयरलाइंस में भी आधार आधारित सिस्टम लागू होगा और 31 दिसंबर 2018 तक पूरे एयरपोर्ट में आधार प्रक्रिया चालित होगा। हालांकि यात्रियों के पास डिजिटल प्रणाली के अलावा भी बोर्डिंग पास के जरिए एंट्री करने का विकल्प खुला रहेगा लेकिन वे फटाफट एंट्री का फायदा नहीं उठा पाएंगे।

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