सरकारी की चेतावनी के बाद जनधन खातों में जमाएं घटीं

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सरकार ने आज कहा कि सरकार द्वारा जनधन खातों के दुरूपयोग के प्रति आगाह किए जाने के बाद इन बैंक खातों में जमाओं के प्रवाह में अच्छी खासी कमी आई है। सरकार ने जनधन खाताधारकों को चेतावनी दी थी कि वे अपने खातों का दुरूपयोग कालेधन को वैध बनाने के लिए नहीं करने दें। नोटबंदी के बाद इन खातों में जमाओं में अचानक उछाल देखने को मिला था। हालांकि सरकार के कड़े रख व चेतावनी के बाद इनमें हो रही जमाएं लगातार कम हुई हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार इन खातों में 8715 नवंबर के दौरान 20,206 करोड़ रपये जमा हुए। वहीं 16-22 नवंबर के दौरान यह राशि 11,347 करोड़ रपये रही। इसी तर 23-30 नवंबर की अवधि में इन खातों में होने वाली जमाएं घटकर 4867 करोड़ रपये रह गई। इसके अनुसार जनधन खातों में कुल जमाएं एक दिसंबर को 410 करोड़ रपये व दो दिसंबर को 389 करोड़ रपये रही। बोर्ड का कहना है कि जनधन खातों में औसत जमा 8 नवंबर से दो दिसंबर के दौरान 13,113 रपये रही जो कि चिंताजनक नहीं है।

नोटबंदी का रिजर्व बैंक की बलेंस शीट पर कोई स्वत: असर नहीं: पटेल

उधर, दूसरी तरफ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि नोटबंदी का केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट पर कोई स्वत: असर नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि नोटबंदी के कारण सरकार को अचानक कोई फायदा नहीं होने वाला है। पटेल ने कहा,‘ विशेष लाभांश का सवाल फिलहाल तो पैदा ही नहीं होता है। केवल नोटबंदी से इस तरह का सवाल खड़ा नहीं हो सकता। और इसका फिलहाल तो केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला व्यापक विचार विमर्श के बाद किया गया था।

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