2 अक्टूबर से इन सेवाओं के लिए डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य कर सकती है सरकार

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राज्यों के सड़क परिवहन निगमों को डिजिटल पेमेंट्स लेने की सलाह दी जाएगी। उनसे भारत क्यूआर कोड डिस्प्ले करने का अनुरोध किया जाएगा।

साैंकेतिक तस्वीर
साैंकेतिक तस्वीर
भुगतान करने के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड या फिर भीम एप के जरिए आसानी से डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा, हालांकि सरकार अभी इस दिशा में केवल सोच ही रही है।

नोटबंदी के दौरान डिजिटल पेमेंट में काफी तेजी आई थी लेकिन अब ये रफ्तार धीमी पड़ गई है। लिहाजा सरकार अब इसमें नया जोश भरना चाहती है। 

आने वाले समय में सरकारी सेवाओं जैसे रेलवे या बस की टिकट बुक कराने के लिए अब सरकार डिजिटल पेमेंट का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए इसे अनिवार्य भी बना सकती है। हालांकि पूरी तरह से यह कैशलेस पेमेंट नहीं होगा और कुछ शर्तों के तहत कैश में भी भुगतान किया जा सकेगा, लेकिन कैशलेस भुगतान स्कीम को काफी आकर्षक व सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है जिससे कैशलेस इकॉनमी बनाने में मदद मिले। सरकार सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों के लिए डिजिटल पेमेंट लेने को अनिवार्य करने के तरीके खोज रही है।

इसके बाद भुगतान करने के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड या फिर भीम एप के जरिए आसानी से डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा। हालांकि सरकार अभी इस दिशा में केवल सोच ही रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसे 2 अक्टूबर से लागू भी किया जा सकता है। इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक BHIM और भारत क्यूआर कोड जैसे पेमेंट के सरकारी उपायों के साथ इन सरकारी एजेंसियों के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के ज्यादा इंटीग्रेशन की योजना भी बनाई जा रही है। सरकार कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट्स करने वाले लोगों को इंसेंटिव्स देने के बारे में भी सोच रही है।

दरअसल, नोटबंदी के दौरान डिजिटल पेमेंट में काफी तेजी आई थी लेकिन अब ये रफ्तार धीमी पड़ गई है। लिहाजा सरकार अब इसमें नया जोश भरना चाहती है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सरकार गांधी जयंती पर एक बड़ा अभियान शुरू कर सकती है, जिसे अगले साल 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस तक चलाया जाएगा। 2 अक्टूबर को सरकार इनमें से कुछ कदमों का ऐलान कर सकती है। अधिकारी ने बताया, 'देश में कुल ट्रांजैक्शंस का बहुत बड़ा हिस्सा सरकारी भुगतानों का होता है। अगर ये भुगतान डिजिटल तरीके से किए जाएं तो इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स की संख्या में बड़ा उछाल आएगा।' डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्ट्री को दी गई है।

अभी पिछले हफ्ते मिनिस्ट्री की एक समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अधिकारियों को 2 अक्टूबर से कैंपेन शुरू करने का निर्देश दिया था। डिजिटल पेमेंट्स से जुड़ी इंटर-मिनिस्ट्रियल कमिटी प्रस्ताव के ब्योरे पर चर्चा कर रही है। रेल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कि हमने अपने सभी टिकट और रिजर्वेशन काउंटरों को डिजिटल पेमेंट लेने लायक बनाने का निर्णय किया है। नई गाइडलाइंस के तहत भारत क्यूआर कोड देश में सभी 14 लाख काउंटरों पर दिखेगा। हम अपने टिकट काउंटरों पर आधे ट्रांजैक्शंस को डिजिटल मोड में लाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इंडियन रेलवेज हर साल 52,000 करोड़ रुपये के टिकट बेचता है और इसका 60% हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल के जरिए आता है।

रेलवे के टिकट सेंटर्स, पासपोर्ट ऑफिसों, बस और मेट्रो टिकट काउंटरों को भारत क्यूआर के जरिए पेमेंट्स लेने को कहा जा सकता है। बिजली और पानी के बिल पर एक प्रमुख विकल्प के रूप में भारत क्यूआर कोड छापा जा सकता है। सड़क मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यों के सड़क परिवहन निगमों को डिजिटल पेमेंट्स लेने की सलाह दी जाएगी। उनसे भारत क्यूआर कोड डिस्प्ले करने का अनुरोध किया जाएगा। हालांकि दिल्ली मेट्रो सहित कुछ परिवहन सर्विसेज के लिए अभी से डिजिटल पेमेंट की शुरुआत हो गई है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। इसके अलावा डिजिटल पेंमेंट से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई की तरफ से एक कॉल सेंटर चलाने का भी प्रस्ताव है। 

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