अस्पताल से 6 दिन के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 24 घंटे में खोज निकाला

चकमा देकर अस्पताल से बच्चा चुरा ले गई थी महिला, ऐसे मिला...

16

विजया ने उन्हें बताया कि अस्पताल की एक महिला कर्मचारी बच्चे को टीका लगवाने ले गई है। लेकिन काफी देर बाद वह महिला नहीं लौटी तो उन्होंने खोजबीन की। घंटो बीत जाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि वह महिला बच्चे को लेकर जा चुकी है।

सकुशल बरामद बच्चे के साथ पुलिस
सकुशल बरामद बच्चे के साथ पुलिस
शहर के अफजलगंज में महात्मा गांधी बस अड्डे पर पुलिस को एक सुराग मिला। बस अड्डे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से पता चला कि वैसी ही एक महिला एक बच्चे के साथ कुछ ही देर पहले कर्नाटक के बीदर के लिए जाने वाली बस में निकली है। 

बीते सोमवार की बात है, हैदराबाद में विजया अपने 6 माह के बच्चे को टीका लगवाने अस्पताल गई थीं। उस दिन उनके साथ ऐसा हुआ जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। जैसे ही वे अस्पताल पहुंची तो उनके पति को लगा कि शायद कुछ कागजातों की फोटोकॉपी उनके पास नहीं है। वह फोटोकॉपी कराने बाहर निकले और विजया अंदर ही बैठी रहीं। कुछ देर में विजया के पास एक महिला आई और उसने कहा कि वह अस्पताल की कर्मचारी है। उस अज्ञात महिला ने विजया से बच्चा लिया और कहा कि वह अभी टीका लगवा देगी। विजया ने उस पर भरोसा कर लिया।

कुछ देर बाद उनके पति भी बाहर से आ गए। विजया ने उन्हें बताया कि अस्पताल की एक महिला कर्मचारी बच्चे को टीका लगवाने ले गई है। लेकिन काफी देर बाद वह महिला नहीं लौटी तो उन्होंने खोजबीन की। घंटो बीत जाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि वह महिला बच्चे को लेकर जा चुकी है। अब उन्होंने नजदीकी पुलिस स्टेशन का रुख किया और वहां पहुंचकर बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अफसर शिव शंकर राव ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि वह महिला अस्पताल की कर्मचारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, 'अस्पताल का सिक्योरिटी स्टाफ बाहर चेक करने के बाद ही किसी बच्चे ले जाने देता है, लेकिन हैरत की बात है कि उस महिला के पास सारे संबंधी कागजात थे।' सूचना मिलने के बाद हैदराबाद पुलिस ने पूरी तत्परता से जांच शुरू कर दी। लगभग 2 बजे सारे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों को शहर के सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर भेजा गया ताकि संदिग्ध शहर से फरार न हो सके।

शहर के अफजलगंज में महात्मा गांधी बस अड्डे पर पुलिस को एक सुराग मिला। बस अड्डे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से पता चला कि वैसी ही एक महिला एक बच्चे के साथ कुछ ही देर पहले कर्नाटक के बीदर के लिए जाने वाली बस में निकली है। पुलिस ने तुरंत बस ड्राइवर का नंबर निकाला और उससे बात की। पुलिस ने जब ड्राइवर को सारी बात बताई तो उसने बताया कि नीली साड़ी में बच्चे के साथ एक महिला 4 बजे कामन के पास उतर गई थी।

पुलिस ने अपना समय जाया न करते हुए तुरंत कर्नाटक के बीदर में पुलिस स्टेशन को फोन लगाया और उन्हें अलर्ट कर दिया। कर्नाटक पुलिस के सुल्तान बाजार पुलिस स्टेशन के एसीपी एम चेतना ने एक टीम का गठन करके आसपास के इलाकों में छानबीन शुरू कर दी। एसीपी चेतना ने कहा, 'हमारी टीम ने बीदर में अलग-अलग स्थानों में बच्चे की तस्वीर के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। मंगलवार को हमें बीदर के सरकारी अस्पताल में बच्चा गुमशुदगी की हालत में बरामद हुआ। हालांकि बच्चा चोरी करने वाली महिला फरार हो गई।'

इस पूरे मामले को हैदराबाद से देखने वाले ईस्ट जोन डीसीपी एम रमेश ने कहा, 'हमारे ड्राइवर से संपर्क करने के कुछ ही देर पहले ही महिला बस से उतर गई थी। इस पूरे ऑपरेशन में हैदराबाद और कर्नाटक पुलिस की पांच टीमें लगाई गई थीं। हमने वहां घर-घर जाकर बच्चे की तलाश की शायद यही वजह है कि आरोपी महिला मजबूर होकर बच्चे को सरकारी अस्पताल में छोड़ गई।' आरोपी महिला भले ही पुलिस की पकड़ से दूर हो गई, लेकिन पुलिस की तत्परता ने सभी का दिल जीत लिया।

यह भी पढ़ें: टेंट में सोने वाले लड़के ने पानीपूरी बेचकर पूरा किया सपना, भारतीय क्रिकेट टीम में मिली जगह

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

Related Stories

Stories by yourstory हिन्दी