गूगल मैप पर सार्वजनिक शौचालय का पता लगाएं, दे सकते हैं रेटिंग

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यह अभियान लोगों को अपने-अपने शहरों में गूगल मैप्स, सर्च और द असिस्टेंट पर सार्वजनिक शौचालयों का पता लगाने के लिए दी जाने वाली सुविधा का एक हिस्सा है। इन पर लोग अपना फीडबैक भी दे सकते हैं।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
 अब यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सार्वजनिक शौचालयों के उचित रखरखाव और इनके नियमित इस्तेमाल के जरिए खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा बनाए रखा जा सके।

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तहत गूगल मैप पर सार्वजनिक शौचालयों का मूल्यांकन और समीक्षा करने हेतु शौचालय समीक्षा अभियान शुरू करने के लिए गूगल के साथ साझेदारी की है। यह अभियान लोगों को अपने-अपने शहरों में गूगल मैप्स, सर्च और द असिस्टेंट पर सार्वजनिक शौचालयों का पता लगाने के लिए दी जाने वाली सुविधा का एक हिस्सा है। इन पर लोग अपना फीडबैक भी दे सकते हैं। भारत में 500 से अधिक शहरों में गूगल मैप्स पर “एसबीएम टॉयलेट” नाम से 30,000 से अधिक शौचालय देखे जा रहे हैं।

खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा पाने के लिए भारत के शहरों में सार्वजनिक शौचालय सुविधा के जरिए स्वच्छता हासिल करना स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के उद्देश्यों में से एक है। अभी देश के 3400 शहरों को खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा प्राप्त है और अन्य शहर भी इसे हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अब यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सार्वजनिक शौचालयों के उचित रखरखाव और इनके नियमित इस्तेमाल के जरिए खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा बनाए रखा जा सके।

अक्तूबर और नवंबर, 2018 में चलाया जाने वाला संयुक्त अभियान लोगों में जागरूकता फैलाने और देश भर में सार्वजनिक शौचालयों का आसानी से पता लगाने की एक कोशिश है। अभियान में गूगल मैप्स पर सार्वजनिक शौचालयों का मूल्यांकन और समीक्षा करने के लिए स्थानीय गाइड को शामिल किया जाएगा और गूगल स्थानीय गाइड के सोशल चैनल पर समीक्षा के लिए #LooReview का इस्तेमाल किया जाएगा। स्थानीय गाइड वे लोग हैं जो गूगल मैप पर समीक्षा, तस्वीरें और जानकारी साझा करते हैं। कोई भी व्यक्ति स्थानीय गाइड समुदाय में शामिल हो सकता है और गूगल मैप्स पर अपनी समीक्षा डाल सकता है। शौचालय का पता लगाने और उसकी समीक्षा के लिए गूगल मैप पर “पब्लिक टॉयलेट नियर मी” से सर्च किया जा सकता है।

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