बेंगलुरु के 22 साल के इस स्टूडेंट को गूगल से मिला 1.2 करोड़ रुपये का पैकेज

बेंगलुरु के एक 22 वर्षीय लड़के ने ऐसा क्या कर दिया कि गूगल ने अॉफर कर दिया 1.2 करोड़ रुपये का पैकेज?

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विश्व की नामी इंटरनेट कंपनी गूगल सर्च इंजन के साथ ही हाई पैकेज देने के लिए भी विख्यात है। इस अमेरिकी की कमान एक भारतीय के हाथों है। लेकिन काफी पहले से यहां कई भारतीय बड़े ओहदों पर अच्छे पैकेज पर काम कर रहे हैं और ऐसे में बेंगलुरु के 22 वर्षीय आदित्य पालीवाल इस फेहरिस्त में शामिल नया नाम हैं... 

आदित्य पालीवाल
आदित्य पालीवाल
आदित्य 2017-18 में एसीएम इंटरनेशनल कलीजिएट प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट का हिस्सा थे। कंप्यूटर विज्ञान की दुनिया में इस प्रतिगिता को अच्छी ख्याति हासिल है।

विश्व की नामी इंटरनेट कंपनी गूगल सर्च इंजन के साथ ही हाई पैकेज देने के लिए भी विख्यात है। इस अमेरिकी की कमान एक भारतीय के हाथों है। लेकिन काफी पहले से यहां कई भारतीय बड़े ओहदों पर अच्छे पैकेज पर काम कर रहे हैं। बेंगलुरु के 22 वर्षीय आदित्य पालीवाल इस फेहरिस्त का नया नाम हैं। बेंगलुरु के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट आदित्य को गूगल ने 1.2 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है। वे इस संस्थान से एमटेक की पढ़ाई कर रहे थे। आदित्य अब गूगल के न्यूयॉर्क स्थित ऑफिस में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च विंग में काम करेंगे।

रविवार को आदित्य को कॉलेज के दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान की गई और वे इसी जुलाई महीने की 16 तारीख को गूगल भी जॉइन करने जा रहे हैं। वे मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं और उनकी रुचि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया से 6,000 प्रतियोगियों में से 5 जिन 50 लोगों का चयन हुआ, वे उनमें से एक हैं। आदित्य 2017-18 में एसीएम इंटरनेशनल कलीजिएट प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट का हिस्सा थे। कंप्यूटर विज्ञान की दुनिया में इस प्रतिगिता को अच्छी ख्याति हासिल है।

उन्होंने अपने साथियों, सिमरन दोदानिया और श्याम केबी के साथ इसी साल अप्रैल में इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिा था। इसमें दुनिया भर की 3,098 यूनिवर्सिटी के लगभग 50,000 छात्र सम्मिलित हुए थे। आदित्य ने कहा, 'मुझे मार्च में ही गूगल से नौकरी का प्रस्ताव मिल गया था लेकिन अंतिम रूप से चयन होने का मैं इंतजार कर रहा था। मुझे बेहद खुशी है और उम्मीद है कि इतने बड़े संस्थान में जाकर काफी कुछ सीखूंगा।'

आदित्य पिछले 5 सालों से अपनी पढ़ाई के सिलसिले में बेंगलुरु में रह रहे थे। इस शहर के अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'कुलमिलाकर मुझे बेंगलुरु अच्छा शहर लगा। यहां कॉलेज में मेरे अध्यापकों ने मुझे हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर मेरा सहयोग भी किया। उन्होंने मेरे विचारों को हमेशा सराहा। इसमें मेरे वरिष्ठ मित्रों का काफी योगदान रहा।' वैसे तो आदित्य का मन कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग में ही लगा रहता है, लेकिन वक्त मिलने पर वे ड्राइविंग पसंद करते हैं। उनकी क्रिकेट और फुटबॉल में भी रुचि है।

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