केरल में कॉलेज ने अकेली ट्रांसवूमन के लिए की अलग टॉयलट की व्यवस्था

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हाल ही में केरल के मल्लापुरम में एक सरकारी कॉलेज में इकलौती ट्रांसवूमन स्टूडेंट रिया इशा के लिए अलग से टॉयलट बनवाया गया। रिया केरल की पहली मुस्लिम ट्रांसवूमन हैं जिन्होंने पढ़ाई के लिए उच्च शिक्षण संस्थान में दाखिला लिया।

रिया इशा
रिया इशा
कॉलेज में छात्रों के संगठनों ने भी रिया को हर संभव समर्थन दिया। एक संगठन की ओर से कहा गया, 'हमने ही सबसे पहले कॉलेज प्रशासन से रिया के लिए अलग शौचालय की मांग की थी। हमें खुशी है कि कॉलेज ने इस पर ध्यान दिया।'

केरल सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार के लिए कई सारी पहलें शुरू की हैं। इनमें उच्च शिक्षण संस्थानों से लेकर फ्री सेक्स चेंज सर्जरी तक शामिल है। एक तरह से देखा जाए तो यह राज्य एक तरह से उपेक्षित ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए काफी कुछ कर रहा है। इसी क्रम में हाल ही में केरल के मल्लापुरम में एक सरकारी कॉलेज में इकलौती ट्रांसवूमन स्टूडेंट रिया इशा के लिए अलग से टॉयलट बनवाया गया। रिया केरल की पहली मुस्लिम ट्रांसवूमन हैं जिन्होंने पढ़ाई के लिए उच्च शिक्षण संस्थान में दाखिला लिया।

द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, '27 वर्षीय रिया को लगा कि ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।' रिया ने कहा, 'ऐसे कई सारे छात्र होते हैं जिनकी सोच पुरातन होती है और वे नहीं चाहते कि हम उनके शौचालय का इस्तेमाल करें। कई लड़कियों ने तो हमें देखकर अपनी नजरें तक फेर लीं। लेकिन कई ऐसे भी छात्र मिले जिन्होंने हमें पूरा सहयोग किया। कॉलेज प्रशासन ने भी हमारी खूब मदद की।'

कॉलेज प्रशासन की तरफ से कहा गया, 'यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर एक छात्र को बराबर का अधिकार दें, फिर चाहे वह लड़का हो लड़की हो या फिर ट्रांसजेंडर ही क्यों न हो।' कॉलेज में छात्रों के संगठनों ने भी रिया को हर संभव समर्थन दिया। एक संगठन की ओर से कहा गया, 'हमने ही सबसे पहले कॉलेज प्रशासन से रिया के लिए अलग शौचालय की मांग की थी। हमें खुशी है कि कॉलेज ने इस पर ध्यान दिया।'

अभी इकनॉमिक्स की पढ़ाई कर रहीं रिया ने कहा कि यह सुरक्षा और सुलभता का भी मामला है। वह बताती हैं कि उन्हें बाकी शौचालय में जाने में असुविधा महसूस होती थी। हालांकि यह पहली बार नहीं था जब रिया को समाज द्वारा एक अलग नजरिये से देखा जा रहा था। कूराचुंडू की रहने वाली रिया ने जब मलाप्पुरम आने का फैसला किया था तब उनके दोस्तों ने उन्हें कोच्चि जाने की सलाह दी थी। दरअसल कोच्चि में ट्रांसजेंडर लोगों की संख्या ज्यादा है। लेकिन रिया ने मलाप्पुरम में ही रहने का फैसला किया। वह कहती हैं कि यहां के लोगों को भी पता चलना चाहिए कि ट्रांसजेंडर होना कोई अपराध नहीं है और यह सामान्य बात है।

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