एक जोड़ा जूता जो आपको 'लेचल' मंज़िल तक


- एक ऐसा जूता जो करेगा आपको गाइड।

- अब लेचल शूज़ ले चलेंगे आपको आपकी मंजिल की ओर।

- पहले केवल नेत्रहीनों के लिए डिज़ाइन किया गया था लेकिन अब सब पहनेंगे लेचल शूज़।

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अब तक आपने नई-नई तकनीकों और आविष्कारों के बारे में सुना होगा। उनसे रू-ब-रू भी हुए होंगे लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि कभी आपके पैरों में ऐसे जूते होंगे जो आपको सही रास्ता ही नहीं दिखाएंगे बल्कि आपको अपने गतव्य तक भी पहुंचा देंगे। चौंक गए न? यह कोरी कल्पना नहीं है बल्कि एक दम सच बात है। अनिरुद्ध शर्मा और उनके मित्र क्रिसपियन लॉरेंस ने ऐसा ही एक हाई टेक जूता तैयार किया है। दोनों दोस्तों ने ड्यूकेयर टेकनोलॉजी की शुरूआत की जोकि 'लेचल शूज़' की पैरेंट कंपनी है। लेचल शूज़ शुरूआत में नेत्रहीन लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए लेकिन अब शीघ्र ही इसे आम जनता के लिए भी बनाया जा रहा है। लेचल शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। ले और चल यानी लेचल।

लेचल में नेविगेशन, फिटनेस, स्मार्ट असिस्ट और एक्सिसेबल्टी जैसे फीचर मौजूद हैं। इसी शानदार कार्य के लिए अनिरुद्ध को एमआईटी टेकनोलॉजी रिव्यू अंडर 35 पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

क्रिसपियन लॉरेंस और अनिरुद्ध शर्मा
क्रिसपियन लॉरेंस और अनिरुद्ध शर्मा

लेचल शूज़ को उपयोग में लाने के लिए पहले आपको अपने मोबाइल में एक एप्लीकेशन इंस्टॉल करनी होती है और नेवीगेटर के जरिए अपनी डेस्टीनेशन सेट करनी होती है फिर आपका मोबाइल, आपके शूज़ में मौजूद ब्लू टूथ से कनेक्ट हो जाता है और आपको सही राह पर ले जाता है। नेवीगेटर राह भटकने नहीं देता। डिवाइस में मैप और जीपीएस मौजूद है जिसके माध्यम से आपको आपके आस पास के लैंडमार्क के बारे में डिवाइस बताता रहता है ताकि यदि उनमें से कोई जगह आपको पसंद हो तो आप उस जगह को नेवीगेटर में सेट करके वहां जा सकते हैं। इसका एक और फायदा यह भी है कि आप कभी भी अपना फोन भूलेंगे नहीं। लेचल आपको यह भी बताता रहता है कि आपका फोन कहीं दूर तो नहीं है। इसके अलावा आपको विभिन्न अलटर््स भी समय-समय पर मिलते रहेंगे।

फिटनेस

लेचल शूज़ केवल रास्ता ही नहीं बताते बल्कि यह आपकी फिटनेस का भी खास ख्याल रखते हैं। इसके माध्यम से आप प्रतिदिन अपनी कैलोरीज का हिसाब भी रख सकते हैं। आप कितने किलोमीटर चले और आपकी कितनी कैलोरीज बर्न हुई इसका हिसाब भी लेचल शूज़ आपको देता है।

कैसे अलर्ट करते हैं यह शूज़ -

शुरूआत में इन शूज़ को नेत्रहीन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। जूतों के नीचे एक डिवाइस लगाई जाती जो आपके मोबाइल से कनेक्ट होती है आपको अपने मोबाइल के नेवीगेटर में अपना गनतव्य तय करना होता है और फिर आपको जिस भी डायरेक्शन में जाना होता है यह शूज़ आपको ले जाते हैं। जैसे कि यदि आपको लेफ्ट टर्न लेना है तो आपका लेफ्ट शूज़ वाइब्रेट होने लगेगा और राइट टर्न लेना होगा तो राइट शूज़ वाइब्रेट होगा। इस प्रकार यह शूज़ आपको सही स्थान पर पहुंचा देते हैं।

अभी इन शूज़ के निर्माता हैदराबाद के एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट में इनका टेस्ट करा रहे हैं और यह पहली बार है जब किसी फुटवेयर का किसी आई इंस्टीट्यूट में टेस्ट हो रहा है।

लेचल के अलावा भी अनिरुद्ध कई दूसरे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर चुके हैं। लेचल केवल एक अविष्कार नहीं बल्कि एक क्रांति है और यकीनन यह डिवाइस आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा।

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