इनवेस्ट कर्नाटक – निवेश, इनोवेशन और उद्यमशीलता वाला राज्य

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इनवेस्ट कर्नाटक-2016 में वैश्विक निवेशकों की मुलाकात के दौरान उद्योगपतियों, उद्यमियों, और सरकारी अधिकारियों का जमघट देखा गया। इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कर्नाटक के पास स्वभाविक तौर पर प्राकृतिक संसाधन, उच्च कोटी का मानव संसाधन और प्रतिभाशाली उद्यमशीलता की पूंजी है। उन्होने कहा कि “मेरा विश्वास है कि इन सब फायदों के बल पर कर्नाटक देश की आर्थिक विकास दर के मुकाबले दो प्रतिशत अधिक की वृद्धि दर हासिल कर सकता है।” इसी मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री वेंकैयानायडु का कहना था कि कर्नाटक के साथ एक फायदेमंद बात ये है कि केंद्र का उसे पूरा समर्थन हासिल है और वो राज्य की हर मदद को तैयार हैं।

कर्नाटक के उद्योग मंत्री आर वी देशपांडे का कहना था कि इनवेस्ट कर्नाटक ना सिर्फ बड़े समझौते करने का एक मंच है बल्कि इसकी कोशिश रही है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों को एक साथ जोड़ा जाए। साथ ही राज्य और केंद्र की कोशिश है कि इसके जरिये गरीबी को दूर करने में मदद मिल सके। उन्होने कहा कि ये निवेशकों के लिये बैठक करनी की एक अच्छी जगह है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इनवेस्ट कर्नाटक के शुभारंभ पर राज्य में सड़कों के विकास के लिये एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उन्होने बढ़ते यातायात के बारे में कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं और उन्हे उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। जबकि वी आर देशपांडे का कहना था कि “हम भारत का भविष्य हैं तभी तो हमारे यहां स्टील, कृषि, तकनीकी, चिकित्सा, स्टार्टअप, और मैन्यूफैक्चरिंग में सबसे ज्यादा निवेश हो रहा है।” देश में कर्नाटक ऐसा राज्य है जो साल 2000 से निवेश के मामले में अग्रणी रहा है। उन्होने भरोसा दिया कि “हम मेक इन इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।”

इनवेस्ट कर्नाटक में 300 से ज्यादा इक्जिबिटर ने हिस्सा लिया साथ ही 140 से ज्यादा प्रोजेक्ट की डीपीआर वेबसाइट पर मौजूद थी। इस मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में स्टार्ट अप का विकास स्वभाविक तौर पर हुआ है और एयरोस्पेस के क्षेत्र में अभी काफी संभावनाएं हैं। उन्होने कहा कि आज इस बात की जरूरत है कि देश मे मैन्यूफैक्चरिंग के ढांचे के विकास पर फोकस किया जाये।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार का वादा किया कि राज्य में 13 लाख मीट्रिक टन के फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस दौरान केंद्र और राज्य दोनों ने वैश्विक निवेशकों को कर्नाटक में निवेश का निमंत्रण दिया।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कर्नाटक में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं बावजूद इसके यहां पर आईटी सेक्टर पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इनवेस्ट कर्नाटक वो पहल है जिसके जरिये मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि उद्योग के साथ कर्नाटक में प्लास्टिक प्रौद्योगिकी पर भी ध्यान देने में मदद मिलेगी।

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