रतन टाटा की स्टार्टअप्स को मजबूत करने की कोशिशें जारी, 20 वें स्टार्टअप डॉगस्पॉट डॉट इन में किया निवेश

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रतन टाटा स्टार्टअप में निवेश करने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर....

रतन टाटा ने अबतक 20 स्टार्टअप्स में किया निवेश...

डॉगस्पॉट डॉट इन में भी किया निवेश


स्टार्टअप इंडिया को एक मजबूत आधार देने के लिए दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की कोशिशें लगातार जारी हैं। रतन टाटा ऐसे उद्योगपति हैं जिन्होंने अबतक सबसे ज्यादा स्टार्टअप्स में निवेश किया है। साल की शुरुआत में २० वें स्टार्टअप में निवेश करने वाले उद्योगपति रतन टाटा ने पालतू डॉग की देखभाल से जुड़े पोर्टल डॉगस्पॉट डॉट इन में निवेश किया है। हालांकि उनके निवेश की रकम का खुलासा नहीं किया गया।

डॉगस्पॉट डॉट इन के सह-संस्थापक एवं सीईओ राणा अथेय ने कहा, 

रतन टाटा ने डॉगस्पॉट डॉट इन में अघोषित राशि निवेश की है। रॉनी स्क्रूवाला ने भी कुछ नए एवं मौजूदा निवेशकों के साथ इस दौर में निवेश किया है। अन्य निवेशकों में अशोक मित्तल, रिशि पर्ती, धीरज जैन और अभिजीत पै शामिल हैं।

डॉगस्पॉट डॉट इन मुख्य मकसद है पालतू डॉग्स की ऑनलाइन देखरेख करना। इसकी स्थापना राणा अथेय ने 2014 में किया गया। राणा अथेय ने एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक्स में इंजीनियरिंग की और उसके बाद उन्होंने ब्रिटेन से एमबीए की पढ़ाई की। पहले डॉगस्पॉट डॉट इन में रॉनी स्क्रूवाला ने भी निवेश किया था। रतन टाटा के निवेश पर रॉनी स्क्रूवाला ने कहा,

हमलोगों ने डॉगस्पॉट में पहले निवेश किया था और हमें ऐसा लगता है कि अगले पांच साल में पालतू जानवरों का मार्केट का काफी विस्तार होने वाला है। डॉगस्पॉट डॉट इन एक ऐसी मंजिल है जहां आप पालतू जानवरों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकते हैं। साथ ही ई-कॉमर्स से जुड़े मसलों को बारे में जान सकते हैं।

ज़ाहिर तौर पर टाटा के निवेश से डॉगस्पॉट डॉच इन को काफी बल मिला है। डॉगस्पॉट डॉट इन के सह-संस्थापक एवं सीईओ अथेय का कहना है,  

टाटा द्वारा निवेश हमारी कंपनी में उनके भरोसे का प्रतीक है। भारत में पालतू जानवरों की देखभाल का क्षेत्र तेज बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसमें डॉगस्पॉट डॉट इन एक अहम भूमिका निभा रहा है।

पालतू डॉग्स के मार्केट पर नज़र डालें तो समझ में आता है कि आने वाले समय में वाकई यह क्षेत्र अहम होने वाला है। 2014 में अंतरराष्ट्रीय पालतू डॉग्स का बाज़ार 100 बिलियन तक पहुंच चुका है। अकेले अमेरिका में इसका बाज़ार 58 बिलियन का है। 40 लाख पालतू डॉग के साथ भारत का यह बाज़ार 1.22 बिलियन का है, जो कि हर साल लगभग 35 फीसदी के हिसाब से बढ़ रहा है।

जब पालतू डॉग का मार्केट इस तेजी से बढ़ रहा है तो ज़ाहिर है निवेशक अपनी रुचि इसमें दिखाएंगे। गौरतलब है कि रतन टाटा का यह फैसला इसी का नतीजा है। इससे पहले टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ई-कॉमर्स फर्मों से लेकर कैब एग्रिगेटर्स तक की स्टार्टअप्स कंपनियों में आक्रामक ढंग से निवेश करते रहे हैं। उन्होंने स्नैपडील, कारयाह, अर्बन लैडर, ब्लूस्टोन, कारदेखो, सबसे टेक्नोलाजीज, शियाओमी और ओला जैसी फर्मों में निवेश किया है।


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