शादी की तैयारी से लेकर भुगतान, इंदौर की फुल ऑन शादी के पास है हर समाधान

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यह अद्भुत है कि 38 अरब अमेरिकी डॉलर वाला भारतीय विवाह उद्योग स्टार्टअप पैदा कर पाया और दिलचस्प आइडिया से इस क्षेत्र में कमी को पूरी कर रहा है. खासकर तब जब संगठित विवाह अग्रेगेटर्स की भारी कमी है. फुल ऑन शादी फिलहाल 950 वेडिंग वेंडर्स की पूरी जानकारी रख रही है. यह एक ऐसा स्टार्टअप है जो ग्राहक को शादी के आखिरी समय होने वाली भागदौड़ के बिना पूरी प्लानिंग करने की आजादी देता है.


भारत में लोग शादी को ‘महंगाई मुक्त’, ‘सदाबहार’ व्यापार की तरह देखते आए हैं. इंदौर स्थित फुल ऑन शादी कुछ अलग हटकर करना चाहती है और वह बहुत लोगों द्वारा आजमाया वेडिंग प्लानर का काम नहीं करना चाहती. फुल ऑन शादी की सह-संस्थापक खुशबू जगवानी झालावाड़ कहती हैं, ‘हम पर्याप्त जोर नहीं दे सकते हैं कि विवाह ज्यादा से ज्यादा व्यक्तिगत हो. उसी दौरान दोनों परिवार शादी का अधिक आनंद ले बिना उसके इंतजाम में फंसे हुए. फुल ऑन शादी यूजर को अपनी पसंद का वेंडर चुनने की आजादी देता है, जिसके चलते आउटसोर्सिंग और व्यक्तिगत के बीच संतुलन बरकरार रहती है.’ खुशबू और उनके पति शलभ झालावाड़ एक ऐसी दोस्त की शादी के गवाह हैं जिनका परिवार विवाह का आनंद नहीं ले पाया था.

खुशबू आगे कहती हैं, ‘मुझे हैरान करने वाली एक खास घटना याद है. दुल्हन का मेकअप अपाइंटमेंट एक जानेमाने सलून में था. उसी सलून के कमरे में पांच से ज्यादा दुल्हनें बैठीं हुईं थी. जबकि एक मेकअप आर्टिस्ट ही एक के बाद दूसरी को सजाने का काम कर रहा था. इस झंझट के कारण परिवार आनंद नहीं ले पाया.’

अगस्त 2015 में झालावड़ दंपति ने फुल ऑन शादी की स्थापना की और इस ओर काम करना शुरू किया. खुशबू आईआईएफटी, दिल्ली की छात्रा रही हैं और उनके पास एमबीए फाइनेंस की डिग्री है. इसके अलावा उनके पास प्रोडक्ट स्ट्रेजिक प्लानिंग का पांच साल का अनुभव है. शलभ बीई कर चुके हैं और बिजनेस डेवलपमेंट और मार्केटिंग में सात साल का अनुभव रखते हैं.

क्या है फुल ऑन शादी?

फुल ऑन शादी एक एंड टू एंड उपाय है. जिसका लक्ष्य तकनीक का इस्तेमाल करते हुए विवाह उद्योग को पूरी तरह से बदलना है. फिलहाल कंपनी का ध्यान वेंडर की खोज करने पर लगा है. कंपनी के पास जो सूची है उसमें विवाह स्थल, दुल्हन के कपड़े, सलून, जेवर, फोटोग्राफर, वेडिंग प्लानर, फूल, टेंट सजावट, ड्रोन, शादी के कार्ड, ढोल, पंडित और ज्योतिषी शामिल हैं. शलभ कहते हैं, ‘बेशक, वेडिंग प्लानर तो हैं जो आपके आयोजन का सारा सिरदर्द ले लेते हैं लेकिन इसमें निजी पहलू भी चला जाता है. फुल ऑन शादी के साथ लोग एक किसी खास भाग को आउटसोर्स करने के बारे में चुन सकते हैं.’ फुल ऑन शादी के पास रोचक विशेषताएं भी हैं जैसे बजट प्लानर, टू डु लिस्ट, मेहमान की सूची आदि. खुशबू आगे बताती हैं, ‘वेंडर्स के लिए समीक्षा की सुविधा पूरी प्रणाली में जवाबदेही लाती है. इसे न तो कोई मिटा सकता है और न ही कोई उसमें बदलाव कर सकता है. इस वजह से हर कोई अपना बेहतर देना चाहता है.’ टीम किसी भी वेंडर को पोर्टल में आने की स्वीकृति के पहले उसकी स्क्रीनिंग करती है और उसके बाद पूरी जानकारी की दोबारा जांच की जाती है.

शलभ कहते हैं, ‘मुख्य तौर पर हम क्यूरेटर हैं, इस वजह से हमें नई प्रतिभा को तलाशने का अवसर मिलता है. उदाहरण के लिए बहुत से युवा फोटोग्राफर हैं जो उतने मशहूर नहीं हैं लेकिन वे कई पारंपरिक वेडिंग फोटोग्राफर से अच्छा काम कर सकते हैं. यह हमें ग्राहकों को पूरी तरह से नए कॉन्सेप्ट ऑफर देने की आजादी देता है.’

फुल ऑन शादी के पास हिमांशु जगवानी के रूप में मजबूत तकनीकी विशेषज्ञ हैं, जो इसके सह संस्थापक भी हैं. हिमांशु आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे हैं और उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, साथ ही वे खुशबू के भाई भी हैं. तकनीक के उत्साही हिमांशु कहते हैं, ‘तेज रफ्तार दुनिया में वेंडर के पास जाने और कीमतें पता करने के लिए किसके पास वक्त है. डायल अप की ही तरह संचार के पारंपरिक तरीके अप्रचलित हो जाएंगे. हमारी टीम का ध्यान ऐसे अल्गोरिद्म बनाने पर केंद्रित है जो यूजर के निशान को चुन सकता है और उन्हें समझदारी के साथ अनुकूलित विकल्प समन्वय करता है.' हिमांशु के पास फ्लिपकार्ट में एक साल का प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन का अनुभव है. फुल ऑन शादी में हिमांशु तकनीक विकास का काम देखते हैं. हिमांशु कहते हैं, ‘हमारा मानना है कि हमारी टीम में हिप्पी, हैकर और हसलर का सही मिश्रण है.’ फुल ऑन शादी को शुरू करने के लिए जब तीनों संस्थापक साथ जुटे थे तब उन्हें इस बात का एहसास था कि इस व्यापार में प्रतिस्पर्धा उनका इंतजार कर रही है. शादीसागा, 7वचन, वेड मी गुड जैसे विशिष्ट विवाह जरूरतों के वेडिंग स्टार्टअप हैं. शलभ कहते हैं, ‘हालांकि एक सच यह भी है कि उनमें से कोई भी विवाह उद्योग के लिए एंड टू एंड समाधान नहीं देता है. हम यूजर को सभी मौजूद विकल्पों के बारे जानने में सक्षम करते हैं और उन्हें फिल्टर करके उनके मापदंडों पर उतरने वालों को ही चुनने का मौका देते हैं ना कि हम यूजर को अपने संपर्क तक लाते हैं.’ अगले साल तक फुल ऑन शादी 15,000 वेंडर्स को लिस्टिंग की योजना बना रही है जबकि आठ और शहरों तक इस सेवा को पहुंचाने की भी योजना है. उनका लाभ मॉडल ऐसी प्रणाली है जो विज्ञापन के जरिए राजस्व दिलाता है. लॉन्च होने के दो महीने के भीतर ही फुल ऑन शादी को इच्छुक ग्राहक मिल रहे हैं. जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि भारतीय विवाह उद्योग में जो खाली स्थान था वह भर रहा है.

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