आईटी कारोबार में पहले नंबर की कंपनी बनना चाहती है एलएंडटी

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शेयर बाजारों में लार्सन एंड टुब्रो की दूसरी इकाई एल एंड टी इंफोटेक के 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ को सूचीबद्ध कराने को तैयार विविध कारोबार से जुड़े समूह के कार्यकारी चेयरमैन ए एम नाइक ने आज कहा कि उनका मकसद इस कंपनी को पहले पायदान की कंपनी बनाने का है जैसा कि उन्होंने समूह की अन्य इकाइयों के मामले में किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि एल एंड टी इंफोटेक के लिये तत्काल लक्ष्य उसकी आय को अगले तीन साल में दोगुना कर 2.0 अरब डालर (13,500 करोड़ रुपये) करना है।

एल एंड टी इंफोटेक लि. छठी सबसे बड़ी भारतीय आईटी सेवा कंपनी है। फिलहाल उसकी आय 88.7 करोड़ डालर है और 20,000 से अधिक कर्मचारी है।

समूह की पैतृक कंपनी एलएंडटी विभिन्न कारोबार से जुड़ी है और उसकी उपस्थिति इंजीनयरिंग, निर्माण, बुनियादी ढांचा आदि में है। कंपनी पहले से सूचीबद्ध है और उसका बाजार पूंजीकरण 1,500 अरब डालर है। एल एंड टी फाइनेंस होल्डिंग्स पांच साल पहले सूचीबद्ध हुई थी और उसका बाजार पूंजीकरण करीब 14,000 करोड़ रुपये है।

एल एंड टी इंफोटेक का कीमत दायरा 705 से 710 रुपये प्रति शेयर है इस लिहाज से कंपनी 12,000 करोड़ रुपये जुटाएगी।

नाइक ने कहा कि इस समय उनका पूरा जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि आईपीओ सफल रहे। उन्होंने कंपनी को समूह का ‘दूसरा बेबी’ करार दिया जो एल एंड टी फाइनेंस के बाद शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने जा रहा है।

आय वृद्धि की क्षमता के बारे में पूछे जाने पर नाइक ने पीटीआई भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा, ‘‘इस समय हमारा इसे तीन साल में दोगुना करने का लक्ष्य है..अत: हम 2 अरब डालर करना चाहते हैं।’’ 

हालांकि ए एम नाइक ने कहा कि कई चीजें आने वाले वषरें में होने वाली घटनाओं पर निर्भर हैं और इसीलिए सबसे पहले वह इसे ‘नवंबर वन ब्रांड’ बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि वह नहीं चाहते कि कंपनी की निरंतर तुलना इंफोसिस, विप्रो, काग्निजेंट और टीसीएस से की जाए। नाइक ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि इसकी तुलना इस रूप में की जाए कि जो कुछ भी एल एंड टी करती है, यह ‘नंबर वन’ है और मैं ‘नंबर वन’ पसंद करता हूं।’’ 21 अरब डालर के एल एंड टी समूह ने अपने प्रौद्योगिकी कारोबार को दो कंपनियों ..एल एंड टी टेक्नोलाजी सर्विसेज तथा एल एंड टी इंफोटेक..में विभिाजित किया है।

नाइक ने कहा कि दोनों कंपनियों की आय इस साल संयुक्त रूप से 1.5 अरब डालर होगी और उनका मकसद समूह की कुल सालाना आय में इनकी हिस्सेदारी कम-से-कम 10 प्रतिशत सुनिश्चित करना है।

दोनों कंपनियों को अलग रखे जाने के पीछे तर्क के बारे में नाइक ने कहा, ‘‘अगर मैं इसे मिला देता, यह छठे नंबर की कंपनी होती और लोग कहेंगे कि पहले पायदान की कंपनी पांच गुना बड़ी है। इससे मुझे क्या मिलता?’’ उन्होंने कहा कि इसके बजाय हम इंफोटेक को इस रूप में बढ़ाएंगे जिससे वह पूरी तरह आईटी पर ध्यान केंद्रित करे और दूसरी कंपनी पूरी तरह इंजीनियरिंग पर ध्यान दे। ‘‘इसके माध्यम से हम दोनों मकसद हासिल कर लेंगे।’’ करीब 52 साल से कंपनी से जुड़े नाइक ने कहा कि दोनों कंपनियां जरूरत पड़ने पर साथ मिलकर काम कर सकती हैं।

नाइक 18 साल से कंपनी के प्रमुख हैं। उन्होंने करीब 20 साल पहले प्रौद्योगिकी कारोबार शुरू किया। (पीटीआई)