गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए कैब चलाते हैं मैनेजर रह चुके ये बुजुर्ग

कैब वाले ये अंकल इस जज्बे के निश्चित रूप से एक अच्छा उदाहरण हैं, जो दिखाता है कि कोई काम छोटा नहीं है 

0

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में से एक सेवानिवृत्त महाप्रबंधक शख्स गरीब बच्चों की फीस भरने के लिए चला रहे हैं कैब...

साभार: फेसबुक
साभार: फेसबुक
उनकी कैब में बैठने वाले दिल्ली के एक युवा जसतेज सिंह ने उनके नेक काम के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा है।

मेधावी लेकिन गरीब बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए ये बुजुर्ग कैब वाले अंकल दिनभर चलाते हैं कैब 

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, ये बात हम लोग बचपन से ही किताबों में पढ़ते आ रहे हैं। मानवता, करुणा, सामंजस्य ये सब ही वो गुण हैं जो इंसानों को एक अद्भुत प्राणी बनाते हैं। कुछ इंसान इन गुणों में विशेष प्रवीण होते हैं। ऐसे लोगों से जब हमारी मुलाकात होती है तो दिल खिल उठता है। जीवन आश्चर्यों से भरा हुआ है और कभी-कभी हम सबसे अच्छी चीजों का गवाह करते हैं जब हम कम से कम होने की उम्मीद करते हैं।

ऐसा ही एक वाकया हुआ दिल्ली में रहने वाले एक युवा जसतेज सिंह के साथ। एक सुबह उन्होंने कहीं जाने के लिए टैक्सी बुलाई थी। जसतेज एमबीए के छात्र हैं। उन्होंने अपने कैम्पस से वापस अपने छात्रावास में वापस जाने के लिए एक कैब की बुकिंग की। जब ड्राइवर आ गए तो उन्होंने देखा कि एक अच्छी तरह कपड़े पहने हुए एक बुजुर्ग आदमी अत्यंत सावधानी के साथ कार की पिछली सीट की सफाई कर रहे थए। चूंकि जसतेज अकेले यात्रा करते समय पीछे की सीट पर बैठना पसंद नहीं करते हैं, इसलिए वह सामने ड्राइवर अंकल के साथ बैठे।

जसतेज अपने कोर्स की एक केस स्टडी में फंसे हुए थे, वह अपने रास्ते में भी इसे समझने की कोशिश कर रहे थे। तभी अचानक केसस्टडी से आंखें घुमाकर जसतेज ने कैब वाले अंकल से मजाक में कहा, अपने बच्चों को एमबीए मत कराइएगा। कैब वाले अंकल ने मुस्कुराकर बोले, 'आप केस स्टडी के बारे में इतने क्यों चिंतित हैं। बस एसओडब्ल्यूटी विश्लेषण पढ़ डालिए और सुनिश्चित करिए कि आपका समाधान कम से कम 5 वर्षों तक टिकाऊ है।' निश्चित रूप से जसतेज ने एक कैब चालक से अपनी शैक्षणिक समस्याओं के समाधान मिलने की उम्मीद नहीं की थी।

इस जवाब से चौंके हुए जसतेज ने उनसे और बातें करनी शुरू कर दी। तब उन्हें पता चला कि वो कैब वाले अंकल भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में से एक सेवानिवृत्त महाप्रबंधक हैं। जबकि उनकी पत्नी दिल्ली के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल में प्रोफेसर हैं, उनका बेटा मर्चेंट नेवी में एक अधिकारी है। अंकल खूब सारी पेंशन पातें हैं जिससे दिल्ली में भी वो एक आरामदायक जीवन शैली का आनंद ले सकते हैं, लेकिन यह केवल इसलिए काम करते हैं क्योंकि वह घर पर बेकार बैठना नहीं चाहते हैं।

ड्राइविंग से उन्हें बेहद है। कैब वाले ये अंकल इस जज्बे के निश्चित रूप से एक अच्छा उदाहरण हैं, जो दिखाता है कि कोई काम छोटा नहीं है और सभी को समान सम्मान का हकदार है। कैब चलाकर अंकल जो कुछ भी कमाते हैं, उसे वो गरीब बच्चों की मदद करने के लिए दान कर देते हैं। वह पूरे दिन ड्राइव करते हैं, ताकि हर माह वह उन छात्रों की फीस का भुगतान कर सकें। ये बच्चे बहुत मेधावी हैं लेकिन शिक्षा का खर्च उठा नहीं सकते। जब उनकी यात्रा समाप्त हुई तो ड्राइवर अंकल ने जसतेज को चाय पर कई चीजों पर चर्चा करने के लिए अपने घर में आमंत्रित किया। ये सारा ब्यौरा जसतेज ने अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर किया है।

यह भी पढ़ें: एक पैर वाले इस क्रिकेटर की कहानी भर देगी आपके भीतर प्रेरणा

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

Related Stories

Stories by yourstory हिन्दी