नोटबंदी पर मोदी बोले, 'यह महज शुरुआत है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि नोटबंदी अंत नहीं बल्कि काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘लंबी, गहन और निरंतर लड़ाई’ की शुरूआत है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि नोटबंदी अंत नहीं बल्कि काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘लंबी, गहन और निरंतर लड़ाई’ की शुरूआत है और इसका लाभ गरीब लोगों और आम जनता को मिलेगा। गौरतलब है कि भाजपा संसदीय दल ने उनके इस ‘महान अभियान’ के समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है।

काले धन, जाली नोट और भ्रष्टाचार से कारण सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों, निचले वर्ग और मध्यम वर्ग को उठानी पड़ती है और सरकार देश को इन बुराइयों से मुक्त कराने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

सांसदों ने नोटबंदी के समर्थन में यह प्रस्ताव ऐसे समय पारित किया है और प्रधानमंत्री के प्रति पूरा समर्थन जताया है जब पूरा विपक्ष एकजुट होकर इस अभियान के कारण जनता को पेश आ रही परेशानियों का हवाला देकर सरकार को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है।सभी सांसदों ने खड़े होकर मोदी के प्रति सम्मान भी जताया। इस प्रस्ताव में विरोधी पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा गया है कि वे यह फैसला कर लें कि वे भारत की जनता और सरकार के साथ हैं या फिर काले धन के जमाखोरों के साथ। इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे और चर्चा को लेकर गतिरोध के बीच भाजपा संसदीय दल ने एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करके कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘महायुद्ध’ छेड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी। प्रस्ताव में कहा गया है, ‘ हम प्रधानमंत्री को ऐतिहासिक, साहसी, गरीबोन्मुखी और राष्ट्र के हित में लिये गए इस निर्णय के लिए बधाई देते हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में पार्टी नेताओं को भी संबोधित किया। मोदी ने कहा, ‘बड़े नोटों को अमान्य करने का कदम कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी मजबूत एवं सतत लड़ाई की शुरूआत है।’ सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा है, कि बड़े नोटों को अमान्य करने का निर्णय अंत नहीं बल्कि कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत और सतत लड़ाई की शुरूआत है।

संसदीय पार्टी की बैठक में भाजपा के सभी सांसदों को बुलाया गया था ताकि नोटबंदी के विभिन्न आयामों के बारे में उन्हें बताया जा सके।बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है और चर्चा से भाग रहा है। उन्हें (विपक्ष) यह तय करना चाहिए कि कालाधन की बुराई के खिलाफ लड़ाई में वे किस ओर खड़े हैं। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर इन दलों को यह तय करना चाहिए कि वे किधर खड़े हैं। क्या वे ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं जो कालेधन की जमाखोरी कर रहे हैं या उनका संरक्षण कर रहे हैं।' बैठक के दौरान वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भी पार्टी सदस्यों को संबोधित किया और सरकार के रूख से अवगत कराया। जेटली ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि 'पिछले 60.70 वर्षों से चले आ रहे चलन को खत्म करके प्रधानमंत्री ने नया चलन शुरू किया है।विपक्ष पर विकास का मार्ग अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए जेटली ने कहा कि अब नया चलन यह है, कि सभी काम सफेद लेनदेन के तहत होंगे। पिछले 60.70 वर्षों के चलन को समाप्त करके प्रधानमंत्री मोदी ने नया चलन शुरू किया है। कुछ लोग यह कहते हैं कि नोटबंदी के बारे में वित्त मंत्री को भी नहीं पता था। पार्टी के लोगों को इसके बारे में पता था। ये दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती हैं।'

साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के विरोध के बीच लोगों से कहा कि वे उनके एप के जरिए नोटबंदी पर अपने विचारों से सीधे उन्हें अवगत कराएं। उन्होंने जनता से सर्वेक्षण में शामिल होने को कहा जिसमें 500 और 1000 रपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के संबंध में कई सवाल दिए गए हैं ।

मोदी ट्वीट : नोट बंद किए जाने से संबंधित फैसले पर मैं आपकी राय जानना चाहता हूं । एनएम एप पर सर्वेक्षण में भाग लीजिए।

प्रधानमंत्री द्वारा रखे गए सवालों में ‘क्या आपकी कोई सलाह, विचार या राय है, जो आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा करना चाहेंगे’ जैसे सवाल शामिल हैं। वहीं कुछ अन्य सवालों में यह भी पूछा गया है, कि "क्या आपको लगता है कि भारत में काला धन है? क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार और काले धन की बुराई से लड़े जाने और इन्हें उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है? आप 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने के सरकार के कदम के बारे में क्या सोचते हैं?" 

लोगों के विचार मांगने का प्रधानमंत्री का कदम ऐसे समय आया है जब विपक्ष ने नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार पर हमला तेज कर दिया है ।

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