फॉरेन एक्सचेंज के लिए अब लम्बी लाइनों में पसीना बहाने की जरुरत नहीं

बाय फ़ॉरेक्स ऑनलाइन ने निकाला आसान समाधान

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हर विदेश यात्रा के दौरान एक अनजान डर बना रहता है कि यहां पर मदद करने वाला कोई नही हैं | क्या होगा अगर लूट हो जाए, या रूपए ख़त्म हो जायें? ऐसे में किसी को बुला भी नहीं सकते, और वहां की मुद्रा भी आपके पास नहीं हैं | यह बातें फिर गलत रूप ले लेती हैं | फॉरेन एक्सचेंज एक ऐसा बिज़नेस है जो देश से बाहर जाने से पहले हर किसी के चेकलिस्ट का महत्वपूर्ण अंग बनता है |

बाय फ़ॉरेक्स ऑनलाइन (buyforexonline) ऑनलाइन लोगों को विदेशी मुद्रा खरीदने में मदद करता है | मुद्रा व्यापार से पुराना नाता होने के कारण संस्थापक अनंत रेड्डी ने अपना करियर फ़ॉरेक्स इंडस्ट्री में 1995 में शुरू किया | अनंत बचपन से मुद्रा व्यापार में हैं | ये उनका जुनून ही था जिसने उनके करियर में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, जिससे वह फ़ॉरेक्स बिज़नस में आये |

अनंत कहते है - “मैं फ़ॉरेक्स में संयोग से आ गया | 1995 मैं अपनी चार्टर्ड एकाउंटेंसी कर रहा था | एक दिन मैं बैंगलोर में रोड में टहलता हुआ थॉमस कुक के ऑफिस में आया और मैं लोगों की भीड़ देख कर हैरान हो गया यहां पर लोग गर्मी में लम्बी कतारों में खड़े थे | उन लोगों को एक आदमी जो शीशे के पीछे एयर कंडीशन में बैठा था वह कुछ दे रहा था, मैंने यह जानने की कोशिश की आखिर यह जादुई उत्पाद क्या हो सकता है?

फिर कुछ समय बाद मैंने भी इस क्षेत्र में आने का निर्णय लिया और फ़ॉरेक्स लाइसेंस के लिए ज़रूरी चीज़ें कर के अपना ऑफिस खोल लिया | मैंने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवायें दी, जो प्रतिक्रिया थी वो बहुत ही जबरदस्त थी | मैं उस पहले दिन की प्रतिक्रिया को नियंत्रित नहीं कर पाया | मेरे पहले दिन का लाभ मेरी औसत मासिक सैलरी से कई गुना ज्यादा था | मैंने सोचा की यही रास्ता है इस इंडस्ट्री में जाने का, और तब से मैं यहां हूं |”

पैसे और लेनदेन से शुरू हुए किसी भी व्यापार कि अपनी चुनौतियां हैं, उसे सरकार के मापदंडो और ग्राहकों की जरूरतों पर खरा उतरना पड़ता है | अधिकतर समय में लोग फ़ॉरेक्स रेट तय कर देते हैं लेकिन जब लेन देन करते उस समय रेट बदल जाते हैं और लोगों को वो ही देना पड़ता है जो उन्होंने पहले चुना था| वैसे तो ये ऑनलाइन सेटअप से लिए निश्चित है जहाँ पर टीम रेट को तय कर देती है जिससे किसी को भी उतार-चढ़ाव और हिडन चार्जेज के कारण ज्यादा भुगतान न देना पड़े |

अपने ऑनलाइन मॉडल और ग्राहक सेवा के द्वारा अनंत दावा करते है की वह फ़ॉरेक्स रेट को बैंगलोर में लाने के लिए जिम्मेदार है| आमतौर पर अनंत अपना ऑफिस रविवार को भी ग्राहकों कि सेवा के लिए खोलते है| वह कहते है “मेरा प्रयास इस उपक्रम से ग्राहकों को उच्च स्तर की मदद देना है| कोई भी वृद्धि फ़ॉरेक्स के लिए नाजुक है वह भी तब जब ग्राहक देश से बाहर हो | आज तक मैं यह नहीं समझ पाया इस आसान से तथ्य को पारम्परिक फ़ॉरेक्स खिलाडी और बैंक क्यों नही समझ पा रहे हैं | कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है और सभी लोग ऑफिस टाइम से ज्यादा काम नहीं करना चाहते हैं |”

इस आकर्षक वेबसाइट के नाम के पीछे भी एक कहानी है| अधिकतर वेबसाइट जिनका नाम फ़ॉरेक्स से शुरू होता था वो पहले ही विदेशी व्यापारियों द्वारा लिया जा चुका था लेकिन बाय फ़ॉरेक्स ऑनलाइन डॉट कॉम किसी ने नहीं लिया था तो उन्होंने इसे जल्दी से खरीद लिया | ये आसानी से याद रहने वाला वाक्यांश था और शायद सबसे ज्यादा फ़ॉरेक्स प्रश्न के लिए खोजा गया भी|

बाय फ़ॉरेक्स ऑनलाइन डॉट कॉम का कार्य आसान है| ग्राहक को यात्रा के दौरान एक प्रीपेड फ़ॉरेक्स कार्ड दिया जाता है जो कि विश्वभर में अधिक से अधिक एटीएम में प्रयोग किया जा सकता है | यह डेबिट और क्रेडिट कार्ड के मुकाबले 9 से 11 प्रतिशत की बचत करता है | ग्राहक को एक दूसरा कार्ड भी दिया जाता है जिसे वो पहला कार्ड खो जाने पर प्रयोग कर सकते है | ग्राहक रूपये ख़त्म हो जाने पर उस में दोबारा रुपया डाल सकता है|

इस समय कंपनी मेक माय ट्रिप के साथ मिलकर विदेश में यात्रा करने वाले यात्रियों को फ़ॉरेक्स सेवायें दे रही है| इनका कहना है कि प्रत्येक महीने औसत 7500 भारतीय मुद्रा दर के टिकट के साथ 1000 लेन-देन होता है | संस्था का अधिकतर फायदा पहले से ही निर्धारित बैंक रेट से होता है|

भविष्य के बारे में बात करते हुए अनंत कहते है कि टीम का ध्यान विकास और व्यापार को दूसरे देशों में फैलाना है ये देख के अच्छा लगता कि इस तरह का बिज़नस ऑनलाइन हो रहा है और कागज पर लेन-देन के कार्य को कम कर रहा है | हालांकि यह क्षेत्र खरीदार के लिए परिपक्व है और यह एक ऐसा बाज़ार है जिसमे हम देखना चाहेंगे कितने लोग इस रास्ते पर चलते है|

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