मिलिए फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप प्रोग्राम में जगह बनाने वाली भारत की तीन महिलाओं से

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 भारत की तरफ से चुनी गईं इन महिलाओं के लिए 'मां' शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन महिलाओं ने फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप फेलोशिप जीतकर न केवल खुद को बल्कि देश को भी गौरवान्वित किया है।

फेसबुक के सामुदायिक नेताओं के रूप में चुने गए शीर्ष पांच प्रतिभागियों में टॉप पर भारतीय उद्यमी आधुनिका प्रकाश हैं। शीर्ष पांच को अपनी सामुदायिक पहल को फंड करने के लिए 1 मिलियन डॉलर तक दिया जाएगा।

फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप प्रोग्राम में भारत की तीन महिलाओं को जगह मिली है। भारत की तरफ से चुनी गईं इन महिलाओं के लिए 'मां' शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन महिलाओं ने फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप फेलोशिप जीतकर न केवल खुद को बल्कि देश को भी गौरवान्वित किया है। जिन महिलाओं ने फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप फेलोशिप जीती है वे गर्भवती महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करने वाले समुदायों का नेतृत्व करती हैं।

फेसबुक के सामुदायिक नेताओं के रूप में चुने गए शीर्ष पांच प्रतिभागियों में टॉप पर भारतीय उद्यमी आधुनिका प्रकाश हैं। शीर्ष पांच को अपनी सामुदायिक पहल को फंड करने के लिए 1 मिलियन डॉलर तक दिया जाएगा। वहीं दो अन्य भारतीय महिलाएं- चेतना मिश्रा और तमन्ना धामजा - को 50,000 डॉलर प्रत्येक को फैलोशिप मिलेगी।

फेसबुक कम्युनिटी लीडरशिप प्रोग्राम (एफसीएलपी) एक वैश्विक पहल है, जो फेसबुक के मुताबिक दुनिया भर के 100 से अधिक प्रतिभागियों को लाभान्वित करेगी। ये पहल उन महिलाओं को सपोर्ट टूल्स, फंडिंग के अलावा उनमें विश्वास जगाएगी कि उन्हें अपने समुदायों का नेतृत्व करने की आवश्यकता है।

एक ब्लॉग में प्रोडक्ट पार्टनरशिप के वाइस प्रसीडेंट इमे आर्किबोंग ने साझा किया, "फरवरी में कार्यक्रम की घोषणा के बाद से, हमें दुनिया भर से 6,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।" अब 115 लोग हैं जिन्हें इस कार्यक्रम में निवासी, साथी और युवा प्रतिभागियों के रूप में समुदाय के नेताओं के रूप में चुना गया है।

आधुनिका प्रकाश - ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) को बना रहीं अपना मिशन

स्तनपान एक प्रकार की चुनौती है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है। यह खासकर नई माताओं के लिए एक तनावपूर्ण एट्विटी है। आधुनिका प्रकाश का समुदाय - भारतीय माताओं के लिए स्तनपान सहायता प्रदान कर रहा है। इसके अलावा ये समुदाय 80,000 से अधिक लोगों के साथ, स्तनपान कराने वाली माताओं और पीयर-टू-पीयर सपोर्ट सिस्टम के तहत स्तनपान के विभिन्न चरणों में मदद करता है। इसकी शुरुआत 2013 में पुणे से हुई थी। अधुनिका एक प्रमाणित लैक्टेशन टीचर (स्तनपान शिक्षक) और परामर्शदाता हैं। जैसे-जैसे समुदाय बढ़ता गया वैसे-वैसे इसने बैठकों के माध्यम से अपनी ऑफलाइन उपस्थिति में भी वृद्धि की है।

चेतना मिश्रा- MompreneursIndia

चेतना मिश्रा MompreneursIndia की संस्थापक हैं। उन्होंने अपने बच्चे को सपोर्ट करने के लिए काम से एक ब्रेक लिया, और महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने और उन्हें बनाए रखने में मदद करने के लिए इस समुदाय को बनाने का फैसला किया। जब वह समुदाय का काम कर रहीं थीं तब भी उन्होंने अपने सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स पर काम करना जारी रखा। फोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह अपने फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स से खुश हैं और एक ऐसे समुदाय का निर्माण कर रही है जहां उसके सभी प्रयासों को स्वीकार किया गया है।

खुद की पहचान के बारे में वह कहती हैं, 'मेरे पास फंडेड बिजनेस नहीं है। हमारी कम्युनिटी जैसे बढ़ रही है, वैसे खर्च भी बढ़ रहा है। इसलिए मेरे लिए फेसबुक से यह स्कॉलरशिप किसी सपने के सच होने जैसी है। अब मैं समुदाय के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं पर अमल कर सकती हूं। मुझसे कहा गया था कि 'मेरे स्टार्टअप में फंडिंग की संभावनाएं नहीं हैं।' लेकिन, फेसबुक की यह स्कॉलरशिप एक मिसाल है कि हम कुछ अच्छा कर रहे हैं तो आगे बढ़ने के रास्ते भी मिल जाएंगे।'

चेतना अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए जिस सबसे बड़ी चुनौती से पार पाने की कोशिश कर रही हैं, वह फंड से ही संबंधित है। वह कहती है, 'चूंकि, हमें फंड नहीं मिलता है इसलिए हमारे ग्रोथ की दर धीमी है। हमें वॉलंटियर्स खोजना पड़ता वहै। कई प्रोत्साहनों की के बावजूद ऐसे वॉलंटियर्स ढूंढना, जो हमारे जुनून को साझा करके समुदाय में अपना कुछ समय दे सकें बड़ी चुनौती है क्योंकि ज्यादातर माताओं के पास पहले ही समय का अभाव है।' अब उनकी नजर अमेरिका में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय आयोजन पर है, जहां वह अन्य साथियों से मिलेंगी।

तमन्ना धामिजा - बेबी डेस्टीनेशन

2016 में तमन्ना धामिजा द्वारा सह-स्थापित, यह डिजिटल समुदाय गर्भवती महिलाओं और नई मां की देखरेख के लिए है। यहां वे अपने पैरेंटिंग के अनुभवों और सिफारिशों को अन्य माताओं के साथ साझा कर सकते हैं। पिछले साल, तमन्ना ने फंड के जरिए 2 करोड़ रुपये जुटाए थे। फोन पर बात करते हुए, तमन्ना ने साझा किया कि 100 समुदाय के नेताओं में से एक के रूप में चुने जाने का अनुभव बेहद सुखद रहा। तमन्ना ने बेबी डेस्टिनेशन शुरू करने के लिए न्यू यॉर्क में बड़ा करियर छोड़ दिया। लेकिन अब बेबी डेस्टीनेशन व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से पांच लाख से अधिक माताओं का समुदाय बन चुका है। लेकिन, वह कहती हैं, "वे तो अभी शुरुआत है।"

अगले स्तर पर इसे ले जाने के बारे में वह कहती हैं, "हम अपने क्षेत्र में स्थानीय और बहुभाषी समुदायों के निर्माण और विभिन्न भाषाओं में कंटेंट तैयार कर इसका विस्तार करना चाहते हैं।" अभी इस समुदाय का कंटेंट पांच भाषाओं में है। ऑफलाइन कनेक्ट भी इस समुदाय के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे दूसरे शहरों में ले जाने के लिए प्रयास और संसाधनों की आवश्यकता होगी।

फेसबुक की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद जो प्राथमिक चुनौतियों सामने आईं वो थीं- प्रशिक्षण, सपोर्ट और धन की कमी। ये कुछ आम बाधाएं थीं लेकिन अच्छी बात ये थी कि "उन्होंने अपने समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए कि कम से कम इन नेताओं ने कल्पना तो की।"

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अगले वर्ष चुनिंदा बिंदुओं पर, प्रतिभागी मेनलो पार्क में फेसबुक के मुख्यालय में समय व्यतीत करेंगे जहां फेसबुक की टीम उनकी सामुदायिक पहलों को विकसित करने में मदद करेगी।

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