एक नयी सोच के द्धारा चार भारतीय फैशन देवियों की अपने लाइफस्टाइल ब्रांड को आसमान की ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश

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यह बात १९९४ की है जब सुष्मिता सेन मिस यूनिवर्स के मंच पर अपने आखरी पड़ाव पर खड़ी थी | उस समय टीवी पर उस कांटेस्ट को देख रहे सभी दर्शकों की निगाहें उन पर टिकी हुई थी | उन्हीं दर्शकों की भीड़ में १६ वर्षीय प्रीता सुखतंकर भी उनके हर कदम को बेहद उत्सुकता से जांच कर रही थी | तभी सुष्मिता सेन से सवाल पूछा गया की औरत होने का सार क्या है? उन्होंने अपने इस प्रशन का उत्तर बाखूबी देते हुए कहा की औरत भगवान का बहुत बड़ा उपहार है I एक औरत ही है जो प्यार, देखभाल और शेयर करना सिखाती है | सुष्मिता के इस आश्वस्त जवाब ने मानो संपूर्ण भारतवर्ष को एक जुट कर दिया हो | फैशन और सौंदर्य के मार्ग पर चल रही प्रीता की ज़िन्दगी का इंडस्ट्री की तरफ ये पहला कदम था | आज ३८ वर्षीय प्रीता मुंबई में स्थित 'लेबल लाइफ' एक सम्पादकीय इ-कॉमर्स लाइफस्टाइल ब्रांड की संस्थापक है | १९६६ में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला द्धारा जीते गए इस ताज का जिक्र करते हुए वह कहती है की यह एक ऐसा दौर था जिसने सभी देश के लोगो में सौंदर्य और फैशन उध्योग में जागरूकता भर दी थी |

एम टीवी में टेलीविज़न निर्माता के रूप में काम करने के बाद जब वह सवेंटीन मगज़िने और एल ऑफिसियल के रूप में आगे बड़ी तो उन्हें सुंदरता और लक्जरी स्वाद की गहरी समझ हुई | उन्होंने घटना शैली विज्ञापन और भारतीय महिला उपभोगता को समझने के लिए कई अवतार लिए | वह अपनी महिला टीम पर भरपूर विश्वाश करते हुए उन्हें अच्छी तरह से समझती है | २०१२ में शुरू हुए इस लावेल कॉर्प ने २०१३ में कलारी राजधानी से एक मिलियन डॉलर वित्त के साथ उन्होंने इसको लेबल लाइफ के नाम से शुरू किया | इन्ही वर्षो में उन्हें भारत से बाहर अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड का अच्छा तजुर्बा हो गया|

उन्हें इस बात का भली भाँती एहसास था कि कोई भी उपभोक्ता उनकी कही बात पर चुटकी में विश्वास नहीं करेगा अथवा इसी लिए उन्होने तीन मशहूर कलाकार सुज़ैन खान, मलाइका अरोरा व बिपाशा बासु को अपने व्यवसाय का चेहरा बनाया | यह तीनो सिर्फ अपने ब्रांड की पुष्टि ही नही करते बल्कि कपड़े, घर की सजावट के सामान को अपने मन के मुताबिक इस व्यापार में अपना योगदान भी देती हैं | अगर उनके व्यापार की तुलना की जाए तो इसमें पिछले साल से ४० से ४५ तक की बढ़ोतरी हुई है | वह आगे बताते हुए कहती है कि वह विभिन्न अन्य ऑनलाइन शॉपिंग वेब्सीटेस के साथ भी अपना सहयोग दे रही है जिनमें मिंत्रा, वूनिक, रोपोसो आदि जैसे स्टारटूप्स शामिल हैं ओर इन सभी में उन्हें काफी अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही | हाल ही में उनका लेटेस्ट एड्डीशन क्राफ्टविल्ला है जहा पर वे कहती हैं कि दिसंबर महीने में त्योहारों के समय में लेबल लाइफ को पॉप उप करेंगे | वह आगे कहती हैं कि उन्हें इस साल ५०% अकेले चैनेलो से ड्राइव करने का उदेश्ये है |

अगर हम अन्तर्राट्रीय अपील सस्ती उत्पादों की पेशकश भारतीय ब्रांड के बारे में बात करे तो हमारे जेहन में जेपोर एवं फैब इंडिया जैसे अन्य ब्रांड का आना उचित है | वहीं दूसरी तरफ लेबल लाइफ अपनी पहचान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है | लेबल लाइफ भी अपने ब्रांड को आगे बढ़ाने में पर्सनल टच पर ज्यादा ध्यान दे रहा है ताकि वह भी अपनी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना सके | प्रीता जी हर महीने सेलिब्रिटी पावर और सामग्री के दम पर एक डिज़ाइनर नियुक्त करती हैं ताकि वह उनका प्रतिनिधित्व कर सकें | मालानी रमणी और रॉकी एस जैसे कलाकारों ने भी इनके व्यवसाय की तरफ लोगों को आकर्षित करने में अपना सहयोग दिया है | वह आगे बताते हुए कहती हैं कि हाल ही में उनके तीनों टस्टमकेरस टेस्ट मेकेर्ज़ एक साथ पहली बार आए और मलाइका ने सुज़ैन का फोटो शूट किया और उनकी तस्वीरें को सामाजिक मीडिया में शेयर भी किया | वह आगे कहती हैं कि रॉकी एस उनके दिसंबर के महीने के संपादक हैं और इसमें उनका साथ बिपासा दे रही हैं | अपने स्टाइल एडिटर्स का उपभोगता के साथ पर्सनल टच बनाने के प्रयास में उन तीनों का विशेष ट्विटर हैंडल्स बनाये जा रहे हैं जिससे उपभोगता अपने प्रश्नों का उत्तर पा सकेंगे | वह अपने ब्लॉग लेबल रिपोर्ट को एक मजबूत सम्पादकीय आवाज़ के साथ लाने का दावा भी कर रही हैं |

प्रीता जानती हैं कि पश्चिम में ये प्रवृत्ति कोई नई बात नहीं है | वह कहती हैं कि ग्राहकों को फैशन के इस दौर में किसी उत्पाद को खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता | बजाय इसके वह ग्राहकों को टॉप ५ ब्रांड्स दिखाएँ व उन्हें उनमे से चुनने का मौका दें | उदारहण के तोर पर वे कहती हैं कि क्रिसमस के इस समय पर एक अच्छी पुडिंग की विधि के साथ नवीनतम बर्तनों का इस्तेमाल किया जाए तो अपने ब्रांड को बहुत ही आसानी से ग्राहकों के दिलों तक पहुंचाया जा सकता है | एक सर्वेक्षण के हिसाब से वह कहती है कि ज़्यादातर भारतीय लोग विदेश से ब्रांडेड उत्पाद लेना पसंद करते है और आने वाले अगले ५ सालो में इनकी संख्या १३२ बिलियन से बढ़ कर २३६ बिलियन होने की उम्मीद है |

लेबल लाइफ शुरू करने का यह एक सुनहरा मौका है परन्तु अगर हाल ही में किये गए वॉल स्ट्रीट जर्नल के सर्वेक्षण कि मानें तो लोग लुक्सरी एवं महंगी चीजों को ऑनलाइन खरीदने के बजाय दूकान से खरीदना ज्यादा पसंद करते है| उनकी रिपोर्ट के हिसाब से २०१४ में ऑनलाइन सिर्फ १% ही लुक्सरी चीजों की खरीदारी हुई है जबकि ९८% चीजें लोग दुकान से खरीदना पसंद करते हैं | आने वाले अगले ५ साल तक ग्राहकों का यही हाल रहेगा | प्रीता ने मिंत्रा के साथ साझेदारी करके कुछ हद तक स्तिथि संभाली है ओर वह यह मानती हैं कि जितना उन्होंने पिछले साल प्राप्त किया है उससे दुगना वह वह इस साल प्राप्त करेंगे | हालांकि उनके लिए यह विशवास के साथ बताना कुछ ज्यादा जल्दी होगा क्योंकि कुछ दिन समय पहले ही उन्होंने मिंत्रा के साथ समझौता किया है और जिसके चलते अभी से उन्हें हर हफ्ते १०० से भी ज्यादा आर्डर मिल रहे हैं | प्रीता अच्छी तरह से अपने उपभोगता को समझती हैं और कहती है की अगर ग्राहक उनके पास नहीं आएंगे तो उन्हें ग्राहकों तक जाना होगा और वे इसके लिए पूर्ण तरीके से तैयार हैं |