कर्नाटक सरकार की 'उन्नति' योजना की घोषणा कर मंत्री प्रियांक खड़गे ने किया टेकस्पार्क्स 2018 का आगाज

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भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस और योरस्टोरी के फ्लैगशिप इवेंट 'टेकस्पार्क्स 2018' की शुरुआत शुक्रवार को कर्नाटक के सामाजिक कल्याण मंत्री प्रियांक खड़गे ने विचारों को बढ़ावा देने व समाज में प्रभाव पैदा करने वाली सरकारी योजना की घोषणा के साथ की।

प्रियांक खड़गे
प्रियांक खड़गे
कार्यक्रम में खड़गे ने अपने भाषण के दौरान खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा से जब एक प्रश्न पूछा गया कि बेंगलुरु में बुनियादी ढांचे पर कब ध्यान दिया जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री बनने की जरूरत है!

भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस और योरस्टोरी के फ्लैगशिप इवेंट 'टेकस्पार्क्स 2018' की शुरुआत शुक्रवार को कर्नाटक के सामाजिक कल्याण मंत्री प्रियांक खड़गे ने विचारों को बढ़ावा देने व समाज में प्रभाव पैदा करने वाली सरकारी योजना की घोषणा के साथ की। मंत्री प्रियांक खड़गे ने 'उन्नति' नाम से एक ऐसी योजना की शुरूआत की है जो उद्यमियों और स्टार्टअप संस्थापकों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार के साथ काम करने का अवसर प्रदान करेगी। इस उद्यमिता कार्यक्रम के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जिसकी घोषणा टेकस्पार्क्स के नौवें संस्करण में की गई।

खड़गे ने कहा, "हम ऐसी टेक कंपनियों को आमंत्रित कर रहे हैं जो आर्टीफीशियल टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और अन्य उभरती टेक्नोलॉजी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। साथ ही जो वास्तविक जीवन की समस्याओं को भी हल कर सकते हैं। हम कर्नाटक को इनोवेशन के साथ सामाजिक प्रभाव बनाने में लीडर के तौर पर देखना चाहते हैं। इनोवेशन को सरकार द्वारा बढ़वा दिया जाना चाहिए।"

महात्मा गांधी का हवाला देते हुए खड़गे ने युवा उद्यमियों को काफी प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्नति के माध्यम से युवाओं से आह्वान किया कि वे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ग्रोथ को नीचे से ऊपर लेकर जाएं। सीवेज ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए एआई और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाले स्टार्टअप के उदाहरण को याद करते हुए खड़गे ने कहा कि विभाग उन स्टार्टअप के साथ काम करना चाहता है जो सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं।

उन्नति योजना के तहत जब कोई स्टार्टअप शॉर्टलिस्ट हो जाएगा तो मंत्रालय आवेदकों को सलाह, मार्गदर्शन और यहां तक कि फंड भी देगा। खड़गे ने कहा, "हम उन स्टार्टअप में 50 लाख रुपये तक निवेश करेंगे। हमने इस कार्यक्रम के लिए अभी तक 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। लेकिन अगर हमें अच्छे स्टार्टअप आइडियाज मिले तो हम मार्च से पहले 100 करोड़ रुपये तक इसे ले जाएंगे।" यही नहीं, 50 लाख रुपये का निवेश करने के अलावा, कर्नाटक सरकार इन स्टार्टअप को गवर्नमेंट सेक्टर के अंदर संचालन करने में भी मदद करेगी।

खड़गे ने कहा, "कर्नाटक सरकार ने डेटा साइंस, एनीमेशन एंड गेमिंग, आईओटी, एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी से जुड़े अन्य कई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए हैं। हम ज्ञान आधारित समाज बनाना चाहते हैं। हम उभरती टेक्नोलॉजी में स्किलिंग पर भी काफी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि हमारे पास विभिन्न तकनीकों के लिए एक कुशल श्रमिक तैयार हो सके।" मंत्री ने इनोवेशन कानूनी ढांचे के तहत आने वाले अपने सरकारी काम की भी घोषणा की, जिसमें सरकार स्टॉकहोल्डर के साथ साझेदार है और पॉलिसी लागू होने से पहले उनकी राय भी लेती है। खाड़गे ने कहा, "राज्य सरकार के पास एक और गेमचेंजर पहल है 'कर्नाटक इनोवेशन अथॉरिटी', जहां हम सभी नए इनोवेशन के साथ प्रयोग करते हैं जो नियंत्रित वातावरण में शासन की मदद कर सकते हैं।"

स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक कई कदम उठाए हैं, खड़गे ने कहा, "पिछले साल अकेले हमने 400 से अधिक स्टार्टअप को स्थापित करने में मदद की है। हमने 250 से अधिक को फंड किया है। हम खरीद और सेवाओं की नीति लाने की कोशिश कर रहे हैं जहां सरकार स्टार्टअप से कम से कम पांच और आठ प्रतिशत तक खरीद सकती है।" ईवेंट में, भारत के संपन्न स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र की प्रशंसा करते हुए, इजराइल के कौंसल जनरल दाना कुर्शी ने कहा, "इजराइल और भारत के बीच एक 'टेक स्पार्क्स' है। अगर जुगाड़ का विचार सकारात्मक रूप से लिया गया तो यह एक तरह का बड़ा सुधार होगा, और इससे भारत एक बड़ा केंद्र बन सकता है।"

कार्यक्रम में खड़गे ने अपने भाषण के दौरान खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा से जब एक प्रश्न पूछा गया कि बेंगलुरु में बुनियादी ढांचे पर कब ध्यान दिया जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री बनने की जरूरत है! हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि पिछले कुछ दशकों में शहर की ग्रोथ ने समस्या का सामना किया है, और कर्नाटक सरकार इस पर काम कर रही है। एक देशव्यापी साझा उद्यमशील पारिस्थितिक तंत्र के बारे में एक सवाल के जवाब में, उन्होंने सुझाव दिया कि वह प्रधानमंत्री होने पर इस तरह की सलाह देने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। विजय शेखर की थोड़ी हटकर कमेंट्स ने लोगों को खूब हंसाने का भी काम किया। उन्नति योजना के लिए आवेदन करने में दिलचस्पी रखने वाले स्टार्टअप 10 अक्टूबर से फॉर्म भर सकते हैं।

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