रजनीकांत हुए 66 वर्ष के : हैप्पी बर्थ'डे थलाईवा

जयललिता के निधन के कारण नहीं मनाएंगे जन्मदिन।

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साउथ फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत का आज जन्मदिन है। 12 दिसंबर 1950 को उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ था। वे आज 66 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के कारण वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। जयललिता का गत 5 दिसंबर को निधन हो गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं और अभिनेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘जन्मदिन की बधाई सुपरस्टार रजनीआपके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।’ अमिताभ बच्चन और शाहरूख खान ने भी उन्हें बधाई दी। बच्चन ने ट्विटर पर उनके साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘12 दिसंबर को रजनीकांत के जन्मदिन के मौके पर मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और उन्हें भरपूर प्रसन्नता मिलने की कामना करता हूं।’ शाहरूख खान ने तमिल के बड़े स्टार रजनी को ‘सबसे ज्यादा कूल और महान’ बताया। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं सबसे ज्यादा कूल और महान शख्सियत की अच्छी सेहत की कामना करता हूं, वह वर्षों तक हमारा मनोरंजन करते रहें।’’ 

रजनीकांत ने पिछले हफ्ते अपने प्रशंसकों से जन्मदिन नहीं मनाने का अनुरोध किया था। पिछले साल भी चेन्नई में आई बाढ़ के कारण उन्होंने जन्मदिन नहीं मनाया था।

रजनीकांत की बेटी ने उन्हें ‘महान व्यक्ति’ बताया। अपने पिता के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा है, कि ‘सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति, मेरे पिता, मैं आपसे प्रेम करती हूं। जन्मदिन की बधाई सुपरस्टार रजनीकांत।’ तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एमके स्टालिन और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी रजनीकांत को बधाई दी।

तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें ‘कोहिनूर हीरा’ बताया, जिन्होंने पुरुष प्रधान समाज में मुश्किलों के बीच अपना रास्ता तैयार किया।

साथ ही जयललिता और कलाकार से पत्रकार बने चो एस रामास्वामी के लिए साउथ इंडियन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन या नाडिगर संगम द्वारा आयोजित शोकसभा में रजनीकांत ने 1996 के विधानसभा चुनाव के दौरान जयललिता के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपने कड़े शब्दों को भी याद किया जिससे उन्हें (जयललिता को) बहुत दुख हुआ था। उन्होंने तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार की अपनी आलोचना का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने उन्हें चोट पहुंचाई। मैं उनकी (पार्टी की) हार की मुख्य वजह था।’’

रजनीकांत ने तब कहा था, कि यदि जयललिता की अन्नाद्रमुक चुनकर फिर सत्ता में आयी तो भगवान भी तमिलनाडु को बचा नहीं सकता। तब द्रमुक नीत गठबंधन ने प्रबल सत्ताविरोधी लहर में चुनाव जीता था।

रजनीकांत ने अपने पुराने दोस्त रामास्वामी को भी श्रद्धांजलि दी। जयललिता का पांच दिसंबर को निधन हो गया था जबकि रामास्वामी सात दिसंबर को गुजर गए थे।

गौरतलब है, कि रजनीकांत ने साउथ इंडस्ट्री के साथ-साथ बॉलीवुड में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। रजनीकांत जितने फेमस अपनी एक्टिंग को लेकर हैं, उतने ही खास उनके डायलॉग्स भी होते हैं। साथ ही वे एक बेहतरीन इंसान हैं, जो स्टार होते हुए भी सिनेमाई चकाचौंध से हमेशा दूर रहते हैं।

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