भारतीय किसान करेंगे अब अफ्रीकी देश में खेती

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देश में खेती से जुड़ी संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर यानी ICFA ने अफ्रीकी देश जांबिया में खेती के लिए वहां के रक्षा मंत्रालय के साथ समझौता किया है। 

रक्षा मंत्रालय के साथ हुआ समझौता, भारतीय किसान करेंगे अफ्रीकी देश में भी खेती

इससे पहले भी कई देशों में भारतीय किसान कॉन्ट्रैक्ट खेती करते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी भारतीय किसान कॉन्ट्रैक्ट खेती कर रहे हैं। कृषि जानकारों का मानना है कि ये तरीका तभी कामयाब होगा, जब विदेशी सरकारें ऐसे प्रोजेक्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ किसानों की ट्रेनिंग में भी मदद करें।

भारत के किसान देश में तो अपनी मेहनत दिखाते ही हैं, लेकिन अब वे नए अफ्रीकी देश जांबिया में भी खेती कर सकेंगे। देश में खेती से जुड़ी संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर यानी ICFA ने अफ्रीकी देश जांबिया में खेती के लिए वहां के रक्षा मंत्रालय के साथ समझौता किया है। ICFA ने जांबिया में काफी बड़ी जमीन पर खेती करने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।

देश की फूड सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए अफ्रीका के कई देशों में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का तरीका आजमाया जा रहा है। इसी कड़ी में एक और देश जुड़ गया है- जांबिया। यहां करीब पांच लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है इंडियन काउंसिल ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर यानी ICFA ने। इससे पहले भी कई देशों में भारतीय किसान कॉन्ट्रैक्ट खेती करते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी भारतीय किसान कॉन्ट्रैक्ट खेती कर रहे हैं।

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पिछले कुछ सालों से भारत सरकार विदेशों में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है। ICFA की ये पहल इसी दिशा में कदम है। लेकिन कृषि जानकारों का मानना है कि ये तरीका तभी कामयाब होगा, जब विदेशी सरकारें ऐसे प्रोजेक्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ किसानों की ट्रेनिंग में भी मदद करें।

फिलहाल, ICFA अब जांबिया में मिली जमीन की स्टडी करने जा रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि मक्का, दलहन और सब्जियों जैसी फसलें वहां हो सकती हैं या नहीं। इसके बाद 10,000 हेक्टेयर जमीन पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। विदेशों में खेती को एक विकल्प के तौर पर तो सही माना जा रहा है। लेकिन देश में किसान को अपनी फसल का सही मूल्य मिले इस दिशा में भी फोकस करना जरूरी है।

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