धार्मिक कट्टरपंथियों को ठेंगा दिखा शादी के बंधन में बंधे IAS टॉपर टीना और आमिर

अंतरधार्मिक शादी कर IAS टॉपर टीना डाबी ने दिया भारतीय समाज को एक बड़ा संदेश...

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टीना और आमिर की अंतरधार्मिक शादी ने भारतीय समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। टीना दलित समाज से हैं और अतहर कश्मीरी मुसलमान। कश्मीरी दूल्हे से शादी रचाकर टीना ने सीमा क्षेत्र की राजनीतिक कटुता के विरुद्ध भी नई पीढ़ी को अपना आइडियल बना लिया है। राजस्थान कैडर की आइएएस टीना डाबी यूपीएससी टॉपर और अतहर आमिर उल शफी खान सेकंड टॉपर रहे हैं। दोनों के बीच पिछले तीन वर्षों से अंतरंगता थी। अब, जबकि दोनों कल पहलगाम (कश्मीर) में शादी के बंधन में बंध गए, आइए टीना के उन मुश्किल दिनों की दास्तान जानते हैं, जब उनकी पढ़ाई पूरी कराने के लिए मां को वीआरएस लेना पड़ा था। उनकी मां तो कहती हैं- माई डॉटर इज माई हीरो।

भारत की सिविल सेवा में यूपीएससी टॉपर टीना डाबी की अपनी एक अलग ही पहचान है। 2015 के यूपीएससी एग्जाम में टॉप होने के बाद वह जबरदस्त तरीके से सुर्खियों में थीं।

टीना डाबी दलित समुदाय से ताल्लुक रखती हैं वहीं आमिर मुस्लिम, लेकिन दोनों ने जाति-धर्म के बंधनों को किनारे रखते हुए दिखा दिया कि प्यार में इन सब चीजों की कोई जगह नहीं होती। दोनों खुशनसीब थे कि उनके परिवारों को भी इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं हुई।

मसूरी की वादियों में कभी अपनी मुस्कान पर फिदा हुए सेकंड टॉपर अतहर आमिर उल शफी खान से पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) की खूबसूरत वादियों में शादी रचाकर अब यूपीएससी टॉपर टीना डाबी और आमिर हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए हैं। दोनों को ही राजस्थान कैडर मिला है। वर्ष 2015 में यूपीएससी की टॉपर रहे दोनों प्रतिभाशाली युवा पिछले दो साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। शादी की रस्म पूरी होने के बाद टीना अपनी ससुराल यानी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिला स्थित अतहर के पैतृक गांव देवेपोरा मट्टन चली गईं।

दोनों की मुलाकात डीओपीटी के ऑफिस में हुई थी जहां टीना ने पहली नजर में ही आमिर को पसंद कर लिया था। बाद में दोनों की दोस्ती हुई और फिर साथ जिंदगी निभाने का वादा भी कर लिया। उनके रिश्ते का सबसे बड़ा सच ये रहा है कि दोनों ने कभी अपनी नजदीकियों को किसी से छिपाया नहीं। इस तरह उनकी अंतरधार्मिक शादी ने भारतीय समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। टीना दलित समाज से हैं और अतहर कश्मीरी मुसलमान। कश्मीरी दूल्हे से शादी रचाकर टीना ने सीमा क्षेत्र की राजनीतिक कटुता के विरुद्ध भी नई पीढ़ी को अपना आइडियल बना लिया है।

आमिर कश्मीर के अनंतनाग जिले के रहने वाले हैं। पहलगाम में जहां उनकी शादी हुई वह जगह उनके गांव देवेपोरा मत्तन से कुछ ही घंटे दूर है। सूत्रों के मुताबिक यह शादी परंपरागत कश्मीरी रीति रिवाजों के साथ संपन्न हुई। शादी में टीना ने सिल्वर कलर का लहंगा पहन रखा था वहीं आमिर ने सुनहरे रंग का सूट और पगड़ी। टीना और आमिर दोनों ने मसूरी में साथ में ट्रेनिंग की और एक साथ राजस्थान कैडर चुना। ट्रेनिंग के दौरान ही दोनों को प्यार हुआ और दोनों ने साथ जिंदगी निभाने का वादा कर लिया। टीना अभी राजस्थान के किशनगढ़ की एसडीएम हैं।

वैसे टीना एक ऐसी बेटी हैं, जिनको उनकी मां हिमाली डाबी अपना पहला आइडियल मानती हैं। टीना के आइएएस टॉप करने के दिनों को याद करती हुईं हिमाली डाबी बताती हैं कि जब उन्हें पता चला कि बेटी ने टॉप किया है, उनकी आखें छलक उठी थीं। उस वक्त उन्होंने 'माई डॉटर इज माई हीरो' लिखा बिल्ला अपनी कुर्ती पर चस्पा कर लिया था। उन्होंने टीना की पढ़ाई के लिए वीआरएस ले लिया और काफी समय तक टीना की पढ़ाई सकुशलता से पूरी हो जाने तक उसी एक अदद सबसे जरूरी काम में जुटी रहीं।

टीना अतहर के बारे में उनसे बात करती रहती थी। अतहर टीना के अच्छे दोस्त थे और वो दूसरे दोस्तों की तरह टीना से मिलने आते रहते थे। टीना ने मुझे बताया कि अतहर उनसे शादी करना चाहते हैं। दोनों के अलग धर्म के होने के बारे में मैंने एक पल के लिए भी नहीं सोचा। अतहर से मैं कई बार मिली और मुझे वो काफ़ी अच्छे लगे। मेरी बेटी उनके साथ ख़ुश रहेगी इससे ज़्यादा और एक मां को क्या चाहिए? वो एक अच्छे इंसान हैं और मेरे लिए वही काफ़ी है।

टीना डाबी बताती हैं कि वैसे तो दोनों की मुलाकात मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान हुई लेकिन दिल्ली में एक पुरस्कार समारोह के दौरान जब दोनों को सम्मानित किया जा रहा था, आमिर उसी शाम उनके घर पर पहुंच गए और फिर मुलाकातों का एक लंबा सिलसिला सा चल पड़ा। वह जब पहली बार अतहर से मिलीं, एक नजर में ही उन्हें अपना दिल दे बैठी थीं। अतहर बेहद अच्छे इंसान हैं। उनके माता-पिता को उनकी मोहब्बत पर कोई ऐतराज नहीं है। आमिर के माता-पिता भी उनकी इस पसंद पर खुश हैं। एक स्वतंत्र सोच रखने वाली महिला होने के नाते वह अपने फैससे खुद ले सकती हैं।

2015 का जिक्र करती हुी टीना बताती हैं कि वे दोनों एक-दूसरे को मई से डेट कर रहे थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'तीन महीने तक मैंने उन्हें रोका, परेशान किया और उसके बाद शादी करने का निर्णय लिया। अतहर मुझे बहुत प्यार करते हैं, ख़्याल रखते हैं, मुझे हर काम में आगे रखते हैं और मेरी सुविधा का पूरा ख़्याल रखते हैं और वो काफ़ी मच्योर हैं। वो मेरे बेस्ट फ़्रैंड भी हैं और मुझे उनकी ड्रेसिंग सेंस भी काफ़ी पसंद है। मैं शुरू से ही टॉपर रही हूं। मुझे तैयारी में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। मुझे घंटों तक पढ़ने की आदत पहले से ही है। मेरे लिए लगातार 8-9 घंटे तक पढ़ना उतना कठिन नहीं रहा। हां, जैसा सभी को होता है मुझे भी लगातार पढ़ते हुए कई बार बोरियत होने लगती थी। अपने दोस्तों से नहीं मिल पाती थी।'

वह आगे कहती हैं, 'मेरे घरवालों ने ऐसे समय मेरा ध्यान पढ़ाई से हटाकर और चीजों में लगाया। इसके लिए मैंने कोचिंग ली। दोस्तों के साथ मिलकर भी मैंने तैयारी की थी। मुझे अपने ऊपर भरोसा था कि इस परीक्षा को मैं पास कर लूंगी, मगर टॉप करूंगी, यह नहीं पता था। जब से मैंने होश संभाला, तभी से मैं यूपीएससी की परीक्षा देना चाहती थी। शायद यही वजह थी कि मैं उसी लाइन पर चलती रही। डीयू के लेडी श्रीराम कॉलेज में मैंने पॉलिटिकल साइंस ली और उसमें टॉप किया। इससे मेरा आत्मविश्वास और बढ़ा। अपनी पढ़ाई के अलावा मैं कई दूसरे विषयों की किताबें भी पढ़ती रहती हूं।'

उन्होंने कहा, 'जैसे ही रिजल्ट आया और मां को मैंने बताया कि मैंने यूपीएससी टॉप किया है, मेरी मां रो पड़ीं। उनके आंसू काफी देर तक नहीं रुके और रोते हुए मां ने मुझे गले से लगा लिया। मेरी मां टेलीकॉम सेक्टर में इंजीनियर थीं। पहले वह साइंस चुन रही थीं लेकिन, मां ने कहा कि वह आर्ट्स में बहुत अच्छी हैं, इसलिए उन्होंने आर्टस के सब्जेक्ट चुने। उनको 12वीं में भी पॉलिटिकल साइंस और इतिहास में सौ में से सौ नंबर मिले थे। भारतीय राजनीति में उनकी गहरी रुचि है। संसदीय प्रक्रिया और भारतीय संविधान की उनकी गहरी समझ है। कॉलेज में वह समय-समय पर आयोजित कार्यक्रमों में स्पीकर के तौर पर राजनीति से जुड़े अपने विचार रखती रही हैं।'

नवविवाहित दांपत्य से खुश अतहर कहते हैं कि उन्होंने तो टीना जैसा स्वीट इंसान कभी नहीं देखा। वह उन्हें देखते ही फ़िदा हो गए थे। वह अपने आपको बहुत ख़ुशकिस्मत समझते हैं कि टीना उनकी ज़िंदगी में आई हैं। उन्हें टीना की मुस्कुराहट, हर किसी के बारे में उनकी अच्छी सोच, उनके ख़्यालात, बातचीत करने का अंदाज़ बहुत अच्छा लगता है। शादी के लिए कैसे प्रपोज़ किया, इस बात को वह राज़ ही रहने देना चाहते हैं। वह कहते हैं कि धर्म का इस्तेमाल इंसानों को जोड़ने के लिए करना चाहिए, न कि तोड़ने के लिए। हमें इंसान को उसकी अच्छाइयों से पहचानना चाहिए, न कि उसकी जात-पांत से।

टीना भी कहती हैं, 'कुछ लोगों ने जातिगत टिप्पणी भी की, कुछ लोगों ने धर्म को लेकर भी सवाल किए लेकिन मेरा का मनाना है कि प्रेम करना कोई गुनाह नहीं है।' 

उनके रिश्ते के विरोध में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के लोग इसे लव जेहाद कहते हुए ललकारने लगे थे लेकिन दोनों ने उनकी कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया। सिविल सर्विस एग्जाम में टॉप करने वाली वह पहली दलित लड़की हैं। उनके प्यार की ताकत के आगे किसी की एक न चली। अब तो वह जीवन भर के लिए एक-दूजे के हो चुके हैं।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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