इसलिये किसी भी स्टार्टअप में इंटर्न की नियुक्ति इतनी अहम होती हैे

(यह लेख मूलतः अंग्रेजी में लिखा गया है और इसकी लेखिका एलिना बेनी हैं)

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अगर मैं आपका ध्यान आपकी टीम से गायब एक महत्वपूर्ण अंग की ओर दिलवाऊँ तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी? क्या आपको यकीन है कि इस वजह से आप कई महत्वपूर्ण अवसरों पर वंचित नहीं रहे हैं? क्या आप इस बारे में बिल्कुल आशवस्त हैं कि आप अपनी कंपनी को नई बुलंदियों तक पहुंचाने के लिये सुनिश्चित करने की दिशा में जो कुछ कर सकते हैं आपने वह सब कुछ बिल्कुल ठीक तरीके से किया है?

अगर आप एक स्टार्टअप के संस्थापक हैं और आप अपने काम के जरिये जीवन के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने को आतुर हैं तो आपको समय के साथ ताल से ताल मिलाकर चलने की अहमियत का अंदाजा होगा। इसके अलावा आपको यह भी मालूम होगा कि वर्तमान समय में खुद को आधुनिक और समय के साथ बनाये रखना कितना जरूरी है। आपको अपने व्यापार को सफल बनाने के लिये घड़ी की सुईयों को भूलकर काम करना पड़ता है और कभी उपभोक्ताओं के साथ बैठकों के लिये तो कभी एमवीपी पाने के लिये पूरी रात मेहनत करना, कभी निवेशकों के साथ होने वाली बैठकें तो कभी काम शुरू करने की पूर्व संध्या पर प्रेत की तरह काम करते हुए यह सुनिश्चित करना कि अगले दिन होने वाले कार्यक्रम को पूरा समर्थन मिल सके .... और यह अनंत प्रक्रिया ऐसे ही चलती रहती है।

जी नहीं, न तो में कोई व्यवसायी हूँ और न ही मैं किसी कोर टीम का सदस्य हूँ। यहां तक कि 2016 की गर्मियों तक तो मैं स्नातक हो पाने में भी सफल नहीं रहूंगा। तो फिर मैं कौन हूँ? मैं एक ऐसी इकाई हूँ जो सीखने और सतत सीखने में विश्वास रखती है और इसके अलावा एक ऐसा व्यक्ति हूँ जो अपनी मेहनत के बूते पर अपना मुकाम हासिल करते हैं। मैं नवोत्पाद की नई नस्ल का सारथी हूँ। मैं एक स्टार्टअप इंटर्न हूँ।

धावक बनाम मैराथाॅनर

एक धावक और एक मेराथाॅनर दोनों ही खिलाड़ी है और दोनों की दौड़ लगाते हैं। लेकिन दोनों की समानताएं बस इसी एक बिंदु पर आकर समाप्त हो जाती हैं। जहां इनमें से एक अपने गठीले बदन और आकर्षक व्यक्तित्व के चलते 80 के दशक के फिल्म स्टार की तरह दिखता है तो दूसरा ऐसा लगता है जैसे वह अल्पाहार पर ही अपना जीवन गुजार रहा हो।

आप पाएंगे कि इनमें से धावक विशेषज्ञ है। उसके पास दिमाग है। वह मुंह खोलकर बोलता है और अपाने काम के बदले एक मोटी रकम लेता है। और मैराथाॅनर? वास्तव में वह इंटर्न है।

एक संस्थापक के रूप में आपको मालूम होता है कि आपके हाथ तंग हैं और आपको बहुत कम समय में ही तरक्की की राह पर चलना है। तो ऐसे में आप अपनी खूबियों, कमजोरियों, अवसरों और सामने आने वाले खतरों (SWOT) का विश्लेषण करते हैं और अपने आप से कहते हैं, ‘‘अरे नहीं, मुझे तो एक धावक की आवश्यकता है।’’ लेकिन धावक एक बहुत छोटी सी अवधि के लिये प्रदर्शन करने के हिसाब से तैयार होते हैं। इन्हें जल्द प्रतिक्रिया देते हुए तुरंत परिणाम देने के हिसाब से प्रशिक्षित किया जाता है और इसलिये ये बहुत जल्दी थक जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, हो सकता है कि मेराथाॅनर इन धावकों से आकार में आधा होने के अलावा अधिकतर मामलों में इनकी तरह तुरंत परिणाम न दे सकता है लेकिन यह बात तो आपको माननी पड़ेगी कि वे बिना रुके लगातार कई घंटों तक दौड़ सकते हैं। और ऐसा वे सिर्फ अपने हल्के बदन की वजह से ही नहीं कर पाते हैं।

एक धावक के मामले में वह अपनी ऊपरी काया पर बहुत अधिक मेहमन करता है क्योंकि उसे मालूम होता है कि उसे प्रारंभिक रेखा से तेजी से शुरू करके जल्द से जल्द उस दौड़ को खत्म करना है। उसके लिसे सबकुछ संतुलन में होना जरूरी है। आपको एक और बात की जानकारी होती है, अगर आपने अपने यहां एक धावक को रखा है तो उसे प्रदर्शन करना ही होगा। यकीनन वह अच्छा प्रदर्शन करेगा लेकिन इसके लिये आपको उसके काम और जीवन के बीच के संतुलन को साधने के अलावा उसे समय-समय पर विदेशों में छुट्टियां मनाने की आजादी देनी होगी। और अगर आप ऐसा करने में असफल रहते हैं तो आपको अपने लियेएक दूसरे धावक की तलाश शुरू करनी होगी। इतना सबकुछ करने के बाद भी और उसकी सभी आवश्यकताओं का भीलीभांति ध्यान रखे जाने के बावजूद भी हो सकता है वह और अधिक बड़े पुरस्कार के लालच में आपको छोड़कर किसी दूसरी प्रतियोगिता में दौड़ने के लिये चला जाए।

एक मैराथाॅनर - वह तो अपने शरीर पर अतिरिक्त वजन के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता। उसे अपनी पूरी 42 मिलोमीटर की दौड़ को पूरा करने के लिये अपने शरीर पर सिर्फ 150 पाउंड का ही वजन चाहिये। तो ऐसे में जो भी अतिरिक्त मांसपेशियां या वसा उसके शरीर में जमा हेाती हैं वह उन्हें रास्तें में फेंकता चलता है। उसके लिये स्थिरता ही सबकुछ है। देखने में हल्का-फुल्का, वह धीमा हो सकता है लेकिन वह स्थिर है। वह लगातार अपने कौशल को निखारने और नित नया सीखने में लगा रहता है। वह अपने भुगतान के बारे में भी अधिक नहीं सोचता है।

शक्ति या सहनशीलता? कहना कठिन है..

जब आप कोई व्यवसाय शुरू कर रहे होते हैं तो आप प्रारंभिक समय में माकेर्टिंग के लिये बड़े नामों या डिजाइनर या मशहूर लोगों को लाखों की रकम का भुगतान करके अपने साथ जोड़ने की स्थिति में नहीं होते हो। लेकिन फिर भी आपकोे गुणवत्ता के साथ समझौता किये बिना सभी कामों को करना होता है।

रुकिये, क्या आपने यह सुना?

उन फैशन और वित्त कंपनियों के दरवाजों के पीछे की हलचल आपने कभी महसूस की क्या? जी हां, आप बिल्कुल सही हैं! इंटन्र्स! ये लो इन इंटर्न को अपने साथ लेने के लिये हमेशा से ही कुख्यात रहे हैं। और ये लोग इन्हें सिर्फ अपनी टीम की शोभा बढ़ाने के लिये ही शामिल नहीं करते बल्कि इसके पीछे भी इनका अपना स्वार्थ छिपा होता है। ऐसा इसलिये होता है क्योंकि ये इंटर्न कम मांगों वाले और उच्च मूल्यों वाले होने के अलावा एक नए दृष्टिकोंण से परिपूर्ण होते हैं और इनका दिमाग कभी नए विचारों से खाली नहीं होता है। इसके अलावा इनमें से कई महत्वाकांक्षी सिर्फ अधिक से अधिक सीखने का लक्ष्य लेकर आते हैं।

आईये अब अपनी टीम में शामिल इन उज्जवल सदस्यों पर नजर डालें। यकीनन उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में कुछ समय तो लगेगा लेकिन काम में पूर्णता पाने की इनकी तेजी देखकर हैरान रह जाएंगे।

कंपनियों के लिये दूसरों को काम पर रखने को आसम करने में मदद करने वाले व्यापक परीक्षण उत्पाद तेयार करने वाली ‘डूसिलेक्ट’ सहसंस्थापक संकेत सौरव का कहना है कि, ‘‘मैंने भावी उपभोक्ताओं के बारे में खुफिया जानकारी एकत्रित करने वाली एप्लीकेशन ‘वाइब’ की निर्माता कंपनी प्रोफाउंडिस के साथ एक वेब डेवलपर इंटर्न के रूप में वर्ष 2013 में काम करना शुरू किया था। मैं उनके द्वारा प्रयोग की जाने वाली तकनीकों से परिचित था लेकिन वह उस समय मेरी जानकारी की हद थी। मैंने संघर्ष किया और अधिक से अधिक सीखने का प्रयास करता रहा और बाद में उस एप्लीकेशन के निर्माण के समय मेरे द्वारा तैयार किये गए कोड का इस्तेमाल किया गया। इसके एक वर्ष बाद मैंने ‘डूसिलेक्ट’ की नींव रखी। मेरी अपनी टीम में भी चार इंटर्न हैं। मालूम है क्यों? क्योंकि मैंने एक सफल कंपनी को तैयार करने के गुर प्रोफाउंडिस में एक इंटर्न के रूप में काम करते हुए ही सीखे थे।’’

इस सच्चाई से भी कोई इंकार नहीं कर सकता कि स्टार्टअप की मार्केर्टिंग के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। अबसे कुछ वर्षो पहले तक कंपनियां अपने किसी उत्पाद के बारे में वेबसाइट तैयार करने को लेकर बंहद सशंकित रहती थीं और सोशल मीडिया पर मार्केटिंग करने की बात को तो एक मजाक के रूप में लिया जात था। आज के समय में मौजूदा रुझानों और प्रवृत्तियों को पहचानते हुए शीर्ष पर रहने के लिये आपको समय से आगे की सोच रखने वाली एक टीम की आवश्यकता है। वास्तव में यही एक बात ह जो आज के समय में मायने रखती है। एक अच्छी टीम आपको एक अच्छा उत्पाद तैयार करने में मदद करती है। इसके अलावा एक महान टीम आपको एक परंपरा तैयार करने में सक्षम बनाती है।

जी हाँ, आपको उन नामचीन लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिये, एक बड़ी तस्वीर देखने में मदद करने के लिये, अपनी बाकी टीम को प्रेरित करने के लिये और एक ऐसे समय में जब आपकी संख्या तेजी से घट रही हो आपको एक धावक की ही जरूरत होती है। लेकिन जब आपको कठिन परीक्षण पास करने हों, उन थकाऊ एक्सल शीटों को भरना हो, रचनात्मक ब्लाॅग लिखने हों, या कुछ भी ऐसा करना हो जो बेहद जरूरी है और आपकी पूरी टीम हार मान चुकी हो तो आपको मैराथाॅनर की ही जरूरत होती है।

प्रत्येक स्टार्टअप को कम से कम 10 धावकों सापेक्ष में एक मैराथाॅनर की आवश्यकता होती है। तो अगली बार जब भी आप भर्तियां कर रहे हों आप लोग, ‘‘मैं भी यहां पर हूँ। मैं कुछ भी कर सकता हूँ,’’ कहने वालों पर भी ध्यान दें। क्यों? क्योंकि हम यहां पर एक लंबा समय व्यतीत करने आए हैं ओर अभी तो हमारी बस एक शुरुआत है।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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